IIM Ahmedabad में ‘कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ AI’ की स्थापना: ₹100 करोड़ का अनुदान

भारत के शिक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (Indian Institute of Management Ahmedabad) ने अपने परिसर में ‘कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की स्थापना की है। इस पहल की घोषणा 27 मार्च 2026 को की गई, जिसे चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन और रंजन टंडन द्वारा दिए गए ₹100 करोड़ के उदार अनुदान का समर्थन प्राप्त है। इस नए स्कूल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज़ी से हो रहे विकास और उसके व्यावहारिक उपयोग के बीच की खाई को पाटना है।

AI स्कूल की परिकल्पना

‘कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ AI’ को एक वैश्विक मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो अत्याधुनिक AI शोध को IIMA की मजबूत प्रबंधन शिक्षा के साथ जोड़ता है। इसका मुख्य लक्ष्य AI नवाचारों को वास्तविक जीवन के समाधानों में बदलना है, जिससे निर्णय-निर्धारण बेहतर हो, उत्पादकता बढ़े और विभिन्न क्षेत्रों की जटिल समस्याओं का समाधान हो सके।

यह संस्थान विशेष रूप से “ट्रांसलेशनल रिसर्च” पर ध्यान देगा, यानी ऐसा शोध जो सीधे व्यावहारिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित हो सके।

नेतृत्व और उद्योग सहयोग

लॉन्च के दौरान IIMA के निदेशक भारत भास्कर ने कहा कि यह पहल संगठनों को AI तकनीकों को प्रभावी ढंग से अपनाने में मदद करेगी और तकनीकी प्रगति को वास्तविक व्यावसायिक परिणामों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं, चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन ने इस पहल को “उत्साहजनक और आवश्यक” बताया, जबकि IIMA बोर्ड के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि AI तेजी से वैश्विक उद्योगों और अर्थव्यवस्थाओं को बदल रहा है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र

यह स्कूल AI के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए निम्न क्षेत्रों पर काम करेगा:

  • संगठनों और सार्वजनिक प्रणालियों में AI का उपयोग
  • AI का नैतिक और जिम्मेदार इस्तेमाल
  • कार्यबल की तैयारी और कौशल विकास
  • व्यापार रणनीति के साथ AI का एकीकरण

AI वैल्यू कंपास रिपोर्ट

इस लॉन्च के साथ संस्थान ने ‘AI वैल्यू कंपास’ नामक एक शोध रिपोर्ट भी जारी की, जिसे परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) के सहयोग से तैयार किया गया है।

लगभग 100 कंपनियों पर आधारित इस अध्ययन में पाया गया कि कई संगठन AI में निवेश तो कर रहे हैं, लेकिन वे केवल अल्पकालिक दक्षता पर ध्यान दे रहे हैं, दीर्घकालिक परिवर्तन पर नहीं।

रिपोर्ट में प्रमुख कमियां:

  • स्पष्ट AI दृष्टि और नेतृत्व की कमी
  • कमजोर गवर्नेंस ढांचा
  • प्रदर्शन मापने के अपर्याप्त मानक
  • कार्यबल की सीमित तैयारी

यह पहल भारत में AI के जिम्मेदार और रणनीतिक उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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vikash

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