Home   »   वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026: फिनलैंड फिर...

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026: फिनलैंड फिर बना दुनिया का सबसे खुशहाल देश, जानें वजह

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 में एक बार फिर फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश घोषित किया गया है। यह लगातार नौवां वर्ष है जब फिनलैंड शीर्ष स्थान पर रहा है। इस रिपोर्ट को वेलबीइंग रिसर्च सेंटर द्वारा प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट में खास तौर पर युवाओं पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को भी उजागर किया गया है।

147 देशों की सूची में पाकिस्तान 104वें नंबर पर है। वहीं भारत 116वें स्थान पर है। 2025 में भारत की रैंकिंग 118वीं थी। वहीं ढाई साल से जंग में फंसा इजराइल दुनिया का 8वां सबसे खुशहाल देश बताया गया है। लिस्ट में सबसे नीचे संघर्ष वाले देश हैं। अफगानिस्तान फिर से सबसे कम खुशहाल देश रहा, उसके ऊपर सिएरा लियोन और मलावी हैं।

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026: शीर्ष 10 देश

रिपोर्ट में यूरोप, विशेषकर नॉर्डिक देशों का दबदबा देखने को मिला है।

शीर्ष 10 खुशहाल देश:

  1. फिनलैंड
  2. आइसलैंड
  3. डेनमार्क
  4. कोस्टा रिका
  5. स्वीडन
  6. नॉर्वे
  7. नीदरलैंड्स
  8. इज़रायल
  9. लक्ज़मबर्ग
  10. स्विट्ज़रलैंड

कोस्टा रिका ने पहली बार चौथे स्थान पर पहुंचकर रिकॉर्ड बनाया है।

रिपोर्ट 2026 की मुख्य बातें

  • सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से युवाओं की खुशी में गिरावट
  • स्क्रीन टाइम बढ़ने से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर
  • किशोरों और युवाओं पर ज्यादा प्रभाव, खासकर लड़कियों पर
  • ऑनलाइन तुलना और दबाव से तनाव बढ़ता है

पश्चिमी देशों में युवाओं की खुशी में गिरावट

25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में खुशी का स्तर घट रहा है।

प्रमुख देश:

  • अमेरिका
  • कनाडा
  • ऑस्ट्रेलिया
  • न्यूज़ीलैंड

इन देशों में पिछले दशक में युवाओं की संतुष्टि में लगातार गिरावट देखी गई है।

फिनलैंड क्यों है सबसे खुशहाल देश?

फिनलैंड जैसे देशों की खुशी का कारण अच्छी आर्थिक स्थिति, बराबरी से संसाधनों का बंटवारा, मजबूत वेलफेयर सिस्टम और बेहतर जीवन स्तर है। रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल से कई देशों में युवाओं की खुशी और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।

टॉप 10 में कोई अंग्रेजी-भाषी देश नहीं

लगातार दूसरे वर्ष भी कोई अंग्रेजी-भाषी देश टॉप 10 में शामिल नहीं हुआ।

अन्य रैंकिंग:

  • न्यूज़ीलैंड – 11वां
  • आयरलैंड – 13वां
  • ऑस्ट्रेलिया – 15वां

पश्चिमी देशों में खुशी में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, 2005–2010 की तुलना में कई पश्चिमी देशों में खुशी का स्तर घटा है।

मुख्य कारण:

  • नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि
  • सामाजिक दबाव
  • युवा पीढ़ी में असंतोष

पूर्वी यूरोप में सुधार

केंद्रीय और पूर्वी यूरोप के देशों में खुशी का स्तर बढ़ रहा है।

प्रमुख देश:

  • सर्बिया
  • बुल्गारिया
  • लातविया
  • बोस्निया और हर्जेगोविना

कोसोवो, स्लोवेनिया और चेक गणराज्य भी टॉप 20 में शामिल हुए हैं।

भारत की रैंकिंग 2026

भारत को इस रिपोर्ट में 116वां स्थान मिला है, जिसका लाइफ इवैल्युएशन स्कोर लगभग 4.536 है।

यह रैंकिंग दर्शाती है कि भारत में—

  • सामाजिक समर्थन
  • आय स्तर
  • भ्रष्टाचार की धारणा
  • जीवन के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता

जैसे क्षेत्रों में अभी सुधार की आवश्यकता है।

भारत के पड़ोसी देशों की रैंकिंग

  • चीन – 65वां
  • नेपाल – 99वां
  • पाकिस्तान – 104वां
  • बांग्लादेश – 127वां
  • श्रीलंका – 134वां

रिपोर्ट कैसे तैयार होती है?

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट तीन वर्षों के औसत जीवन संतुष्टि आंकड़ों पर आधारित होती है।

मुख्य मापदंड:

  • प्रति व्यक्ति GDP
  • स्वस्थ जीवन प्रत्याशा
  • सामाजिक समर्थन
  • जीवन के निर्णय लेने की स्वतंत्रता
  • उदारता और विश्वास
  • भ्रष्टाचार की धारणा
prime_image
QR Code
Scan Me