अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2021 में 4.55% की भारी गिरावट का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल 2021 के महीने में 1.9% वृद्धि का अनुमान जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय संगठन ने भारत में इसे अब तक की “historic low” यानि “ऐतिहासिक कमी” कहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था में संकुचन का कारण COVID-19 महामारी को बताया गया है।
इसके अलावा IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2022 में 6% की वृद्धि दर उभरने की भी संभावना जताई है। यह अनुमान IMF ने अपने हाल ही में जारी किए विश्व आर्थिक आउटलुक में “A Crisis like No Other, An Uncertain Outlook” में जारी किए है।



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