सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन 2020 खिताब जीता

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Australian Open 2020: सर्बिया के नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) रविवार को ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतकर सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम करने वाले पुरुष टेनिस खिलाड़ियों की सूची में स्पेन के राफेल नडाल और स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर के काफी पास पहुँच गए हैं।
इसके साथ ही नोवाक जोकोविच आठ खिताब जीतने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। नोवाक जोकोविच ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष सिंगल्स का खिताब ऑस्ट्रिया के डॉमिनिक थिएम को पांच सेटों में हराकर जीता ।
इसके अलावा नोवाक लगातार तीन अलग-अलग दशकों में ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पुरुष सिंगल्स टेनिस खिलाडियों में पहले टेनिस खिलाड़ी भी बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के केन रोजवेल ने 1950 से 1970 के बीच 3 अलग-अलग दशकों में ग्रैंड स्लैम खिताब जीते लेकिन ये सभी ओपन एरा में नहीं आए।

उपरोक्त समाचार से आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • ग्रैंड स्लैम के चार सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक टेनिस टूर्नामेंट:-
  1. ऑस्ट्रेलियन ओपन
  2. फ्रेंच ओपन
  3. विंबलडन
  4. यूएस ओपन

Union Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया केंद्रीय बजट 2020-21

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार दूसरी बार संसद में केन्द्रीय बजट 2020-21 पेश किया हैं। केन्द्रीय बजट 2020-21 के मुख्य बिन्दुओं में एक ऐसे महत्वाकांक्षी भारत की जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया गया है, जहां समाज के सभी हिस्सों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बेहतर रोजगार तक पहुंच के साथ-साथ बेहतर जीवन स्तर मिले। केंद्रीय बजट वार्षिक एक वित्तीय रिपोर्ट है, जिसमें सतत विकास और वृद्धि के लिए सरकार द्वारा भविष्य में अपनाई जाने वाली नीतियों को रेखांकित करने के लिए आय और व्यय का आकलन पेश किया जाता है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने 31 जनवरी 2020 को आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 जारी किया गया था। अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6 से 6.5% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। 

इस बार का केंद्रीय बजट 2020-21 तीन विषय पर आधारित हैं:
  • उम्मीदों का भारत
  • इकोनॉमिक डेवलेपमेंट 
  • और केयरिंग समाज

केंद्रीय बजट 2020-21 की मुख्य बातें :

  • अब 5 लाख से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर 20% की बजाय केवल 10% टैक्स लगेगा।
  • 7.5 लाख-10 लाख रुपये तक की आय पर 20% की बजाय केवल 15% टैक्स लगेगा।
  • 10-12.5 लाख, रुपये तक की आय पर 30% की बजाय केवल 20टैक्स लगेगा।
  • 12.5 लाख-15 लाख रुपये तक की आय पर 30% की बजाय केवल 25टैक्स लगेगा।
  • 15 लाख रुपये से अधिक आय वालों को 30% टैक्स का भुगतान करना होगा।
  • 2024-25 तक मत्‍स्‍य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना।
  • 2022-23 तक देश में 200 लाख टन मत्‍स्‍य उत्‍पाद का लक्ष्‍य।
  • 3,477 मित्रों और 500 मत्‍स्‍य पालन कृ‍षक संगठनों द्वारा युवाओं को मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र से जोड़ना।  
  •  शैवालों और समुद्री खरपतवारों की खेती तथा केज कल्‍चर को प्रोत्‍साहित करना
  • पीएम-कुसुम का विस्‍तार -· योजना के तहत 20 लाख किसानों को सौर ऊर्जा पंप लगाने में मदद। अतिरिक्‍त 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े पंप सैटों को सौर ऊर्जा चलित बनाने में मदद करना।
  • भारतनेट के माध्यम से इस वर्ष 1 लाख ग्राम पंचायतों को फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) से जोड़ा जाएगा।
  • जन औषधि केन्‍द्र योजना के तहत वर्ष 2024 तक सभी जिलों में 2000 दवाओं और 300 शल्‍य चिकित्‍सा की पेशकश की जाएगी।
  • टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान शुरू किया गया – वर्ष 2025 तक तपेदिक को समाप्‍त करने की प्रतिबद्धता।
  • जल जीवन मिशन के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये मंजूर 
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना (पीएम जय) के लिए 6400 करोड़ रुपये (69,000 करोड़ रुपये में से) का आवंटन :
  • दीनदयाल अंत्‍योदय योजना – गरीबी उन्‍मूलन के लिए 58 लाख एसएचजी के साथ 0.5 करोड़ परिवारों को जोड़ा गया।
  • वित्‍त वर्ष 2020-21 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपये और कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये का आवंटन।
  • नई शिक्षा नीति की घोषणा जल्‍द ही की जाएगी।
  • पुलिस संबंधी विज्ञान, फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर-फॉरेंसिक, इत्‍यादि के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय पुलिस विश्‍वविद्यालय और राष्‍ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव किया गया है।  
  • 2020-21 में ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए 22000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
  • राष्ट्रीय गैस-ग्रिड को वर्तमान के 16200 किलोमीटर से 27000 किलोमीटर के विस्तार का प्रस्ताव।
  • उड़ान योजना के तहत 100 और हवाई अड्डों को 2024 तक पुनर्विकसित किया जाएगा।
  • इसी अवधि के दौरान हवाई जहाजों की संख्या वर्तमान के 600 से 1200 हो जाने की उम्मीद।
  • अधिक कार्यदक्ष पत्तनों के लिए वैश्विक मानदंडों के अनुरूप सरकार की नीतिगत रूपरेखा।
  • प्रधानमंत्री के अर्थ गंगा संकल्पना के अनुरूप नदी के तटों पर आर्थिक गतिविधियों को तेज किया जाएगा।
  • रेल पटरियां के किनारे सौर ऊर्जा की उच्च क्षमता स्थापित की जाएगी।
  • 4 स्टेशनों की पुनर्विकास परियोजनाएं और पीपीपी के माध्यम से 150 यात्री ट्रेनों का संचालन।
  • आईकॉनिक पर्यटन गंतव्य को जोड़ने के लिए तेजस जैसी ट्रेने।
  • मुम्बई और अहमदाबाद के बीच हाईस्पीड ट्रेन पर सक्रियता से काम।
  • 148 किलोमीटर लम्बी बेंगलुरु उप-नगरीय परिवहन परियोजना के लिए 18,600 करोड़ रुपये, मेट्रो प्रारूप के अनुसार किराया तय किया जाएगा। केन्द्र सरकार 20 प्रतिशत का लागत वहन करेगी और परियोजना लागत का 60 प्रतिशत बाहरी सहायता से उपलब्ध कराने की सुविधा देगी।
  • 2020-21 में भारतनेट कार्यक्रम के लिए 6000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और दो अन्य पैकेज 2023 तक पूरे हो जाएगे।
  • चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे की शुरूआत होगी।
  • 6000 किलोमीटर से अधिक की लम्बाई वाले 12 राजमार्ग समूहों के मुद्रीकरण का प्रस्ताव।
  • 31 दिसंबर, 2019 को 103 लाख करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाएं लांच की गई।
  • विकास के चरण और आकार के आधार पर 6500 से अधिक परियोजनाओं का वर्गीकरण किया जाएगा।
  • नए और उभरते क्षेत्रों समेत विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में ज्ञान अनुवाद क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।
  • अवधारणा के साक्ष्य की डिजाइनिंग, इनके निर्माण और वैधीकरण के लिए और इन टेस्ट बेड्स को संपोषित करते हुए प्रौद्योगिकी कलस्टरों का स्तर आगे बढ़ाने के लिए छोटे पैमाने पर विनिर्माण कार्य सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।
  • स्टार्टअप्स के पहले चरण के उद्भावन और विकास को बढ़ावा देने के लिए सीड फंड सहित प्रारम्भिक निधि पोषण प्रदान करने का भी प्रस्ताव है।
  • पर्यटन संवर्द्धन के लिए वर्ष 2020-21 हेतु 2,500 करोड़ रुपये का आवंटन।
  • वर्ष 2020-21 के लिए संस्कृति मंत्रालय हेतु 3,150 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया।
  • संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया। इसे प्रारंभ में मानद विश्वविद्यालय का दर्जा भी प्राप्त होगा।
  • प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2020 में कोलकाता के भारतीय संग्रहालय के पुनरूद्धार की घोषणा की गई।
  • अहमदाबाद के निकट हड़प्पा युग के नौवहन स्थल – लोथल में पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा एक पोत संग्रहालय की स्थापना की जाएगी।
  • राज्य सरकारों के द्वारा कुछ चिन्हित स्थानों के लिए एक योजना तैयार किए जाने की उम्मीद है। 2021 के दौरान वित्तीय योजना तैयार की जाएगी, जिसके तहत 2020-21 में राज्यों को विशिष्ट अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
  • वर्ष 2020-21 के लिए इस उद्देश्य हेतु 4,400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
  • अत्यधिक मात्रा में कार्बन उत्सर्जन करने वाले विद्युत संयंत्रों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप उन्हें चलाने और उनके लिए खाली भूमि का वैकल्पिक उपयोग करने का प्रावधान।
  • 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले बड़े नगरों में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के द्वारा बनाई जा रही योजनाओं को कार्यान्वित करते हुए प्रोत्साहन दिया जाएगा। 
  • अत्याधुनिक डाटा संग्रहण, समेकित सूचना पोर्टल और समय से सूचना के प्रसार की दिशा में एक कार्य योजना।
  • भारत में 2022 में आयोजित होने वाले जी-20 की अध्यक्षता के लिए तैयारियां शुरू करने हेतु कुल 100 करोड़ रुपये आवंटित।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकासः
  •  केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख का विकासः
  • वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 30,757 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए 5958 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • 10 बैंकों को 4 बैंकों में परिणत किया गया।
  • 3,50,000 करोड़ रुपये की पूंजी दी गई।
  • जमा बीमा तथा क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीडीसी) ने जमा बीमा दायरे को प्रति जमाकर्ता 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की अनुमति दी।
  • एक्सिम बैंक और सिडबी द्वारा 1000 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई।
  • प्रौद्योगिकी उन्नयन, अनुसंधान एवं विकास, कारोबार की कार्यनीति आदि के लिए सहायता।
  • कारपोरेट बांडों में एफपीआई की सीमा को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया।
  • 103 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइप लाइन परियोजना की घोषणा की गई।
  • आईआईएफसीएल तथा एनआईआईएफ जैसी अवसंरचना वित्त कंपनियों की सहायता के लिए 22000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।
  • मौजूदा छूट और कटौतियों (100 से अधिक) में से लगभग 70 को नये सरलीकृत प्रणाली में हटा दिया जाएगा।
  • 15 प्रतिशत कर दर नई बिजली उत्‍पादन कंपनियों को प्रदान किया जायेगा।
  • 100 करोड़ रुपये तक के कुल कारोबार वाले स्‍टार्ट अप को 10 वर्षों में से लगातार तीन आकलंन वर्ष के लिए 100%  छूट का लाभ
  • कम नकदी वाली आर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देने के लिए कुल कारोबार की उच्‍चतम सीमा में पांच गुना वृद्धि करके मौजूदा 1 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्‍ताव।
  • प्राथमिताओं वाले क्षेत्र में विदेशी सरकारों के सॉवरिन धन कोष द्वारा निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए उनके द्वारा 31 मार्च 2024 से पहले और न्‍यूनतम तीन वर्षों की लॉक-इन अवधि के साथ अवसंरचना और अन्‍य अधिसूचित क्षेत्रों में किए गए निवेश के संबंध में उनके ब्‍याजलाभांश और पूंजीगत लाभों को 100% छूट देने का प्रस्‍ताव।
  • सस्‍ते मकान की खरीद हेतु लिए गए ऋणों को देय ब्‍याज में 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्‍त छूट को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है।
  • 31 मार्च 2021 तक अनुमोदिन सस्‍ते मकान की परियोजना के विकासकर्ता द्वारा अर्जित लाभों पर टैक्‍स हॉलिडे का प्रावधान।
  • प्रत्‍यक्ष कर से संबधित मुकदमेबाजी को कम करने के लिए 30 जून 2020 की समय सीमा के साथ विवाद से विश्‍वास’ योजना।
  • ब्‍याज और जुर्माने में छूट- केवल 31 मार्च 2020 तक भुगतान के लिए विवाद कर का भुगतान।
  • 31 मार्च 2020 के बाद लाभ लेने पर अतिरिक्‍त रकम का भुगतान।
  • 1 अप्रैल 2020 से परीक्षण के तौर पर सरलीकृत विवरणी का क्रियान्‍वयन किया जाएगा। इस विवरणी को फाइल करना आसान बनाया जाएगा। इसकी विशेषताओं में शून्‍य विवरणी के लिए एसएमएस आधारित फाइलिंगविवरणी पूर्व फाइलिंग उन्‍नत इनपुट कर क्रेडिट प्रवाह और समग्र सरलीकरण संग्रह।
  • उल्‍टे कर ढांचे से निपटने के लिए जीएसटी दर ढांचे को युक्तिसंगत बनाया जाएगा।
  • सीमा शुल्‍क को फुटवियर पर 25से बढ़ाकर 35करने और फर्निचर वस्‍तुओं पर 20से बढ़ाकर 25करने का प्रावधान।
  • न्‍यूज प्रिंट और हल्‍के कोटेड पेपर के आयात पर बुनियादी आयात शुल्‍क को 10से घटाकर 5किया गया।
  • चिकित्‍सा उपकरणों के आयात पर 5% स्‍वास्‍थ्‍य उपकर जो बीसीडी से छूट से अतिरिक्‍त होगा।
  • वस्‍तुओं की डंपिंग को रोकने और सब्सिडीयुक्‍त वस्‍तुओं के आयात पर लगाम लगाने के लिए प्रावधानों को सुदृढ़ किया जाएगा।
  • क्राउड सोर्सिंग के लिए सीमा शुल्‍क से छूट की समीक्षा का सुझाव।
  • कपड़ा क्षेत्र को लाभ देने के लिए पीटीए पर डंपिंगरोधी शुल्‍क खत्‍म।
  • डिजिटल गवर्नेंस के जरिए सेवाओं की निर्बाद डिलिवरी।
  • नेशनल इंफ्रास्‍ट्रचर पाइपलाइन के जरिए जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार।
  • आपदारोधी के जरिए जोखिम को दूर करना।
  • पेंशन एवं बीमा में विस्‍तार  के जरिए सामाजिक सुरक्षा।

केंद्रीय बजट 2020-21 के बारे अधिक जानकारी के लिए: Click here 

          वायुसेना के एएन-32 विमान ने देश में तैयार बायो-जेट ईंधन से भरी सफलतापूर्वक उड़ान

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          भारतीय वायु सेना के एएन -32 विमान ने बायो-जेट ईंधन के 10% मिश्रण से लेह हवाई अड्डे से उड़ान भरी और सफलतापूर्वक लेंडिंग की। यह पहली मौका था जब किसी विमान के दोनों इंजन बायो-जेट ईंधन से कार्य कर रहे थे । जैव-ईंधन “वृक्षों द्वारा प्राप्त तेल (Tree-Borne oils) की सहायता से तैयार किया जाएगा। ईधन के लिए कच्चे माल को छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों से उगाया और प्राप्त किया जाता है। यह कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता को कम करने में मदद करेगा और साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मददगार साबित होगा। 
          उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
          • भारत के एयर चीफ मार्शल: राकेश कुमार सिंह भदौरिया।
          • भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य: Nabha Sprsham Deeptam (The Glory that touches the sky).

          सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली विद्या बाल का निधन

          about - Part 2859_8.1
          सामाजिक कार्यकर्ता, नारीवादी लेखक और पत्रकार विद्या बाल का निधन। वह महिलाओं को सामान अधिकार दिलाने वाले अपने साहसी प्रयासों के लिए जानी जाती थीं। वह महिलाओं को पुरुषों समान दर्जा दिलाने के लिए लड़ने वाली अग्रणी सेनानी थीं। उन्होंने सभी हिंदू धार्मिक स्थानों में महिलाओं को प्रवेश दिलाने के लिए कानून लागू करने की मांग करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उनकी दायर जनहित याचिका महाराष्ट्र हिंदू प्लेस ऑफ उपासना अधिनियम, 1956 के तहत शनि शिंगनापुर मंदिर में महिलाओं के प्रतिबंध के खिलाफ थी। उन्होंने मंदिर में प्रवेश के अलावा महिलाओं के अधिकार के मामले भी उठाए।
          शनि शिंगनापुर के अलावा, उन्होंने धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश के लिए कई कानूनी लड़ाई भी लड़ी हैं। उन्होंने प्रसिद्ध कमलाकी और वलवन्ततिल जैसी आत्मकथाएँ भी लिखी थी।

          गोवा में 2020 के राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर का किया गया अनावरण

          about - Part 2859_10.1
          गोवा के पणजी में आयोजित होने 2020 के राष्ट्रीय खेलों के आधिकारिक शुभंकर ‘रुबीगुला’, फ्लेम-थ्रोटेड बुलबुल (कलगी बुलबुल) का अनावरण किया गया है। कलगी बुलबुल गोवा का राज्य पक्षी भी है। गोवा 20 अक्टूबर से 4 नवंबर 2020 तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के 36 वें संस्करण की मेजबानी करेगा।

          उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

          • गोवा के मुख्यमंत्री: प्रमोद सावंत; गोवा के राज्यपाल: सत्य पाल मलिक
          • केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू

          WHO ने coronavirus प्रकोप के चलते अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल की कि घोषणा

          about - Part 2859_12.1
          विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन के कोरोनावायरस (coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के चलते अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल स्थिति की घोषणा की है। WHO ने आपातकाल की घोषणा coronavirus के 18 अन्य देशों में फैलने के कारण की हैं, जबकि इसकी शुरुआत चीन में हुई थी। साथ ही यह बीमारी मानव-से-मानव के संपर्क में आने फैल रही है। WHO के अनुसार, पूरे विश्व में 7,711 से अधिक मामलों की पुष्टि की गई और 12,167 संदिग्ध मामलों की जाँच की जा रही हैं। इस बीमारी के फैलने से इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) के पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी के मापदंड पूरे हुए हैं इसी आधार पर आपातकाल की घोषणा की गई है।
          उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
          • डब्ल्यूएचओ मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड; महानिदेशक: टेड्रोस एडहानॉम

          इसरो ने कम लागत वाले सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल्स विकसित करने की कि घोषणा

          about - Part 2859_14.1
          भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) ने घोषणा की हैं कि वह कम लागत वाले उपग्रह प्रक्षेपणयान (satellite launch vehicles) विकसित कर रहा है, जिनकी लागत लगभग 30-35 करोड़ होगी। ये कम लागत वाले प्रक्षेपणयान 500 किलोग्राम वजन वाले उपग्रहों को कक्षा में भेजने में सक्षम होंगे। यह क्षमता इसरो को एक बड़ा वाणिज्यिक बढ़ावा देगी क्योंकि यह बाजार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम खंडों को पूरा करने में सक्षम होगा। यह है कि अब इसरो केवल तीन सप्ताह में इन वाहनों का निर्माण कर सकता है।

          उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

          • इसरो के निदेशक: के.एस. सिवन; मुख्यालय: बेंगलुरु; स्थापित: 1969

          आर्थिक सर्वेक्षण 2020: Economic Survey के मुख्य बिंदु

          about - Part 2859_16.1
          वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (31 जनवरी 2020) संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 पेश किया। इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन द्वारा तैयार किया गया है।

          आर्थिक सर्वेक्षण 2020 का विषय : बाजार को सक्षम बनाना, व्यवसाय अनुकूल नीतियों को प्रोत्साहन देना तथा अर्थव्यवस्था में विश्वास को मजबूत बनाना: Wealth Creation, Promotion of pro-business policies, strengthening of trust in the economy है.

          इस रिपोर्ट के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी जिसमें मुख्य आर्थिक सलाहकार और उनकी टीम अगले वित्तीय वर्ष के आर्थिक रोडमैप पर चर्चा करेगी। ये सर्वेक्षण पिछले वर्ष देश की अर्थव्यवस्था में हुए विकास की समीक्षा है। इस सर्वेक्षण में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार द्वारा किए गए प्रमुख विकास कार्यक्रमों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है। साथ ही इसमें सरकार की मुख्य नीतिगत पहलों का भी विवरण दिया जाता है।

          आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के मुख्‍य बिंदु निम्‍नलिखित हैं:-

          • अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि 6 से 6.5% के बीच रखी गई है।
          • देश में ‘एसेम्‍बल इन इंडिया’ रोजगार पैदा करेगा।
          • वैश्विक निर्माण, व्यापार और मांग के लिए एक कमजोर माहौल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो गई जिसमें वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
          • चालू खाता घाटा (सीएडी) वर्ष 2018-19 के 2.1 से कम होकर 2019-20 की पहली छमाही में 1.5 पर आ गया है।
          • नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन 2019-2025 की घोषणा।
          • तनावग्रस्त रियल एस्टेट और एनबीएफसी क्षेत्रों के लिए विशेष ऋण की सुविधा।
          • दो योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत 2022 तक सभी के लिए आवास के लक्ष्‍य को हासिल करना है। सर्वेक्षण में बताया गया है कि पीएमएवाई-जी के तहत एक साल में बनने वाले घरों की संख्‍या पहले से चार गुना बढ़ गई है, जो 2014-15 में 11.95 लाख से बढ़कर 2018-19 में 47.33 लाख हो गई है।
          • दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत समाधान प्रक्रिया में सुधार आया ।
          • 2019-20 के प्रथम 8 महीने के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में, राजस्व प्राप्तियों में अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जो गैर-कर राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि से प्रेरित था।
          • वर्ष 2019-20 के दौरान (दिसंबर, 2019 तक), जीएसटी की कुल मासिक वसूली 5 गुणा बढ़कर 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। 
          • जीएसटी के कार्यान्वयन को आसान बनाने के उपाय किए गए।
          • राज्य वित्तीय सुदृढीकरण के मार्ग पर अग्रसर हैं और एफआरबीएम अधिनियम में निर्धारित लक्ष्यों के भीतर राजकोषीय घाटे को नियंत्रित किया है।
          • सर्वेक्षण में कहा गया है कि सामान्य सरकार (केंद्र और राज्य) राजकोषीय समेकन के मार्ग पर है।
          • भारत की बीओपी स्थिति में सुधार हुआ है। मार्च, 2019 में यह 412.9 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था, जबकि सितंबर, 2019 के अंत में बढ़कर 433.7 बिलियन डॉलर हो गया।
          • विदेशी मुद्रा भंडार 10 जनवरी, 2020 तक 461.2 बिलियन डॉलर रहा।
          • भारत के शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदार अमेरिका, चीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सउदी अरब और हांगकांग हैं।
          • भारत का सर्वाधिक आयात चीन से करना जारी रहेगा, उसके बाद अमेरिका, यूएई और सउदी अरब का स्थान है।
          • भारत के लिए मर्चेंटाडाइज आयात और जीडीपी अनुपात में कमी आई है जिसका बीओपी पर निवल सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
          • व्यापार सहायता के अंतर्गत 2016 की 143 रैंकिंग की तुलना में भारत ने 2019 में अपनी रैंकिंग में सुधार की और भारत की रैंकिंग 68 हो गई। विश्व बैंक द्वारा व्यावसायिक सुगमता रिपोर्ट में ‘ट्रेडिंग ए क्रॉस बोडर्स’ सूचकांक की निगरानी की जाती है।
          • वर्तमान में यह लगभग 160 बिलियन डॉलर का है। जिसके 2020 तक 215 बिलियन डॉलर तक होने की आशा है।
          • कुल एफडीआई आवक 2019-20 में मजबूत बनी रही, पहले आठ महीनों में 24.4 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित हुआ, जो 2018-19 की समान अवधि से अधिक था।
          • 2019-20 के पहले आठ महीनों में नेट एफपीआई 12.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
          • 2019-20 में परिवर्तित रही। धीमी वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के कारण वित्तीय वर्ष में लगातार चार एमपीसी बैठकों में रेपो दर में 110 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई।
          • गैर-बैंकिंग वित्तीय निगमों (एनबीएफसी) के लिए मार्च 2019 में 6.1 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर सितंबर, 2019 में 6.3 प्रतिशत हो गया।
          • बैंक ऋण वृद्धि अप्रैल 2019 में 12.9 प्रतिशत थी जो 20 दिसंबर, 2019 को 7.1 प्रतिशत हो गई।
          • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति 2018-19 (अप्रैल से दिसंबर, 2018) में 3.7 प्रतिशत से बढ़कर 2019-20 (अप्रैल से दिसंबर, 2019) में 4.1 प्रतिशत हो गई।
          • थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति 2018-19 (अप्रैल से दिसंबर, 2018) में 4.7 प्रतिशत से गिरकर 2019-20 (अप्रैल से दिसंबर, 2019) में 1.5 प्रतिशत हो गई।
          • भारत अच्छे तरीके से बनाए गए कार्यक्रम के माध्यम से एसडीजी क्रियान्वयन के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
          • भारत ने यूएनसीसीडी के तहत सीओपी-14 की मेज़बानी की, जिसमें दिल्ली घोषणाः भूमि में निवेश और अवसरों को खोलना अपनाया गया। वन और वृक्ष कवर वृद्धि के साथ यह 80.73 मिलियन हेक्टेयर हुआ और देश के 24.56 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में।
          • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) सदस्य देशों से 30 फेलोशिप को संस्थागत सहायक बनाकर
          • ‘फैसिलिटेटर’ को एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया से 2 बिलियन डॉलर का ऋण और एएफडी फ्रांस से 1.5 बिलियन डॉलर का ऋण प्राप्त हुआ।
          • इनक्यूबेटर ’सोलर रिस्क मिटिग इनिशिएटिव जैसी पहल का पोषण किया।
          • 1000 मेगावाट सौर तथा 2.7 लाख सौर जल पम्पों की कुल मांग के लिए उपाय ‘एक्सेलेटर’ विकसित किया
          • देश के कुल मूल्यवर्धन (जीवीए) में कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी गैर-कृषि क्षेत्रों की अधिक वृद्धि के कारण कम हो रही है, जो विकास प्रक्रिया का स्वभाविक परिणाम है।
          • कृषि वानिकी और मछलीपालन क्षेत्र से 2019-20 के बेसिक मूल्यों पर जीवीए में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
          • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में वृद्धि:
          • औसत वार्षिक विकास दर (AAGR) लगभग 5.06% रहा
          • 2018-19 (अप्रैल-नवंबर) के 5.0 प्रतिशत की तुलना में 2019-20 (अप्रैल-नवंबर) के दौरान औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
          • बिजली उत्पादन की स्थापित क्षमता बढ़ कर 31 अक्टूबर, 2019 को 3,64,960 मेगावाट हो गई, जो 31 मार्च, 2019 को 3,56,100 मेगावाट थी।
          • 31 दिसंबर, 2019 को जारी की गई राष्ट्रीय अवसंरचना पाइप लाइन के संबंध में कार्यबल की रिपोर्ट में भारत में वित्त वर्ष 2020 से 2025 के दौरान 102 लाख करोड़ रुपये के कुल अवसंरचनात्मक निवेश को प्रक्षेपित किया है।
          • सकल संवर्धन मूल्य और सकल संवर्धन मूल्य वृद्धि में इसका हिस्सा 55 प्रतिशत है।
          • भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का दो-तिहाई और कुल निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा।
          • 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 15 राज्यों में सेवा क्षेत्र का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक।
          • 2019-20 की शुरूआत में सेवा क्षेत्र में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में मजबूत बेहतरी देखी गई है।
          • केंद्र और राज्यों द्वारा सामाजिक सेवाओं (स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य) पर जीडीपी के अनुपात के रूप में व्यय 2014-15 में 6.2 प्रतिशत से बढ़कर 2019-20 (बजटीय अनुमान) में 7.7 प्रतिशत हो गया है।
          • माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक तथा उच्चतर शिक्षा स्तर पर सकल नामांकन अनुपात में सुधार की जरूरत है।
          • मिशन इन्द्रधनुष के तहत देशभर में 680 जिलों में 3.39 करोड़ बच्चों और 87.18 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ।
          • लगभग 60 प्रतिशत उत्पादकता आयु (15-59) ग्रुप पूर्ण कालिक घरेलू कार्यों में लगे हैं।
          • स्वछता संबंधी व्यवहार में बदलाव लाने तथा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की पहुंच बढ़ाने पर जोर देने के उद्देश्य से एक 10 वर्षीय ग्रामीण स्वच्छता रणनीति (2019-2029) की शुरूआत की गई।
          • सरकार के ठोस कदमों के ज‍रिए बाजारों को अनावश्‍यक रूप से नजरअंदाज करने वाली नीतियों को समाप्‍त करना, रोजगार सृजन के लिए व्‍यापार को सुनिश्चित करना, बैंकिंग सेक्‍टर का कारोबारी स्‍तर दक्षतापूर्वक बढ़ाना
          • उदारीकरण के बाद भारत की जीडीपी और प्रति व्‍यक्ति जीडीपी में उल्‍लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ धन सृजन भी हो रहा है।
          • आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि बंद पड़े सेक्‍टरों की तुलना में उदार या खोले जा चुके सेक्‍टरों की वृद्धि दर ज्‍यादा रही है।
          • एक सार्वजनिक वस्‍तु के रूप में भरोसे का आइडिया अपनाना जो अधिक इस्‍तेमाल के साथ बढ़ता जाता है।
          • उत्‍पादकता को तेजी से बढ़ाने और धन सृजन के लिए एक रणनीति के रूप में उद्यमिता
          • विश्‍व बैंक के अनुसार, नई कंपनियों की संख्‍या के मामले में भारत तीसरे पायदान पर रहा।
          • वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक की अवधि के दौरान औपचारिक क्षेत्र में नई कंपनियों की संचयी वार्षिक वृद्धि दर 12.2 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2014 तक की अवधि के दौरान यह वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत थी।
          • किसी जिले में नई कंपनियों के पंजीकरण में 10 प्रतिशत की वृद्धि होने से सकल घरेलू जिला उत्‍पाद (जीडीडीपी) में 1.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।
          • किसी भी जिले में साक्षरता और शिक्षा से स्‍थानीय स्‍तर पर उद्यमिता को काफी बढ़ावा देती है
          • यह असर सबसे अधिक तब नजर आता है जब साक्षरता 70 प्रतिशत से अधिक होती है।
          • जनगणना 2011 के अनुसार, न्‍यूनतम साक्षरता दर (59.6 प्रतिशत) वाले पूर्वी भारत में सबसे कम नई कंपनियों का गठन हुआ है।
          • एक ‘प्रो-व्यवसाय’ नीति को प्रोत्साहित करना जो प्रतिस्पर्धी बाजारों की क्षमता उत्पन्न करता है ताकि धन पैदा किया जा सके।
          • भारत सरकार का “स्टार्टअप इंडिया” अभियान भारत में उत्पादकता वृद्धि और धन सृजन को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में उद्यमिता की पहचान करता है।
          • आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) के तहत वस्तुओं पर  स्टॉक सीमा के लगातार और अप्रत्याशित होने से न तो कीमतें कम होती हैं और न ही मूल्य अस्थिरता में कमी आती है। 2019 के दौरान ECA के तहत लगभग 76000 छापे मारे गए।
          • डीपीसीओ 2013 के जरिए औषधियों के मूल्‍यों को नियंत्रित किए जाने से नियंत्रित दवाओं की कीमतें अनियंत्रित समान दवाओं की तुलना में ज्‍यादा बड़ी, इसने इस बात को साबित किया कि डीपीसीओ सस्‍ती दवाओं की उपलब्‍धता के जो प्रयास किए वे उल्‍टे रहे।
          • खाद्यान्‍न बाजार में सरकारी हस्‍तक्षेप के कारण, सरकार गेहूं और चावल की सबसे बड़ी खरीददार होने के साथ ही सबसे बड़ी जमाखोर भी हो गई है।
          • केंद्र और राज्‍यों की ओर से दी जाने वाली कर्ज माफी की समीक्षा पूरी तरह से कर्ज माफी की सुविधा वाले लाभार्थी कम खपत, कम बचत, कम निवेश करते हैं जिससे आंशिक रूप से कर्ज माफी वाले लाभार्थियों की तुलना में उनका उत्‍पादन भी कम होता है।
            • दुनिया के लिए भारत में एसेम्‍बल इन इंडिया और मेक इन इंडिया योजना को एक साथ मिलाने से 2025 तक देश में अच्‍छे वेतन वाली 4 करोड़ नौकरियां होंगी और 2030 तक इनकी संख्‍या 8 करोड़ हो जाएगी।
            • नेटवर्क उत्पादों का निर्यात, जिसके 2025 में दुनिया भर में 7 ट्रिलियन के बराबर होने की उम्मीद है, 2025 तक 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्थाओं के लिए मूल्य वर्धित वृद्धि में एक चौथाई योगदान दे सकता है।
            • हाल ही के वर्षों में जारी विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसी कई श्रेणियां हैं, जहां भारत बहुत पीछे है – व्यवसाय शुरू करना, संपत्ति का पंजीकरण, कर भुगतान और अनुबंध लागू करना आदि।
            • भारत ने 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण की 50 वीं वर्षगांठ मनाई। सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के कर्मचारियों ने खुशी मनाई कि सर्वेक्षण सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के वस्‍तुनिष्‍ठ मूल्‍यांकन का सुझाव दिया गया।
            • भारत का केवल एक बैंक विश्‍व के 100 शीर्ष बैंकों में शामिल हैं। यह स्थिति भारत को उन देशों की श्रेणी में ले जाती हैं जिनकी अर्थव्‍यवस्‍था का आकार भारत के मुकाबले कई गुना कम जैसे कि फिनलैंड जो भारत (लगभग 1/11वां भाग) और (डेनमार्क लगभग 1/8वां भाग)
            • बैंकिंग क्षेत्र में नकदी के मौजूदा संकट को देखते हएु शेडों बैंकिंग के खतरों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों का पता लगाना।
            • निर्यात बाजार में भारत की हिस्‍सेदारी 2025 तक 3.5 प्रतिशत तथा 2030 तक 6 प्रतिशत हो जाएगी। 2025 तक देश में अच्‍छे वेतन वाली 4 करोड़ नौकरियां होंगी और 2030 तक इनकी संख्‍या 8 करोड़ हो जाएगी।
            • 2025 तक भारत को 5 हजार अरब वाली अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लिए जरूरी मूल्‍य संवर्धन में नेटवर्क उत्‍पादों का निर्यात एक तिहाई की वृद्धि करेगा।
            • विश्व बैंक कारोबारी सुगमता श्रेणी में भारत ने 79 पायदानों की छलांग लगाई; 2014 के 142 वें स्थान से 2019 में 63 वें स्थान पर पहुंचा गया है
            • भारत में समुद्री जहाजों की आवाजाही में लगने वाले समय में निरंतर कमी हो रही है, जो 2010-11 के 4.67 दिनों से लगभग आधा होकर 2018-19 में 2.48 दिन हो गया है।
            • समीक्षा में सीपीएससी के विनिवेश से होने वाले लाभों की जांच की गई है और इससे सरकारी उद्यमों के विनिवेश करने को बल मिलता है। एचपीसीएल में सरकार की 53.29 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश से राष्ट्रीय सम्पदा में 33,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
            • वह मॉडल जिसमें 2001 के बाद जीडीपी विकास 2.7 प्रतिशत गतलीवश अनुमान से अधिक हो गई है उसने सैंपल समय में 95 देशों में से 51 अन्य देशों में भी जीडीपी विकास अनुमान से अधिक हो गई।
            • पूरे भारत में किसी आम व्यक्ति एक थाली के लिए कितना भुगतान करता है, यह निर्धारित करने का प्रयास। 2015-16 से थीली की कीमतों की गतिशीलता में बदलाव।
            • आर्थिक स्वतंत्रता और धन सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी हस्तक्षेप का युक्तिकरण आवश्यक है।
            आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 की अधिक जानकारी के लिए: Click here 

            World Leprosy Day: विश्व कुष्ठ दिवस, कुष्ठ रोग जैसा आप सोचते हैं वैसा नहीं

            about - Part 2859_18.1
            भारत में प्रत्येक वर्ष महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस (World Leprosy Day) मनाया जाता है, जिनकी हत्या आज के ही दिन 1948 में कर की गई थी। इस दिन को फ्रांसीसी मानवीय राउल फोलेरो (French humanitarian Raoul Follereau) ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए चुना था, जिन्होंने कुष्ठ रोगो से पीड़ित लोगों की सहायता की थी।
            World Leprosy Day विश्व कुष्ठ दिवस, कुष्ठ रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर साल जनवरी के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2020 के World Leprosy Day का विषय Leprosy isn’t what you think” है।

            पद्म श्री से सम्मानित लेखक तुषार कांजीलाल का निधन

            about - Part 2859_20.1
            जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरणविद्, शिक्षाविद् और लेखक तुषार कांजीलाल का निधन। तुषार कांजीलाल को भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। इन्हें वर्ष 2008 में जमनालाल बजाज पुरस्कार भी दिया गया था।

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