वर्ष 1994 में रवांडा में तुत्सी समुदाय के विरुद्ध हुए जनसंहार पर विचार का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Reflection on the 1994 Genocide against the Tutsi in Rwanda) हर साल 7 अप्रैल को यूनेस्को द्वारा मनाया जाता है। 2022 मानव इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक, रवांडा में तुत्सी के खिलाफ नरसंहार की 28 वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। 7 अप्रैल के दिन ही तुत्सी समुदाय के खिलाफ नरसंहार की शुरूआत हुई थी।
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दिन का इतिहास:
इस दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2003 में की गई थी। यह दिन हुतु चरमपंथी नेतृत्व वाली सरकार द्वारा तुत्सी अल्पसंख्यक के सदस्यों के खिलाफ किए गए नरसंहार की शुरुआत की याद दिलाता है। केवल 100 दिनों के भीतर, 1 मिलियन से अधिक तुत्सी की व्यवस्थित रूप से हत्या कर दी गई। इस अवधि के दौरान उदारवादी हुतु और नरसंहारों का विरोध करने वाले अन्य लोग भी मारे गए।
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