IMF ने स्पष्ट किया कि यह मजबूत निजी खपत के कारण है, साथ ही मुद्रा विनिमय पहल और राराष्ट्रीय माल और सेवा कर के कार्यान्वयन के लुप्त होते क्षणिक प्रभाव है. IMF के अनुसार , भारत अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी चीन को पीछे छोड़ देगा जो 2018 में 6.6 और 2019 में 6.4% हो जाएगा.
भारत ने अपने कंटेनर ट्रेड पर फिर से कंट्रोल पाने के लिए एक बड़ा कदम…
भारत के स्वच्छता और सतत विकास अभियान के तहत पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने उत्कृष्ट प्रदर्शन…
कई महीनों की राजनीतिक अनिश्चितता के बाद मणिपुर में नई सरकार का गठन होने जा…
वरिष्ठ नौकरशाही नियुक्तियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने…
भारत और किर्गिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर का 13वां संस्करण 4 से 17…
असम सरकार ने 02 फरवरी 2026 को कोच वंश के दरांग राजाओं की विरासत के…