भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता अब तेजी से उसके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की क्षमता पर निर्भर करती जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 जारी किया है, जिसमें राज्यों की निर्यात के लिए तैयारियों और प्रदर्शन का आकलन किया गया है। यह सूचकांक भारत द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और आर्थिक भागीदारी समझौतों के माध्यम से वैश्विक व्यापार विस्तार के संदर्भ में क्षेत्रीय ताकत, कमियों और अवसरों को उजागर करता है।
नीति आयोग ने निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 जारी किया है, जिसमें भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी निर्यात क्षमता और तैयारी के आधार पर रैंकिंग दी गई है। इस सूचकांक में बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र पहले स्थान पर रहा, उसके बाद तमिलनाडु और गुजरात का स्थान रहा।
| घटक | विवरण |
| समग्र ढांचा (Overall Framework) | 4 स्तंभ (Pillars), 13 उप-स्तंभ (Sub-pillars), 70 संकेतक (Indicators) |
| स्तंभ (Pillar) | भारांक (Weightage) | शामिल उप-स्तंभ / आयाम |
| निर्यात अवसंरचना (Export Infrastructure) | 20% | व्यापार एवं लॉजिस्टिक्स अवसंरचना कनेक्टिविटी एवं उपयोगिताएँ औद्योगिक अवसंरचना |
| व्यवसाय पारिस्थितिकी तंत्र (Business Ecosystem) | 40% | व्यापक आर्थिक स्थिरता लागत प्रतिस्पर्धात्मकता मानव पूंजी वित्त एवं ऋण तक पहुँच MSME पारिस्थितिकी तंत्र औद्योगिक एवं नवाचार परिवेश |
| नीति एवं शासन (Policy & Governance) | 20% | राज्य निर्यात नीति संस्थागत क्षमता नियामक परिवेश एवं अनुपालन व्यापार सुगमता |
| निर्यात प्रदर्शन (Export Performance) | 20% | निर्यात परिणाम निर्यात विविधीकरण वैश्विक एकीकरण निर्यात प्रोत्साहन एवं सुगमता |
प्रभावी पीयर लर्निंग (सहकर्मी सीख) और तुलनात्मक मूल्यांकन के उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निम्नलिखित समूहों में विभाजित किया गया है—
प्रत्येक समूह के भीतर क्षेत्रों को तीन प्रदर्शन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है—
| श्रेणी (Category) | विवरण (Description) |
| लीडर्स (Leaders) | उच्च निर्यात तैयारी |
| चैलेंजर्स (Challengers) | मध्यम स्तर की निर्यात तैयारी, सुधार की संभावनाओं के साथ |
| एस्पायरर्स (Aspirers) | प्रारंभिक चरण में निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र का विकास |
EPI 2024 की विशेष उपलब्धि
EPI 2024 की एक महत्वपूर्ण विशेषता जिलों पर बढ़ा हुआ फोकस है। इसमें जिलों को स्थानीय क्षमताओं, औद्योगिक क्लस्टरों और वैल्यू-चेन कनेक्टिविटी के आधार पर निर्यात रणनीतियों के क्रियान्वयन की मुख्य इकाई बनाया गया है। इससे जमीनी स्तर पर निर्यात क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
A. बड़े राज्य (Large States) – लीडर्स
बड़े राज्यों की श्रेणी में निर्यात तैयारी के मामले में निम्न राज्य शीर्ष पर रहे:
इन राज्यों ने निर्यात अवसंरचना, व्यवसायिक पारिस्थितिकी तंत्र, नीति एवं शासन तथा निर्यात प्रदर्शन जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है।
B. छोटे राज्य, उत्तर-पूर्वी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश – लीडर्स
इस संयुक्त श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र हैं:
इन क्षेत्रों ने संरचनात्मक चुनौतियों के बावजूद निर्यात सुविधा, नीति समर्थन और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है।
EPI 2024 में सापेक्ष प्रदर्शन के आधार पर कुछ राज्यों को चैलेंजर्स और एस्पायरर्स के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
चैलेंजर्स (बड़े राज्य):
मध्य प्रदेश, हरियाणा, केरल और पश्चिम बंगाल
एस्पायरर्स (बड़े राज्य):
ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार और झारखंड
(इन राज्यों को निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए लक्षित नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है)
केंद्र शासित प्रदेश:
दिल्ली को 12वाँ स्थान मिला और इसे मेघालय, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के साथ चैलेंजर श्रेणी में रखा गया।
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