केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश में बनी टेटनस और एडल्ट डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन लॉन्च की। यह लॉन्च भारत के पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और हेल्थकेयर में आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके साथ ही, भारत ने ग्लोबल वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग लीडर के तौर पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
CRI कसौली में देसी Td वैक्सीन लॉन्च हुई
- स्वदेशी टेटनस एवं एडल्ट डिफ्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान, कसौली में किया गया, जो भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के वैक्सीन निर्माण संस्थानों में से एक है।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- यह वैक्सीन अब वैश्विक सिफारिशों और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के दिशानिर्देशों के अनुरूप टेटनस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन का स्थान लेगी।
यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के लिए 55 लाख Td वैक्सीन डोज़
औपचारिक शुभारंभ के साथ ही Td वैक्सीन अब भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख घोषणाएँ
- अप्रैल 2026 तक 55 लाख डोज़ की आपूर्ति
- आगामी वर्षों में उत्पादन क्षमता में चरणबद्ध वृद्धि
- राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में पूर्ण एकीकरण
स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और वैक्सीन आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
Td वैक्सीन में परिवर्तन क्यों महत्वपूर्ण है?
टेटनस टॉक्सॉइड (TT) से Td वैक्सीन में बदलाव वैश्विक सिफारिशों के अनुरूप किया गया है। यह कदम व्यापक और बेहतर प्रतिरक्षा कवरेज सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
पृष्ठभूमि सिफारिशें
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2006 में TT से Td में परिवर्तन की सिफारिश की।
- 2017 के WHO टेटनस वैक्सीन पोजीशन पेपर में इस सिफारिश की पुनः पुष्टि की गई।
- स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स (SAGE) द्वारा इसका समर्थन किया गया।
- भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने इसे अपनाने की अनुशंसा की।
Td वैक्सीन टेटनस और डिफ्थीरिया दोनों से सुरक्षा प्रदान करती है। इससे सभी आयु वर्गों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, के लिए प्रतिरक्षा कवरेज और अधिक सुदृढ़ होता है।
भारत ने हासिल की 99% टीकाकरण कवरेज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि भारत ने लगभग 99% टीकाकरण कवरेज प्राप्त कर ली है। उन्होंने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी उपलब्धि बताया।
यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) की प्रमुख विशेषताएँ
भारत का सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है।
मुख्य बिंदु
- 11 वैक्सीन के माध्यम से 12 बीमारियों से सुरक्षा
- प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ लाभार्थी
- 2.5 करोड़ गर्भवती महिलाएँ
- 2.5 करोड़ बच्चे
- गर्भावस्था से 16 वर्ष की आयु तक 27 डोज़ का प्रावधान
- U-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग
- गर्भवती महिलाओं के लिए 5 एंटीनटल (Antenatal) जांच सुनिश्चित, जिनमें कम से कम एक विशेषज्ञ परामर्श शामिल
यह व्यापक कार्यक्रम देश की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
CRI कसौली: वैक्सीन आत्मनिर्भरता को मजबूती
हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान, कसौली (CRI) गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) मानकों के तहत वैक्सीन निर्माण करने वाला पहला सरकारी संस्थान है।
संस्थान ने सफलतापूर्वक—
- विकासात्मक अध्ययन पूरे किए
- टेस्ट लाइसेंस प्राप्त किया
- मार्केटिंग प्राधिकरण हासिल किया
- वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया
- केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से मंजूरी प्राप्त की
स्वदेशी Td वैक्सीन भारत की वैक्सीन नवाचार क्षमता, अनुसंधान कौशल और नियामक अनुपालन की बढ़ती मजबूती को दर्शाती है। यह पहल देश को वैक्सीन निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।


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