राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week ) पूरे देश में प्रतिवर्ष 1 से 7 सितंबर तक मनाया जाता है। भारत में पोषण की स्थिति में सुधार लाने और लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। यह सप्ताह देश भर में कई कार्यक्रमों और एक्टिविटी के माध्यम से पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने का एक खास अवसर है।
इस दिवस का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु उचित पोषण के महत्त्व के विषय में जन जागरूकता पैदा करना है। आज के स्वस्थ बच्चे कल का स्वस्थ भारत है। इनके बेहतर स्वास्थ्य का देश के विकास, उत्पादकता तथा आर्थिक उन्नति पर स्पष्ट प्रभाव पड़ता है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2024 की थीम
इस साल राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की थीम ‘सभी के लिए पौष्टिक आहार’ है. इस थीम का मुख्य मकसद लोगों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने वाले संतुलित और विविध आहार को बढ़ावा देना है। यह थीम सभी वर्गों के लोगों, विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देती है।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का महत्व
यह सप्ताह लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। पोषण के बारे में कई तरह की गलत धारणाएं लोगों के मन में होती हैं। इस सप्ताह के माध्यम से इन गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है। इस दौरान लोगों को संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया जाता है।
इस दिवस का इतिहास
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह सर्वप्रथम मार्च 1975 में अमेरिकन डायटेटिक एसोसिएशन (American Dietetic Association), जिसे वर्तमान में एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स के नाम से जानते हैं, के सदस्यों द्वारा पोषण शिक्षा की आवश्यकता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आहार विशेषज्ञों के पेशे को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था। जनता की प्रतिक्रिया इतनी सकारात्मक थी कि सप्ताह भर चलने वाले उत्सव को साल 1980 में एक महीने तक चलाया गया था।


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