महिला PRI नेताओं का सशक्तीकरण, जानें सबकुछ

पंचायती राज मंत्रालय ने महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान” और “मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत (MWFGP)” जैसी दो प्रमुख पहल शुरू की हैं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज संस्थानों (PRIs) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (WERs) को सशक्त बनाना और ग्राम पंचायतों में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।

प्रमुख बिंदु

सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान

  • यह देशव्यापी क्षमता निर्माण कार्यक्रम है, जो पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (WERs) को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है।
  • उद्देश्य: महिला प्रतिनिधियों के नेतृत्व कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और ग्रामीण शासन में सक्रिय भागीदारी को मजबूत करना।
  • मुखिया पति या सरपंच पति संस्कृति को समाप्त करने पर विशेष जोर, जिससे महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकें।

मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत (MWFGP)

  • प्रत्येक जिले में कम से कम एक मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना का लक्ष्य।
  • लैंगिक संवेदनशीलता और बालिका-अनुकूल शासन प्रथाओं को बढ़ावा देना।

लैंगिक हिंसा से जुड़े कानूनों की मार्गदर्शिका

  • पंचायत प्रतिनिधियों के लिए लैंगिक हिंसा और हानिकारक प्रथाओं से संबंधित कानूनों की एक विस्तृत मार्गदर्शिका।

पंचायती राज संस्थानों में महिला भागीदारी की स्थिति

  • 14 लाख से अधिक महिलाएं पंचायती राज संस्थानों में निर्वाचित हैं।
  • बिहार जैसे राज्यों में 50% से अधिक महिला प्रतिनिधित्व, जो 33% आरक्षण को पार कर चुका है।

यह पहल ग्राम पंचायतों में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने और उन्हें निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सारांश/स्थिर विवरण विवरण
क्यों चर्चा में? महिला पंचायती राज नेताओं का सशक्तिकरण: सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान एवं मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत
सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (WERs) के लिए नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और सक्रिय भागीदारी को बढ़ाने हेतु क्षमता निर्माण कार्यक्रम। मुखिया पति” संस्कृति को समाप्त करने पर विशेष ध्यान।
मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत (MWFGP) प्रत्येक जिले में कम से कम एक मॉडल महिला-हितैषी ग्राम पंचायत की स्थापना, जिससे लैंगिक-संवेदनशील एवं बालिका-अनुकूल शासन को बढ़ावा मिले।
लैंगिक हिंसा से जुड़े कानूनों की मार्गदर्शिका पंचायत प्रतिनिधियों के लिए लैंगिक हिंसा और हानिकारक प्रथाओं से निपटने हेतु एक व्यापक मार्गदर्शिका
पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं की वर्तमान स्थिति PRIs में 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिलाएं, बिहार में 50% से अधिक महिला प्रतिनिधित्व, जो 33% आरक्षण को पार कर चुका है
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vikash

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