भारत के बाह्य क्षेत्र (External Sector) में जनवरी 2026 के मध्य में स्थिरता देखने को मिली, जब देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में हल्की वृद्धि दर्ज की गई। रिज़र्व बैंक द्वारा जारी साप्ताहिक आँकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में गिरावट के बावजूद सोने के भंडार में तेज़ बढ़ोतरी के कारण कुल भंडार में इज़ाफ़ा हुआ।
समाचार में क्यों?
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के अनुसार, 9 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687.19 अरब डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा भंडार का समग्र रुझान
- यह बढ़ोतरी पिछले सप्ताह आई तेज़ गिरावट के बाद दर्ज की गई है, जब कुल भंडार 9.809 अरब डॉलर घटकर 686.80 अरब डॉलर रह गया था।
- नवीनतम आँकड़े आंशिक सुधार को दर्शाते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि विदेशी मुद्रा भंडार में साप्ताहिक उतार-चढ़ाव मुद्रा विनिमय दरों, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन और सोने की कीमतों से प्रभावित होता है।
- भारत विश्व के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाले देशों में शामिल है, जो बाहरी झटकों से निपटने की उसकी क्षमता को मज़बूत करता है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA): मिश्रित स्थिति
- 9 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ 1.124 अरब डॉलर घटकर 550.866 अरब डॉलर रह गईं।
- FCA में अमेरिकी डॉलर, यूरो, पाउंड स्टर्लिंग और जापानी येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं में रखी गई परिसंपत्तियाँ शामिल होती हैं।
- इनमें बदलाव केवल वास्तविक प्रवाह (इनफ्लो-आउटफ्लो) से ही नहीं, बल्कि गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से भी होता है।
सोने के भंडार से मिला बड़ा सहारा
- कुल भंडार में वृद्धि का सबसे बड़ा कारण सोने के भंडार में तेज़ उछाल रहा।
- इस अवधि में भारत का स्वर्ण भंडार 1.568 अरब डॉलर बढ़कर 112.83 अरब डॉलर हो गया।
- यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमतों में वृद्धि को दर्शाती है और RBI की विविधीकृत भंडार रणनीति को रेखांकित करती है।
- सोना मुद्रा अस्थिरता और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के खिलाफ एक प्रभावी सुरक्षा कवच माना जाता है।
SDR और IMF में भारत की स्थिति
- भारत के विशेष आहरण अधिकार (SDR) भंडार में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 39 मिलियन डॉलर घटकर 18.739 अरब डॉलर रह गया।
- SDR अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा निर्मित एक अंतरराष्ट्रीय रिज़र्व परिसंपत्ति है।
- इसके अलावा, IMF में भारत की रिज़र्व स्थिति 13 मिलियन डॉलर घटकर 4.758 अरब डॉलर हो गई।
विदेशी मुद्रा भंडार के घटक
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार चार प्रमुख घटकों से बना होता है—
- विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA), स्वर्ण भंडार, विशेष आहरण अधिकार (SDR), और IMF में रिज़र्व स्थिति।
- इनमें होने वाले बदलाव व्यापार संतुलन, पूंजी प्रवाह, मूल्यांकन प्रभाव और RBI के बाज़ार हस्तक्षेप पर निर्भर करते हैं।


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