भारत और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने वैश्विक भुखमरी से निपटने के लिए समझौता किया

भारत और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने 25 अगस्त 2025 को एक उद्देश्य पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत संकटग्रस्त क्षेत्रों में पोषक तत्वों से युक्त चावल (Fortified Rice) उपलब्ध कराएगा। यह दोनों के बीच चल रहे सहयोग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और मानवीय आपात स्थितियों में असुरक्षित आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा के वैश्विक साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को पुनः स्थापित करता है।

भारत की वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

जीवनरक्षक के रूप में फोर्टिफाइड चावल

इस समझौते के अंतर्गत भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD), WFP को भारत से फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने में सक्षम बनाएंगे। फोर्टिफाइड चावल में लौह (Iron), फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, जो छिपी हुई भूख (पोषक तत्वों की कमी से होने वाला कुपोषण) से निपटने में सहायक हैं।

भारत का कृषि अधिशेष इसे एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता बनाता है और यह कदम “वसुधैव कुटुम्बकम्” (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) की भावना के अनुरूप है, जो वैश्विक स्तर पर खाद्य असुरक्षित समुदायों की मदद के प्रति भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वैश्विक साझेदारी को सशक्त बनाना

भारत और WFP नेताओं के वक्तव्य

  • श्री संजीव चोपड़ा, सचिव, DFPD ने कहा कि यह पहल वैश्विक कल्याण हेतु सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना से प्रेरित है।

  • वहीं, कार्ल स्काऊ, उप कार्यकारी निदेशक, WFP ने भारत के निरंतर प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने दुनिया को अधिक खाद्य-सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने में योगदान दिया है।

यह साझेदारी केवल बढ़ती वैश्विक खाद्य असुरक्षा का जवाब नहीं है, बल्कि अधिशेष उत्पादन करने वाले राष्ट्र और संघर्ष व आपदा क्षेत्रों में कार्यरत एक वैश्विक सहायता एजेंसी के बीच संसाधनों का रणनीतिक संयोग भी है।

उद्गम और व्यापक सहयोग

रोम की चर्चाओं से औपचारिक साझेदारी तक

यह LoI फरवरी 2025 में रोम में आयोजित WFP कार्यकारी बोर्ड की बैठक के दौरान हुई चर्चाओं का परिणाम है, जहाँ भारत और WFP ने दीर्घकालिक सहयोग पर विचार-विमर्श किया था। अब यह दस्तावेज़ भारत की भूमिका को WFP के मानवीय अभियानों के लिए खाद्यान्न आपूर्ति में एक प्रमुख भागीदार के रूप में औपचारिक रूप से स्थापित करता है।

चावल आपूर्ति से परे, भारत और WFP कई महत्वपूर्ण नवाचारों पर भी सहयोग कर रहे हैं, जैसे—

  • सप्लाई चेन ऑप्टिमाइज़ेशन – वितरण और क्रय प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाना।

  • अन्नपूर्णि डिवाइस (ग्रेन एटीएम) – तकनीक आधारित अनाज वितरण प्रणाली।

  • जन पोषण केंद्र – सामुदायिक पोषण हब।

  • स्मार्ट वेयरहाउसिंग – डिजिटल प्रबंधन से भंडारण, अपव्यय में कमी और खाद्य सुरक्षा।

  • फ्लोस्पैन्स (मोबाइल स्टोरेज यूनिट्स) – दूरदराज़ क्षेत्रों में खाद्य भंडारण हेतु लचीला ढांचा।

  • फोर्टिफाइड चावल विस्तार – सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ज़रिए व्यापक स्तर पर फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराना।

ये परियोजनाएँ न केवल भारत के लाभार्थियों की सेवा करती हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले मॉडल भी प्रस्तुत करती हैं।

इस साझेदारी का महत्व

भूख संकट का समाधान

जब मानवीय वित्तपोषण दबाव में है और संघर्ष, जलवायु परिवर्तन तथा आर्थिक अस्थिरता करोड़ों लोगों को भूख की ओर धकेल रही है, तब यह भारत-WFP समझौता पोषणयुक्त भोजन का एक भरोसेमंद और समय पर स्रोत प्रदान करता है। यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करता है और WFP को शून्य भूख (SDG 2) की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने में मदद करता है।

भारत की उभरती वैश्विक भूमिका

यह पहल भारत को पारंपरिक सहायता प्राप्तकर्ता की भूमिका से आगे बढ़ाकर वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं का प्रदाता बनाती है। यह दर्शाती है कि भारत खाद्य प्रणालियों और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदार नेतृत्व, संसाधन-साझेदारी और नीतिगत नवाचार की क्षमता रखता है।

भारत 2025 में वैश्विक एआई युद्धक्षेत्र के रूप में उभरेगा

भारत वैश्विक एआई दौड़ का अग्रणी केंद्र बनता जा रहा है, जहाँ 1.4 अरब की आबादी वाले बाजार को लेकर दिग्गज टेक कंपनियाँ वर्चस्व की जंग लड़ रही हैं। ताज़ा कदम में ओपनएआई (OpenAI) ने भारत में अपनी इकाई स्थापित करने और इस साल नई दिल्ली में पहला कार्यालय खोलने की घोषणा की है। साथ ही, ₹399/माह की सस्ती योजना ‘ChatGPT Go’ लॉन्च कर, ओपनएआई ने देश में एआई मूल्य युद्ध (Price War) छेड़ दिया है।

भारत में ओपनएआई की पहल

स्थानीयकरण और सुलभता

  • ChatGPT Go: ₹399 प्रति माह, UPI इंटीग्रेशन के साथ

  • वैश्विक दरों से कहीं सस्ता (ChatGPT Plus ₹1,999/माह, Pro ₹19,900/माह)

  • GPT-5 तक पहुंच और फ्री टियर से 10 गुना अधिक उपयोग

भारत के लिए, भारत के साथ

  • सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत तकनीकी प्रतिभा, डेवलपर इकोसिस्टम और IndiaAI मिशन के सरकारी सहयोग के कारण वैश्विक दक्षिण (Global South) में एआई अपनाने का टेस्टबेड है।

  • यहां की सफलता भविष्य में वैश्विक मॉडल तय कर सकती है।

शिक्षा और भाषा पहल

  • GPT-5 में भारतीय भाषाओं का विस्तार

  • छात्रों के लिए नया Study Mode

  • OpenAI Academy (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के साथ साझेदारी) → एआई साक्षरता बढ़ाने की पहल

एआई मूल्य युद्ध: भारत का “जियो मोमेंट”

जैसे जियो ने दूरसंचार बाजार को बदला, वैसे ही ओपनएआई का यह कदम एआई क्षेत्र को बदल सकता है।

  • गूगल जेमिनी प्रीमियम: ₹1,950/माह

  • पर्प्लेक्सिटी एआई: एयरटेल साझेदारी, ₹17,000/वर्ष की योजना मुफ़्त

  • एक्सएआई (एलन मस्क का सुपरग्रो्क): ₹700/माह

  • ग्रामरली: घटाकर ₹250/माह

  • छात्रों के लिए गूगल का जेमिनी प्रो मुफ़्त

नतीजा: अधिक विकल्प, कम दाम, तेज़ नवाचार

भारतीय एआई स्टार्टअप्स पर असर

  • स्वदेशी खिलाड़ी: कृतिम, सर्वम एआई, भारतजीपीटी

  • क्षेत्रीय विशेषज्ञ: क्योर.एआई (स्वास्थ्य), निरामई (हेल्थ-टेक), मैड स्ट्रीट डेन (फैशन), येलो.एआई (कस्टमर सपोर्ट)

  • चुनौती: वैश्विक दिग्गजों की सस्ती व शक्तिशाली सेवाएँ और शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करने की क्षमता

  • संभावना: सहयोग की ओर रुख करना, न कि सीधी प्रतिस्पर्धा

भू-राजनीतिक आयाम

  • चीन एआई पर कड़े नियंत्रण लगा रहा है, अमेरिका भी उसकी प्रगति को लेकर सतर्क है।

  • इस परिप्रेक्ष्य में भारत का खुला और लोकतांत्रिक ढांचा एआई विकास के लिए वैकल्पिक ध्रुव बनाता है।

  • इससे भारत वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर सकता है और IndiaAI मिशन के तहत अपनी संप्रभु एआई महत्वाकांक्षा भी आगे बढ़ा सकता है।

सरकारी समर्थन और दृष्टि

  • IndiaAI मिशन: विश्वासयोग्य, समावेशी और टिकाऊ एआई पर जोर

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: 2047 तक भारत को “वैश्विक एआई हब” बनाने की परिकल्पना

  • एआई को शासन सुधार और आर्थिक विकास का इंजन माना गया है — जैसे हाईवे, रेलवे आधुनिकीकरण और ग्रामीण इंटरनेट विस्तार में

RBI ने यस बैंक में एसएमबीसी की 24.99% हिस्सेदारी को मंजूरी दी

भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक फैसले में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को यस बैंक में अधिकतम 24.99% हिस्सेदारी अधिग्रहण की मंज़ूरी दे दी है। यह सौदा, जो शुरुआती रूप से 20% हिस्सेदारी (1.6 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य) के रूप में तय हुआ था, अब भारत के बैंकिंग उद्योग के सबसे बड़े सीमा-पार विलय एवं अधिग्रहण (M&A) लेनदेन में से एक बनने जा रहा है। खास बात यह है कि RBI ने स्पष्ट किया है कि SMBC को यस बैंक का प्रमोटर नहीं माना जाएगा, जिससे जापानी बैंक के लिए नियामकीय दायित्व आसान होंगे।

सौदे का विवरण

20% से 24.99% तक

  • मई 2025 में प्रारंभिक समझौते के तहत SMBC ने 20% हिस्सेदारी लेने की घोषणा की थी।

  • बाद में 4.9% अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए मंज़ूरी मांगी गई, जिससे कुल निवेश 24.99% हो गया।

  • यह सीमा 25% से कम है, जो आमतौर पर RBI के सख्त प्रमोटर नियमों को लागू करती।

मूल्यांकन और पैमाना

  • 20% अधिग्रहण का मूल्य 1.6 अरब अमेरिकी डॉलर आँका गया था।

  • विस्तारित हिस्सेदारी यस बैंक की पूँजी स्थिति को मजबूत करेगी और SMBC को भारत के वित्तीय बाज़ार में रणनीतिक स्थान प्रदान करेगी।

RBI का गैर-प्रमोटर रुख

SMBC को प्रमोटर न मानने से बचेंगे:

  • हिस्सेदारी पर लॉक-इन प्रतिबंध,

  • विस्तृत खुलासा दायित्व,

  • प्रबंधन पर अतिरिक्त निगरानी।

इससे होगा लाभ:

  • यस बैंक के गवर्नेंस में लचीलापन,

  • SMBC के निवेश प्रक्रिया में सरलता,

  • विदेशी निवेशकों की भूमिका पर नियामकीय स्पष्टता

व्यापक प्रभाव

  • भारत को विदेशी निवेशकों के लिए बैंकिंग एवं वित्तीय केंद्र के रूप में और आकर्षक बनाएगा।

  • बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सीमा-पार M&A लेनदेन का उदाहरण बनेगा।

  • भारत-जापान वित्तीय सहयोग को मजबूत करेगा, जो पहले से ही अवसंरचना, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में प्रगाढ़ है।

  • यह सौदा अन्य वैश्विक बैंकों को भी भारतीय निजी क्षेत्र के बैंकों में इक्विटी साझेदारी पर विचार करने का रास्ता दिखा सकता है।

40% मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज: एडीआर रिपोर्ट

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के एक नये विश्लेषण से पता चला है कि भारत के 40% मुख्यमंत्री आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। यह रिपोर्ट उस समय आई है जब केंद्र सरकार तीन नए विधेयक ला रही है, जिनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रीगण को गंभीर आपराधिक आरोपों पर 30 दिन से अधिक समय तक जेल में रहने पर पद से हटाने का प्रावधान है।

रिपोर्ट की मुख्य बातें

मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले

  • देश के कुल 30 वर्तमान मुख्यमंत्रियों में से 12 (40%) पर आपराधिक मामले दर्ज।

  • इनमें से 10 (33%) पर गंभीर आरोप हैं, जैसे हत्या का प्रयास, अपहरण, रिश्वतखोरी और आपराधिक धमकी।

सबसे अधिक मामले वाले मुख्यमंत्री

  • रेवंत रेड्डी (तेलंगाना): 89 मामले – देश में सबसे अधिक।

  • एम.के. स्टालिन (तमिलनाडु): 47 मामले

  • चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): 19 मामले

  • सिद्धारमैया (कर्नाटक): 13 मामले

  • हिमंत सोरेन (झारखंड): 5 मामले

अन्य उल्लेखनीय मामले

  • देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र): 4 मामले

  • सुखविंदर सिंह (हिमाचल प्रदेश): 4 मामले

  • पिनारायी विजयन (केरल): 2 मामले

  • भगवंत मान (पंजाब): 1 मामला

कार्यप्रणाली

यह अध्ययन मुख्यमंत्रियों द्वारा चुनाव से पहले दायर स्वघोषित शपथपत्रों पर आधारित है। इन शपथपत्रों में संपत्ति, देनदारियाँ, शिक्षा और आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी कानूनी रूप से देनी होती है।

विधायी संदर्भ

नए विधेयक

  • यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिन से अधिक जेल में रहते हैं तो स्वचालित रूप से पद से हटाने का प्रावधान।

  • राजनीति के आपराधिकरण को रोकने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कड़े उपाय।

राजनीति के आपराधिकरण पर बहस

यह रिपोर्ट फिर से इस मुद्दे को सामने लाती है, जिस पर:

  • सुप्रीम कोर्ट,

  • चुनाव आयोग, और

  • नागरिक समाज लगातार चिंता जताते रहे हैं।

असर

शासन और जनता का भरोसा

  • शीर्ष नेताओं पर इतने आपराधिक मामले लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर करते हैं।

  • गंभीर आरोपों वाले नेताओं की मौजूदगी शासन की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़े करती है।

चुनावी सुधार की ज़रूरत

  • गंभीर आरोप वाले उम्मीदवारों की अनिवार्य अयोग्यता की मांग और मजबूत हुई।

  • नेताओं के मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों और मतदाताओं की जागरूकता पर ज़ोर।

ऐश्वर्या तोमर ने एशियाई निशानेबाजी 2025 में स्वर्ण पदक जीता

भारतीय निशानेबाज़ ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने कज़ाख़स्तान के शिमकेंट में आयोजित 16वें एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2025 में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री-पोज़िशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। यह जीत भारत की शूटिंग में बढ़ती पदक तालिका और वैश्विक मंच पर लगातार मजबूत होती स्थिति को और सुदृढ़ करती है।

फाइनल परिणाम

  • स्वर्ण: ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर (भारत) – 462.5 अंक

  • रजत: वेन्यु झाओ (चीन) – 462 अंक

  • कांस्य: नाओया ओकाडा (जापान) – 445.8 अंक

तोमर ने अंतिम राउंड में बेहद संयमित प्रदर्शन कर झाओ को केवल 0.5 अंकों से पछाड़ा, जो उनके मजबूत मानसिक संतुलन को दर्शाता है।

टीम इवेंट में भी सफलता

पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री-पोज़िशन टीम स्पर्धा में भारत ने रजत पदक जीता। टीम में शामिल थे:

  • ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर

  • चेन सिंह

  • अखिल शेरोन

यह उपलब्धि भारतीय शूटिंग प्रतिभा की गहराई और सामूहिक प्रयास को दर्शाती है।

महत्व

  • भारत के लिए: एशियाई मंच पर प्रभुत्व और आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले आत्मविश्वास में बढ़ोतरी।

  • तोमर के लिए: यह स्वर्ण उन्हें भारत के सबसे संभावनाशील राइफल शूटरों में और मज़बूती से स्थापित करता है।

  • भारतीय शूटिंग के लिए: पदकों की बढ़त प्रशिक्षण और ओलंपिक व विश्व प्रतियोगिताओं की तैयारी में भारत के निवेश को सफल साबित करती है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने नगरपालिका कर्मचारियों के लिए ₹1 करोड़ के कवर की घोषणा की

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 23 अगस्त 2025 को स्वच्छ आंध्र–स्वर्ण आंध्र अभियान के दौरान नगरपालिका कर्मियों के लिए व्यापक बीमा योजना की घोषणा की। यह योजना पेड्दापुरम (जिला काकीनाड़ा) में शुरू की गई।

घोषणा के प्रमुख बिंदु

बीमा लाभ

  • नियमित नगरपालिका कर्मियों को आकस्मिक मृत्यु पर ₹1 करोड़ का बीमा कवर

  • आउटसोर्स कर्मियों के परिवार को आकस्मिक मृत्यु पर ₹20 लाख का बीमा कवर

  • स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी यही मुआवज़ा लागू होगा।

शिक्षा सहायता

  • नगरपालिका और आउटसोर्स कर्मियों के बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता ₹8 लाख तक

महत्व

कर्मचारियों के लिए

  • उच्च-जोखिम वाले कार्य करने वाले कर्मियों के परिवारों को वित्तीय सुरक्षा

  • आउटसोर्स कर्मियों जैसे कमज़ोर वर्गों को भी संस्थागत सहयोग सुनिश्चित।

शासन के लिए

  • सरकार और नागरिक कर्मियों के बीच विश्वास मज़बूत

  • स्वच्छ भारत से प्रेरित अभियानों में सामाजिक कल्याण का समावेश

  • स्वर्ण आंध्र” (Golden Andhra Pradesh) की मानव-केंद्रित शासन दृष्टि को रेखांकित करता है।

अनीश दयाल सिंह प्रधानमंत्री के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व को और मज़बूत करने के रणनीतिक कदम के तहत केंद्र सरकार ने 1988 बैच के मणिपुर कैडर के आईपीएस अधिकारी आनिश दयाल सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) के रूप में नियुक्त किया है। 60 वर्षीय पूर्व सीआरपीएफ महानिदेशक सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को रिपोर्ट करेंगे।

कौन हैं आनिश दयाल सिंह?

पृष्ठभूमि और प्रारंभिक करियर

  • जन्म: 1964, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

  • 1988 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए।

  • हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

  • मणिपुर में करियर की शुरुआत की, जहाँ उन्हें प्रारंभिक स्तर पर उग्रवाद-रोधी अभियानों का अनुभव मिला।

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में योगदान

  • 2000 के दशक की शुरुआत में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में प्रतिनियुक्ति पर कार्य किया।

  • आईबी में उनके कार्य ने केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में उच्च जिम्मेदारियों का मार्ग प्रशस्त किया।

प्रमुख भूमिकाएँ और योगदान

आईटीबीपी और सीआरपीएफ का नेतृत्व

  • भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के प्रमुख रहे।

  • दिसंबर 2023 में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) का नेतृत्व संभाला।

  • सीआरपीएफ आंतरिक सुरक्षा, नक्सल-रोधी अभियान और चुनाव सुरक्षा में अग्रणी बल है।

सीआरपीएफ में प्रमुख पहलें

  • नक्सल-रोधी अभियान: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 36 से अधिक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOBs) की स्थापना, 4 नई बटालियनों की तैनाती (4,000+ जवान)।

  • चुनाव सुरक्षा: 2024 लोकसभा चुनाव और जम्मू-कश्मीर के पहले विधानसभा चुनावों का शांतिपूर्ण संचालन।

  • बल पुनर्गठन: 130+ बटालियनों का पुनर्संरचना कर लॉजिस्टिक्स और कल्याण योजनाओं को बेहतर बनाया। औसत दूरी 1200 किमी से घटाकर 500 किमी की गई।

  • ‘संवाद’ सत्र: जवानों और जूनियर अधिकारियों से फीडबैक आधारित संवाद की पहल, जिससे मनोबल और निर्णय क्षमता में वृद्धि हुई।

रणनीतिक महत्व

आनिश दयाल सिंह की नियुक्ति से भारत की बहु-स्तरीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारी व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। विशेष रूप से:

  • आंतरिक सुरक्षा और उग्रवाद-रोधी रणनीति

  • अर्द्धसैनिक बलों का प्रबंधन और पुनर्गठन

  • सीमा और चुनाव सुरक्षा की योजना

  • एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय

उनके मैदानी अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण से भारत की आंतरिक और क्षेत्रीय सुरक्षा नीतियों को मज़बूत दिशा मिलेगी।

OpenAI ने 2025 में भारत में अपना पहला कार्यालय खोलने की घोषणा की

वैश्विक विस्तार में एक अहम पड़ाव चिन्हित करते हुए, चैटजीपीटी (ChatGPT) के निर्माता ओपनएआई (OpenAI) ने वर्ष 2025 के अंत तक भारत में अपना पहला कार्यालय नई दिल्ली में खोलने की घोषणा की है। यह कदम ओपनएआई की भारत सरकार के साथ साझेदारी और इंडिया एआई मिशन में योगदान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह मिशन देश में समावेशी और भरोसेमंद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विकास को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय पहल है। नई दिल्ली स्थित यह कार्यालय छात्रों, शिक्षकों, पेशेवरों और डेवलपर्स जैसे तेजी से बढ़ते उपयोगकर्ता वर्ग को समर्थन देने वाला प्रमुख केंद्र बनेगा।

भारत क्यों?

दूसरा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार

  • अमेरिका के बाद भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है।

  • पिछले एक वर्ष में भारत में साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या चार गुना बढ़ी है।

  • छात्रों का योगदान सबसे अधिक है, जो वैश्विक स्तर पर भी सबसे बड़े उपयोगकर्ता समूह हैं।

वैश्विक डेवलपर हब

  • ओपनएआई प्लेटफ़ॉर्म पर भारत दुनिया के शीर्ष पाँच डेवलपर बाज़ारों में शामिल है।

  • भारत का मज़बूत टेक इकोसिस्टम, नवप्रवर्तनकर्ताओं और डिजिटल उद्यमियों का आधार इसे दक्षिण एशिया में ओपनएआई की पहली भौतिक उपस्थिति के लिए आदर्श गंतव्य बनाता है।

इंडिया एआई मिशन से रणनीतिक तालमेल

सरकारी समर्थन

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि यह भारत की डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज-स्तरीय एआई अपनाने में नेतृत्व का प्रमाण है।

सैम ऑल्टमैन का विज़न

  • ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में “एआई का वैश्विक नेता बनने के लिए सभी तत्व मौजूद हैं”—जैसे तकनीकी प्रतिभा, डेवलपर संस्कृति और सरकार का सक्रिय सहयोग।

  • नई दिल्ली कार्यालय को उन्होंने “भारत के साथ और भारत के लिए एआई बनाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम” बताया।

नए कार्यालय से होने वाले लाभ

  • भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए स्थानीय स्तर पर पहुँच और सहायता

  • शिक्षा और पेशेवर अवसरों का विस्तार

  • शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्यमों के साथ सहयोग

  • कृषि, शासन और भर्ती जैसे क्षेत्रों में एआई-आधारित समाधान

ओपनएआई ने भारत में नियुक्तियाँ शुरू कर दी हैं, हालांकि सटीक स्थान की घोषणा अभी शेष है।

आगामी प्रमुख कार्यक्रम

  • ओपनएआई एजुकेशन समिट – अगस्त 2025

  • भारत में पहला ओपनएआई डेवलपर डे – वर्ष 2025 के अंत में

ये आयोजन डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को साथ लाकर भारत में एआई नवाचार का भविष्य गढ़ेंगे।

भारत के लिए व्यापक प्रभाव

एआई का लोकतंत्रीकरण

ओपनएआई की उपस्थिति शिक्षा, शासन, कृषि और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के लोकतंत्रीकरण को गति देगी।

रोज़गार और कौशल विकास

भारत में करोड़ों सक्रिय डेवलपर्स और डिजिटल लर्नर्स होने के चलते यह कार्यालय स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा, रोज़गार के अवसर पैदा करेगा और भारत की वैश्विक एआई कार्यबल में भूमिका को और मज़बूत करेगा।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 7.45 अरब डॉलर पर स्थिर

भारत ने USD 7.45 अरब का समुद्री खाद्य निर्यात दर्ज किया, जो पिछले वर्ष (USD 7.38 अरब) की तुलना में मामूली वृद्धि है। हालाँकि, निर्यात की मात्रा घटकर 16,98,170 टन रह गई (पिछले वर्ष 17,81,602 टन थी), जो अंतरराष्ट्रीय मांग और आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों को दर्शाती है। अमेरिका और चीन भारत के प्रमुख निर्यात गंतव्य बने रहे।

प्रमुख आँकड़े और रुझान

जमे हुए झींगे (Frozen Shrimp) – निर्यात का आधार

  • योगदान: USD 5.17 अरब

  • कुल निर्यात मात्रा में हिस्सेदारी: 43.67%

  • कुल डॉलर कमाई में हिस्सेदारी: 69.46%
    यह प्रवृत्ति भारत को झींगा निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनाए रखती है, विशेषकर अमेरिका और चीन में।

अन्य प्रमुख समुद्री उत्पाद

  • जमी हुई मछली (Frozen Fish): USD 622.60 मिलियन

  • जमी हुई स्क्विड (Frozen Squid): USD 367.68 मिलियन
    इससे भारत के समुद्री उत्पादों की विविधता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता स्पष्ट होती है।

प्रमुख निर्यात गंतव्य

  • अमेरिका: USD 2.71 अरब (FY24 में USD 2.55 अरब से अधिक)

  • चीन: USD 1.27 अरब

  • यूरोपीय संघ (EU): USD 1.12 अरब

  • दक्षिण–पूर्व एशिया: USD 974.99 मिलियन

  • जापान: USD 411.55 मिलियन

  • मध्य पूर्व: USD 278.31 मिलियन

यह आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत का निर्यात एशिया, यूरोप और खाड़ी देशों में व्यापक रूप से फैला हुआ है।

बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स

  • विशाखापत्तनम (विजाग)

  • जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT)
    ये दोनों बंदरगाह समुद्री खाद्य निर्यात के लिए सबसे अधिक सक्रिय रहे, खासकर ठंडी शृंखला (Cold Chain) और प्रोसेसिंग में।

क्षेत्रीय विश्लेषण व चुनौतियाँ

स्थिर राजस्व, घटती मात्रा

  • कुछ बाज़ारों में मांग की कमजोरी

  • खाद्य सुरक्षा व ट्रेसेबिलिटी अनुपालन की लागत में वृद्धि

  • वैश्विक लॉजिस्टिक और मालभाड़ा चुनौतियाँ

  • जलवायु परिवर्तन का समुद्री उत्पादन पर असर

भारत की रणनीतिक लचीलापन

  • गुणवत्ता अनुपालन,

  • उत्पाद विविधीकरण,

  • कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर ने मूल्य स्तर बनाए रखने में मदद की।
    साथ ही, प्रमाणन योजनाएँ, डिजिटल ट्रेसेबिलिटी और नए बाज़ारों में विस्तार के प्रयास भी जारी हैं।

इसरो ने गगनयान के लिए महत्वपूर्ण एयर ड्रॉप परीक्षण हासिल किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 24 अगस्त 2025 को ISRO ने सफलतापूर्वक पहला इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) किया। यह परीक्षण पैराशूट-आधारित मंदन प्रणाली (deceleration system) को मान्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो पुनः प्रवेश (re-entry) और लैंडिंग के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट का महत्व

  • एंड-टू-एंड पैराशूट डेमो: IADT-01 ने दिखाया कि क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से धीमा करके उतारा जा सकता है।

  • सहयोगी प्रयास: यह परीक्षण भारतीय वायुसेना, DRDO, नौसेना और तटरक्षक बल के सहयोग से किया गया, जो मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के लिए राष्ट्रव्यापी समन्वय को दर्शाता है।

गगनयान कार्यक्रम में प्रगति

1. मानव रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3)

  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि HLVM3 का विकास और ग्राउंड टेस्ट पूरा हो चुका है।

2. ऑर्बिटल मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम

  • क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के प्रणोदन सिस्टम का परीक्षण सफल।

  • ECLSS (पर्यावरण नियंत्रण एवं जीवन समर्थन प्रणाली) का इंजीनियरिंग मॉडल तैयार।

  • आपातकालीन सुरक्षा हेतु क्रू एस्केप सिस्टम (CES) विकसित, पाँच प्रकार के मोटर्स का स्थिर परीक्षण पूरा।

3. अवसंरचना विकास

  • ऑर्बिटल मॉड्यूल प्रिपरेशन सुविधा।

  • गगनयान नियंत्रण केंद्र।

  • क्रू प्रशिक्षण केंद्र।

  • दूसरे लॉन्च पैड पर संशोधन।

आगामी मिशन और कदम

  • टेस्ट व्हीकल डेमो: TV-D1 ने CES को प्रमाणित किया, अब TV-D2 और आगे के परीक्षण तैयार।

  • पहला मानव रहित मिशन (G1): संरचनात्मक मॉड्यूल तैयार, फेज-1 जांच जारी। यह मिशन वास्तविक मानव उड़ान से पहले सभी प्रणालियों को सत्यापित करेगा।

दीर्घकालिक दृष्टि

  • भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS): वर्ष 2035 तक पाँच मॉड्यूल वाला अपना अंतरिक्ष स्टेशन, ताकि लंबे समय तक LEO (Low Earth Orbit) में मानव मिशन किए जा सकें।

  • चंद्रमा पर भारतीय: सरकार के लक्ष्य के अनुसार 2040 तक भारत अपने अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर उतारने का प्रयास करेगा।

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