भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह मार्च 2025 में साल-दर-साल (YoY) 9.9% की मजबूत वृद्धि के साथ ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुँच गया। यह वृद्धि मजबूत आर्थिक गतिविधियों और कर अनुपालन में सुधार को दर्शाती है।
मार्च 2025 के लिए जीएसटी संग्रह का विवरण
मार्च में सकल जीएसटी संग्रह ₹1.96 लाख करोड़ रहा, जिसमें विभिन्न कर श्रेणियों का योगदान इस प्रकार है:
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केंद्रीय जीएसटी (CGST): ₹38,100 करोड़
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राज्य जीएसटी (SGST): ₹49,900 करोड़
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एकीकृत जीएसटी (IGST): ₹95,900 करोड़
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जीएसटी उपकर (Cess): ₹12,300 करोड़
रिफंड समायोजन के बाद, मार्च 2025 में शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹1.76 लाख करोड़ रहा, जिसमें 7.3% की साल-दर-साल वृद्धि देखी गई।
FY25 में वार्षिक जीएसटी प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में कुल जीएसटी संग्रह ₹22.08 लाख करोड़ रहा, जिसमें 9.4% की वृद्धि दर्ज की गई।
रिफंड के बाद, शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹19.56 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8.6% अधिक है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीएसटी राजस्व में 11% की वृद्धि का लक्ष्य रखा था, जिसमें ₹11.78 लाख करोड़ का अनुमानित राजस्व केंद्रीय जीएसटी और मुआवजा उपकर से प्राप्त होना था।
महीनेवार जीएसटी संग्रह प्रवृत्ति
महीना | सकल जीएसटी संग्रह (₹ करोड़ में) | YoY वृद्धि (%) |
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मार्च 2025 | 1,96,000 | 9.9% |
फरवरी 2025 | 1,83,646 | 9.1% |
जनवरी 2025 | 1,96,000 | 12.3% |
दिसंबर 2024 | 1,77,000 | 7.3% |
नवंबर 2024 | – | 8.5% (कमजोर वृद्धि) |
जीएसटी संग्रह में वृद्धि के प्रमुख कारक
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घरेलू खपत में वृद्धि: सामान और सेवाओं की बढ़ती मांग ने जीएसटी राजस्व को बढ़ाया।
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कर अनुपालन में सुधार: कड़े प्रवर्तन और बेहतर रिपोर्टिंग से कर चोरी में कमी आई।
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आर्थिक विकास: विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों की स्थिर वृद्धि से कर आधार बढ़ा।
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डिजिटल कर पहल: ई-चालान, एआई-आधारित निगरानी, और सख्त ऑडिट तंत्र ने अनुपालन में मदद की।
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मौसमी प्रभाव: वित्तीय वर्ष की शुरुआत में उच्च कर दाखिले और निपटान देखे जाते हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
- सरकार वित्त वर्ष 2024-25 में 11% की जीएसटी वृद्धि के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके लिए:
- अधिक व्यवसायों को जीएसटी ढांचे में लाया जाएगा।
- सख्त अनुपालन उपाय लागू किए जाएंगे।
- विनिर्माण और खुदरा क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में ऑटोमेशन और एआई-आधारित निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष:
मार्च 2025 और FY25 के जीएसटी संग्रह के आंकड़े बताते हैं कि सरकार की राजकोषीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और कर सुधारों का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।