भारत के खुदरा क्षेत्र ने त्योहारों के दौरान 5.4 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बिक्री दर्ज की

भारत के खुदरा (Retail) क्षेत्र ने इस वर्ष त्योहारों के मौसम में अब तक का सबसे बड़ा उछाल दर्ज किया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा किए गए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के अनुसार, नवरात्रि से दिवाली 2025 के बीच कुल ₹5.4 लाख करोड़ का व्यापार वस्तुओं में और ₹65,000 करोड़ का व्यापार सेवाओं में हुआ — जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है।

खुदरा बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि

  • वर्ष 2025 का यह त्योहारी मौसम भारत की उपभोक्ता अर्थव्यवस्था के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

  • कुल व्यापार में पिछले वर्ष की तुलना में 25% की वृद्धि दर्ज की गई।

  • 72% व्यापारियों ने बताया कि इस वर्ष उनकी बिक्री मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

  • इस तेजी के पीछे मुख्य कारण रहे — उपभोक्ता विश्वास में सुधार, अधिक क्रय शक्ति, और सरकारी कर सुधार नीतियाँ।

जीएसटी में कटौती से बढ़ी खरीदारी

त्योहारी उछाल का सबसे बड़ा कारण वस्तु एवं सेवा कर (GST) में की गई दर कटौतियाँ रहीं, जिन्होंने उपभोक्ताओं को राहत दी और व्यापारियों के लिए लाभांश बढ़ाया।

मुख्य श्रेणियाँ जिनमें जीएसटी कटौती से बिक्री बढ़ी:

  • मिठाइयाँ और कन्फेक्शनरी

  • घरेलू सजावट सामग्री (होम डेकोर)

  • फुटवियर और रेडीमेड परिधान

  • उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएँ (Consumer Durables)

  • दैनिक उपयोग की वस्तुएँ और किराना सामान

इन श्रेणियों में कर घटने से कीमतें प्रतिस्पर्धी हुईं, जिससे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बाजारों में उपभोक्ताओं की आकस्मिक और थोक खरीदारी बढ़ी।

वस्तु और सेवा क्षेत्र दोनों में संतुलित वृद्धि

  • वस्तु क्षेत्र ने ₹5.4 लाख करोड़ के कारोबार के साथ मुख्य भूमिका निभाई।

  • वहीं सेवा क्षेत्र ने भी ₹65,000 करोड़ की कमाई के साथ मजबूत प्रदर्शन किया।
    यह रुझान दर्शाता है कि उपभोक्ता अब केवल वस्तुओं पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं जैसे यात्रा, सौंदर्य, और मनोरंजन पर भी अधिक खर्च कर रहे हैं।

मुख्य सेवाएँ जिनमें खर्च बढ़ा:

  • यात्रा एवं पर्यटन

  • इवेंट प्रबंधन

  • ब्यूटी और वेलनेस

  • ऑनलाइन मनोरंजन प्लेटफ़ॉर्म

व्यापारिक विश्वास और नीतिगत सहयोग

  • CAIT के अनुसार, छोटे और मध्यम व्यापारियों (SMEs) के बीच विश्वास का नया माहौल बना है।

  • जीएसटी सरलीकरण और कर सुधारों ने खुदरा व्यापार को गति दी है।

  • डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स एकीकरण, और बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन ने व्यापारियों को बढ़ती मांग संभालने में मदद की।

निष्कर्ष

भारत का खुदरा बाजार अब केवल पुनरुद्धार नहीं बल्कि विकास की नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है। त्योहारी मौसम 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मजबूत उपभोक्ता भावना, कर सुधार, और डिजिटलीकरण मिलकर भारत को वैश्विक खुदरा अर्थव्यवस्था के अग्रणी देशों में स्थापित कर रहे हैं।

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vikash

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