सरकार ने COVID-19 से निपटने के लिए ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म “iGOT” किया लॉन्च

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भारत सरकार ने सभी फ्रंट-लाइन कार्यकर्ताओं के लिए COVID -19 से लड़ने के लिए एक ई-लर्निंग प्लेटफार्म  iGOT लांच किया है जो उन्हें महामारी से निपटने में प्रशिक्षण एवं अपडेटों से लैस करेगा। इस प्लेटफॉर्म को https://igot.gov.in पर एक्सेस किया जा सकता है। यह प्लेटफार्म प्रत्येक लर्नर को उसके कार्यस्थल या घर पर और उसकी पसंद के किसी भी डिवाइस को क्यूरेटेड,भूमिका विशिष्ट कंटेंट की सामग्री प्रदान करता है। 



क्या है iGOT प्लेटफ़ॉर्म?

iGOT प्लेटफ़ॉर्म को जनसंख्या के परिमाण के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है और जो लगभग 1.50 करोड़ श्रमिकों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कोविड के बेसिक्स, आईसीयू केयर एवं वेंटिलेशन प्रबंधन, क्लिनिकल प्रबंधन, पीपीई के जरिये संक्रमण रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण एवं बचाव, क्वारांटाइन एवं आइसोलेशन, प्रयोगशाला नमूना संग्रहण एवं परीक्षण, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन, कोविड-19 प्रशिक्षण जैसे विषयों पर नौ (9)पाठ्यक्रमों के साथ आईजीओटी पर इसे आरंभ किया गया है।

प्लेटफ़ॉर्म के लक्षित समूह में चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिक्स,हाईजीन कार्यकर्ता,टेक्निशियन,आक्जीलरी नर्सिंग मिडवाइव्स (एएनएम),केंद्रीय एवं राज्य सरकार के अधिकारी,सिविल डिफेंस अधिकारी,विभिन्न पुलिस संगठन, नेशनल कैडेट काप्र्स (एनसीसी),नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस),नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस),इंडियन रेड क्रास सोसाइटी (आईआरसीएस),भारत स्काउंट्स एंड गाइड्स (बीसीजी) और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं

डीआरडीओ ने सैनिटेशन इंक्लोजर्स और फुल फेस मास्क का किया निर्माण

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देश में लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), कोविड 19 महामारी के खिलाफ जारी प्रयासों में त्वरित तरीके से उत्पादों का विकास करने के लिए वैज्ञानिक प्रयासों में लगा हुआ है। डीआरडीओ प्रयोगशालाएं अधिक मात्रा में उत्पादन के लिए उद्योग के साझीदारों के साथ कार्य कर रही हैं। अपने प्रयासों के परिणामस्वरूप, DRDO ने मुख्य रूप से स्वास्थ्य पेशेवरों को नोवेल कोरोनोवायरस से बचाने के लिए सैनिटेशन इंक्लोजर्स (PSE) और फुल फेस मास्क (FFM) का निर्माण किया है।
पर्सनल सैनिटाइजेशन इंक्लोजर्स (PSE):
डीआरडीओ की अहमदनगर स्थित एक प्रयोगशाला प्रयोगशाला वाहन अनुसंधान विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) ने पीएसई नामक एक फुल बाडी डिस्इंफेक्शन चैंबर की डिजाइन तैयार की है। सैनिटाइजर एवं सोप डिस्पेंसर से सुसज्जित इस पोर्टेबल सिस्टम एक समय पर एक व्यक्ति के लिए पर्सनल डिकान्टामिनेशन के लिए तैयार की गई है। चैंबर में प्रविष्ट होने के बाद, मिस्ट स्प्रे को 25 संकेंड के एक परिचालन के लिए अशांकित किया जाता है और यह परिचालन की पूर्णता का संकेत देते हुए स्वचालित रूप से बंद हो जाता है। इसमें छत पर लगा 700 लीटर की क्षमता वाला टैंक भी शामिल है जो रिफिल होने तक यह 650 कर्मियों को सैनिटाइज  कर सकता है।
फुल फेस मास्क (FFM):
रिसर्च सेंटर इमारात (आरसीआई), हैदराबाद एवं टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (टीबीआरएल), चंडीगढ़ ने कोविड-19 के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेस प्रोटेक्शन मास्क का विकास किया है। इसका हल्का वजन इसे लंबी अवधि के लिए आरामदायक वियर के रूप में सुविधाजनक बनाता है। इसकी डिजाइन चेहरे की सुरक्षा के लिए सामान्य रूप से उपलब्ध ए4 साइज ओवर-हेड प्रोजेक्शन (ओएचपी) फिल्म का उपयोग करता है। होल्डिंग फ्रेम को फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग (3 डी प्रिंटिंग) की मदद से निर्मित किया जा रहा है।

MHRD ने डिजीलॉकर को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी किया घोषित

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने डिजिलॉकर को एकमात्र राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी (एनएडी) घोषित करने की घोषणा की है। साथ ही मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को डिजीलॉकर के तहत स्थायी योजना के रूप में एनएडी को लागू करने का निर्देश दिया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माध्यम से डिजीलॉकर द्वारा बिना किसी भी उपयोगकर्ता शुल्क के साथ एनएडी को एक स्थायी योजना के रूप में लागू किया जाएगा। इसके अलावा यूजीसी को शैक्षणिक पुरस्कारों के हस्तांतरण, छात्र खातों के निर्माण और डिजीलॉकर के सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

क्या होता है DigiLocker?

डिजीलॉकर क्लाउड-आधारित एक प्रमुख सुरक्षित प्लेटफार्म है, जो उपयोगकर्ताओं को आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, संपत्ति दस्तावेजों जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक संस्करणों को संग्रहीत करने की अनुमति देता है और हर समय इन तक पहुंच सुनिश्चित करता है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • मानव संसाधन विकास मंत्री: रमेश पोखरियाल निशंक ’.

USAID ने भारत को कोविड-19 से लड़ने के लिए 2.9 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देने की कि घोषणा

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अमेरिका ने यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के माध्यम से भारत को 2.9 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। भारत को यह राशि COVID-19 से निपटने में मदद करने और देश में फैल रही महामारी को रोकने के लिए कोरोना संक्रमितों की देखभाल करने वाले स्थानीय समुदायों को उपकरणों की मदद के लिए दी जाएगी। अमेरिका की रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और अन्य संबंधित एजेंसियां, भारत के साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि देश में फैली महामारी को नियंत्रित किया जा सके।
यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) विश्व स्तर पर वित्तीय सहायता करने वाली प्रमुख एजेंसियों में से एक है। COVID-19 अब एक वैश्विक स्वास्थ्य खतरा बन चूका है जिसे सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच घनिष्ठ सहयोग द्वारा सर्वोत्तम रूप से ही नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही यह भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पहल में भी सहयोग करेगा। यह कोष भारत सरकार को COVID-19 को फैलने से रोकने में मदद करेगा, प्रभावितों की देखभाल करने, और बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक उपकरणों के निर्माण सहित स्थानीय समुदायों की सहायता करेगा।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • यूएसएआईडी का मुख्यालय: वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका.
  • यूएसएआईडी की स्थापना: 3 नवंबर 1961.
  • यूएसएआईडी प्रशासक: मार्क ग्रीन.

सिडबी अपने MSME’s को उपलब्ध कराएगा आपात कार्यशील पूंजी

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भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank of India-SIDBI) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सरकारी आदेश पर एक करोड़ रूपए तक की आपात कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का फैसला किया है । SIDBI के नए ऋण उत्पाद यानी कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ सिडबी की आपात सहायता-सेफ प्लस की सुविधा रेहनमुक्त होगी जिसे 5% की ब्याज दर पर 48 घंटे के अंदर जारी कर दिया जाएगा।
उपरोक्त उपायों के अलावा, SIDBI ने सेफ प्लस पहल के तहत MSMEs के लिए ऋण सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया है। SIDBI द्वारा यह योजना COVID-19 से निपटने में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों जैसे कि हैंड सैनिटाइज़र, शू-कवर, वेंटिलेटर, हेड गियर, बॉडीसूट्स, मास्क, दस्ताने और गॉगल्स के निर्माण में लगे हुए MSMEs को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई  हैं। ।
सिडबी ने अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम मेक इन इंडिया सॉफ्ट लोन फंड के अंतर्गत सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय सहायता शुरू की है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक: मोहम्मद मुस्तफा.

ट्विटर के सीईओ COVID-19 महामारी से निपटने के लिए देंगे 1 बिलियन डॉलर

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ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डोर्सी ने विश्व में फैली COVID-19 महामारी से निपटने के लिए काम करने वाली संस्थाओं को 1 बिलियन डॉलर (लगभग 6 हजार पांच सौ करोड़ रुपए) की राशि देने का ऐलान किया है। ट्विटर के सीईओ द्वारा दिए जाने वाले 1 बिलियन डॉलर COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए अब तक किसी भी निजी व्यक्ति दी जाने वाली सबसे बड़ी राशि है।
जैक डोर्सी  वैश्विक COVID -19 राहत कोष के लिए 1 बिलियन डॉलर की राशि जुटाने के लिए,  #startsmall LLC को अपने डिजिटल भुगतान समूह “स्क्वायर” इक्विटी यानी अपनी संपत्ति का 28% धन, #startsmall LLC में स्थानांतरित करेंगे।

“स्वस्थ के सिपाही” PMBJP के तहत लोगो तक पहुंचा रहे जरुरी दवाएं

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प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के ‘स्वास्थ्य के सिपाही‘ नाम से लोकप्रिय फार्मासिस्ट, COVID-19 के कारण लगे देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान मरीजों एवं बुजुर्गों के दरवाजों तक अनिवार्य सेवाएं और दवाएं पहुंचाने में लगे हुए हैं। स्वास्थ्य के सिपाही,भारत सरकार की प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना (PMBJP) के तहत रोगियों के दरवाजे तक जरुरी दवाएं उपलब्ध करा रहे है।
स्वास्थ्य के सिपाही लॉकडाउन के दौरान COVID-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए देश के आम लोगों और बुजुर्ग व्यक्तियों को सस्ती कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उनके दरवाजे पर उपलब्ध कराकर आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे है।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र:

प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का संचालन भारत के फार्मा पीएसयू ब्यूरो ऑफ इंडिया (BPPI) द्वारा भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का उद्देश्य किसी को भी जरूरतमंदों को गुणवत्ता और सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।

प्रसिद्ध कन्नड़ हास्य अभिनेता ‘बुलेट’ प्रकाश का निधन

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कन्नड़ के लोकप्रिय हास्य अभिनेता “बुलेट” प्रकाश का निधन। उन्हें Aithalakkadi और Aryan जैसी फिल्मों में निभाई अपनी कॉमिक भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल के प्रति उनके लगाव के कारण उन्हें ‘बुलेट’ नाम दिया गया था। उन्होंने करीब 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और हाल ही में कन्नड़ की कुछ फिल्म भी साईन की थी। इसके अलावा उन्होंने 2015 में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता भी ग्रहण की थी।

तेलंगाना सरकार ने “COVID-19 मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप” विकसित करने की योजना की तैयार

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तेलंगाना सरकार ने वेरा स्मार्ट हेल्थकेयर द्वारा भारत की पहली ऑटोमेटेड “COVID-19 मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप” को विकसित करने के लिए निवेश किया। इस ऐप का उद्देश्य मुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य विभाग को मरीजों की पहचान, लाइव निगरानी, ट्रैक और मॉनिटर करके वास्तविक समय की विश्लेषण जानकारी प्रदान करना है।

COVID-19 मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप कैसे करता है काम?

  • इस मंच से जुड़ा हर एक उपकरण प्रति दिन 75-100 घरों की स्क्रीन करने में सक्षम होगा.
  • यह प्लेटफार्म प्रति माह 50,000 कॉल / चैटबॉट बातचीत की देख रेख करने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सक्षम बनाएगा.
  • इस ऐप का उपयोग 1,500-2,000 आशा और एएनएम कार्यकर्ता किसी भी समय कर सकेंगे.
  • ये कार्यकर्ता लगभग 4,800 PHC उप-केंद्रों को सूचना भेजेंगे, जहाँ से इसे राज्य के 886 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में भेजा जाएगा.
  • इस डेटा को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित जिला चिकित्सा स्वास्थ्य कार्यालय के साथ साझा किया जाएगा.
  • उपयोगकर्ता के अनुकूल इस ऐप को हैदराबाद और अमेरिका के शुरुआती चरण के स्टार्ट-अप वेरा स्मार्ट हेल्थकेयर द्वारा विकसित किया गया है.
  • इस मॉनिटरिंग सिस्टम को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है, जो मनुष्य द्वारा की जाने वाली गलतियों के बिना और सटीक जानकारी प्रदान करता है.
  • त्वरित बदलाव, और अभिनव मानव-मस्तिष्क, ने बेहतर निगरानी, ट्रैकिंग – प्रभावी निगरानी और पर्यवेक्षण शुरू किया है.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • तेलंगाना के मुख्यमंत्री: के चंद्रशेखर राव; राज्यपाल: तमिलिसाई सौंदराराजन
  • वेरा हेल्थकेयर के संस्थापक और सीईओ: धर्म तेजा नुकार्पु
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दिल्ली सरकार ने COVID-19 संकट से निपटने के लिए 5T प्लान की कि घोषणा

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी में COVID-19 महामारी को रोकने के लिए 5T योजना का ऐलान किया है। दिल्ली सरकार के अनुसार, 5T योजना में 5 बिंदु: टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, टीमवर्क और ट्रैकिंग शामिल हैं।

5T योजना के 5 बिंदुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:

1. 5T योजना के पहले “T” का अर्थ Testing” यानि जाँच करना है: इस “T” के अंतर्गत, दिल्ली सरकार नोवेल कोरोनोवायरस को फैलने से रोकने के लिए दिलशाद गार्डन और निजामुद्दीन जैसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में एक लाख रैपिड टेस्ट करेगी.
2. 5T योजना के दूसरे “T” का अर्थ Tracing यानि पहचान करना है: टेस्टिंग प्रक्रिया के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम है ट्रेसिंग है, जिसके तहत पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें सेल्फ-क्वारंटाइन करने के लिए कहा जाएगा।
3. 5T योजना के तीसरे “T” का अर्थ “Treatment” यानि उपचार है: ट्रेसिंग के बाद, अगला चरण आता है उपचार जिसके अंतर्गत कोरोनोवायरस संक्रमितो के लिए 2,950 बेड आरक्षित किए गए हैं व दिल्ली सरकार द्वारा समय आने पर 12,000 होटल के कमरे को क्वारंटाइन सेन्टरों में तब्दील कर दिए जाएंगे। इस के तहत, गंभीर और बुजुर्गों रोगियों को अस्पतालों में रखा जाएगा, जबकि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को होटल और धर्मशालाओं में रखा जाएगा।
4. 5T योजना के चौथे “T” का अर्थ “Teamwork” यानि मिलकर काम करना है: नोवेल कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए “टीमवर्क” की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है।
5. 5T योजना के पाँचवें “T” का अर्थ “Tracking & Monitoring” यानि निगरानी है: इसके अंतर्गत कोविड -19 को फैलने से रोकने के लिए किए जा रही कार्रवाई और योजनाओं पर दिल्ली सरकार द्वारा सक्रिय रूप से निगरानी रखी जाएगी.

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