कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्नत ई-स्वामित्व 2.0 (e-Swathu 2.0) डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों का नियमितीकरण करना और राज्य की राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाना है। इस प्रणाली से ग्राम पंचायतों की 95 लाख संपत्तियों को कर दायरे में लाया जाएगा, जिससे सरकार को ₹2,000 करोड़ तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है।
डिजिटल संपत्ति प्रणाली से बढ़ेगा राजस्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए प्लेटफ़ॉर्म से ₹1,778 करोड़ तक की आमदनी हो सकती है और प्रभावी क्रियान्वयन से यह राशि ₹2,000 करोड़ तक पहुँच सकती है। इससे गाँव की सीमाओं के बाहर बनी इमारतें भी संपत्ति कर के दायरे में आएंगी।
गाँव वालों के लिए आसान सेवाएँ
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि e-Swathu 2.0 ग्रामीण नागरिकों के लिए संपत्ति-संबंधी सेवाओं को सरल और तेज बनाएगा। अब लोग फॉर्म 11A और 11B जैसे डिजिटल ई-खाता दस्तावेज़ ऑनलाइन ही प्राप्त कर सकेंगे। किसी भी तकनीकी दिक्कत के लिए हेल्पलाइन 9483476000 उपलब्ध है।
पंचायत कार्यालय जाने की जरूरत नहीं
उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बताया कि सभी सेवाएँ ऑनलाइन और बापूजी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध हैं। आवेदकों को 15 दिनों के भीतर 11B संपत्ति खाता प्रदान किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन आसान होगा।
गांधी ग्राम पुरस्कार की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान गांधी ग्राम पुरस्कार 2023–24 की घोषणा की गई, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक तालुक से एक कुल 238 ग्राम पंचायतों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्थानीय शासन में जनता की भागीदारी की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज को मजबूती राजीव गांधी द्वारा लागू 73वें और 74वें संविधान संशोधन से मिली। अपने कार्यकाल और राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए उन्होंने गाँव स्तर पर शासन को सशक्त बनाने की आवश्यकता दोहराई।
साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर पिछड़े वर्गों, दलितों और महिलाओं को आरक्षण देने का विरोध करने का आरोप लगाया और केंद्र सरकार द्वारा ₹13,000 करोड़ की जल जीवन मिशन निधि रोकने की आलोचना की।


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