NHAI ने अप्रैल 2026 से FASTag वार्षिक पास शुल्क बढ़ाया

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag के वार्षिक पास शुल्क में संशोधन की घोषणा की है। यह नई दरें 01 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। 12 मार्च को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए FASTag वार्षिक पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी की गई है। अब वाहन मालिकों को वार्षिक पास के लिए ₹3,075 का भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹3,000 थी।

FASTag वार्षिक पास क्या है

FASTag वार्षिक पास योजना को बार-बार राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए टोल भुगतान को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना की शुरुआत Independence Day 2025 के अवसर पर की गई थी, ताकि देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर डिजिटल टोल कलेक्शन को बढ़ावा दिया जा सके। यह योजना मुख्य रूप से उन यात्रियों के लिए बनाई गई है जो नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करते हैं और जिन्हें बार-बार टोल देना पड़ता है। वार्षिक पास लेने के बाद नियमित यात्रियों को हर बार टोल कटने की आवश्यकता कम हो जाती है।

FASTag वार्षिक पास के लाभ

FASTag वार्षिक पास केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों जैसे निजी कार, जीप और वैन के लिए उपलब्ध है, जिनमें वैध FASTag खाता सक्रिय हो। पास सक्रिय होने के बाद वाहन एक वर्ष के भीतर अधिकतम 200 बार राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाज़ा पार कर सकता है। यानी पास की वैधता निम्न में से जो पहले पूरा हो:

  • 200 टोल पारियाँ, या
  • सक्रिय होने की तिथि से एक वर्ष

भारत में FASTag की बढ़ती लोकप्रियता

डिजिटल टोल संग्रह प्रणाली के रूप में FASTag का देशभर में तेजी से प्रसार हुआ है। इसका राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन वर्ष 2016 में किया गया था। सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश में अब तक लगभग 11.86 करोड़ FASTag जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 5.9 करोड़ टैग सक्रिय हैं। यह डिजिटल टोल भुगतान प्रणाली की सफलता को दर्शाता है।

FASTag वार्षिक पास का बढ़ता उपयोग

2025 में शुरू की गई FASTag वार्षिक पास योजना को भी वाहन चालकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार देशभर में 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इस पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर निजी कारों द्वारा किए जाने वाले लगभग 28% टोल लेनदेन अब इसी वार्षिक पास के माध्यम से हो रहे हैं। यह बढ़ता उपयोग सरकार के स्मार्ट और डिजिटल परिवहन अवसंरचना को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago