हरियाणा सरकार ने केंद्र की पीएम श्री स्कूल योजना की तर्ज पर राज्य में सीएम श्री स्कूल शुरू करने की घोषणा की है। यह घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान की। नए स्कूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) पैटर्न पर आधारित होंगे और राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने का लक्ष्य रखेंगे।
सीएम श्री स्कूल की प्रमुख विशेषताएँ
- पीएम श्री स्कूल मॉडल पर आधारित
- CBSE पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली का पालन
- आधुनिक अधोसंरचना और स्मार्ट कक्षाएँ
- कौशल-आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षण पर जोर
- राज्य संचालित विद्यालयों के शैक्षणिक मानकों को सुदृढ़ करना
यह पहल हरियाणा में एकरूप शैक्षणिक मानक स्थापित करने और बेहतर शिक्षण परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आरटीई अधिनियम के तहत 25% आरक्षण
शिक्षा मंत्री ने बताया कि निजी विद्यालयों में प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के लिए आरक्षित हैं। यह प्रावधान बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) के तहत लागू है।
पिछले शैक्षणिक सत्र में:
- 14,127 आवेदन प्राप्त हुए
- 11,803 छात्रों को निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटित किया गया
यह नीति सामाजिक समावेशन और समान शैक्षणिक अवसर सुनिश्चित करने में सहायक है।
पीएम श्री स्कूल क्या हैं?
पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना का उद्देश्य चयनित सरकारी विद्यालयों को मॉडल संस्थानों में परिवर्तित करना है, जिनमें:
- आधुनिक बुनियादी ढाँचा
- स्मार्ट क्लासरूम
- अनुभवात्मक शिक्षा
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम
हरियाणा द्वारा सीएम श्री स्कूल शुरू करना इसी मॉडल को राज्य स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम है।
संभावित प्रभाव
सीएम श्री स्कूलों की शुरुआत से:
- शैक्षणिक अधोसंरचना में सुधार
- CBSE पैटर्न के अनुरूप पाठ्यक्रम का मानकीकरण
- सीखने के परिणामों में वृद्धि
- RTE प्रावधानों के माध्यम से समावेशी शिक्षा को बढ़ावा
गुणवत्ता सुधार और समावेशी प्रवेश नीति का यह संयुक्त प्रयास हरियाणा के स्कूल शिक्षा तंत्र को नई दिशा दे सकता है।


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