गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘आशा वैन’ नामक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट की शुरुआत की है। इस विशेष चिकित्सा वैन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में किया। यह वैन विशेष रूप से गांवों और दूरदराज़ के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए तैयार की गई है, जहाँ उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच सीमित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर का शुरुआती चरण में पता लगाना है, ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके और जान बचाई जा सके।
कैंसर से लड़ाई में प्रारंभिक निदान बेहद अहम होता है। ‘आशा वैन’ के माध्यम से लोगों को अब बुनियादी जांच के लिए शहरों तक लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी—सेवा सीधे उनके द्वार तक पहुंचेगी।
‘आशा वैन’ क्या है?
‘आशा वैन’ एक पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट है, जो पहियों पर चलते-फिरते छोटे अस्पताल की तरह काम करती है। यह राज्य के किसी भी हिस्से में जाकर ग्रामीण, आदिवासी और वंचित समुदायों को सेवाएं प्रदान कर सकती है। यह यूनिट कई गंभीर बीमारियों, विशेषकर विभिन्न प्रकार के कैंसर के संकेतों की पहचान करने में सक्षम है। मौके पर ही जांच और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर यह निदान में देरी को कम करती है और उपचार की सफलता की संभावना बढ़ाती है।
पहियों पर उन्नत चिकित्सा तकनीक
‘आशा वैन’ में आधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- EVA-Pro डायग्नोस्टिक तकनीक
- डिजिटल मैमोग्राफी मशीन
- टेली-कंसल्टेशन सुविधा (विशेषज्ञ सलाह के लिए)
इन उपकरणों की मदद से फेफड़े, मुख, रक्त, गर्भाशय ग्रीवा, अग्न्याशय, यकृत, स्तन और प्रोस्टेट सहित कई जानलेवा कैंसरों की जांच संभव है। मरीजों को तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट और चिकित्सकीय सलाह मिल जाती है, जो शुरुआती देखभाल के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा सहारा
‘आशा वैन’ का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह शहरों से दूर बसे क्षेत्रों तक पहुंच बनाती है। दूरी, खर्च और जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर जांच टाल देते हैं—यह पहल उन बाधाओं को दूर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर पहचान जीवन बचा सकती है और मरीजों को सामान्य जीवन में लौटने में मदद कर सकती है। यह परियोजना “स्वास्थ्य और कल्याण सबके लिए” के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका
उद्घाटन के बाद ‘आशा वैन’ को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की भावनगर शाखा को सौंपा गया, जो इसे जनसेवा के लिए संचालित करेगी। यह वैन दस तक प्रकार के कैंसर की जांच कर सकती है और अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाएगी। लॉन्च के दौरान स्वास्थ्य भागीदारों और रेड क्रॉस अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल की सहयोगात्मक भावना को दर्शाया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में कैंसर की शुरुआती पहचान अब अधिक प्रभावी हो गई है। ‘आशा वैन’ जैसी मोबाइल यूनिट्स उन क्षेत्रों में स्क्रीनिंग का विस्तार करेंगी जहाँ अस्पताल आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। गांवों तक उन्नत जांच सुविधाएं पहुंचाकर यह पहल जागरूकता बढ़ाएगी, नियमित स्वास्थ्य जांच को प्रोत्साहित करेगी और देर से पकड़े जाने वाले कैंसर मामलों का बोझ कम करेगी। दीर्घकाल में, ‘आशा वैन’ गुजरात को अधिक स्वस्थ और सुदृढ़ बनाने में एक सशक्त साधन सिद्ध होगी।


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