भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ नेता आर. नल्लाकन्नु का 25 फरवरी 2026 को चेन्नई में 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे आयु संबंधी बीमारियों के कारण 1 फरवरी से राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। उनके निधन के साथ ही तमिलनाडु ने अपने अंतिम शतायु और प्रभावशाली कम्युनिस्ट नेताओं में से एक को खो दिया। लगभग आठ दशकों तक नल्लाकन्नु ईमानदारी, त्याग और शोषितों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक बने रहे।
आर. नल्लाकन्नु – संघर्ष को समर्पित एक जीवन
आर. नल्लाकन्नु, जिन्हें स्नेहपूर्वक कॉमरेड आरएनके कहा जाता था, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के वरिष्ठ और सम्मानित नेता थे। उनका जन्म 26 दिसंबर 1925 को तमिलनाडु के तूतीकोरिन (Thoothukudi) जिले के श्रीवैगुंडम के निकट पेरुम्पथु गाँव में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने गरीबी और शोषण को करीब से देखा। मार्क्सवादी विचारधारा से प्रभावित होकर वे 1946 में, जब भारत अभी ब्रिटिश शासन के अधीन था, CPI में शामिल हुए। उनके लिए राजनीति कभी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का साधन नहीं रही, बल्कि शोषित और वंचित वर्गों को संगठित करने का आजीवन मिशन थी।
गिरफ्तारी, जेल और नेल्लै साजिश मामला
उनकी सक्रियता के कारण उन्हें सत्ता के विरोध का सामना करना पड़ा। 1948 में नेल्लै साजिश मामले में उन्हें गिरफ्तार कर सात वर्ष की सजा हुई। जेल के दौरान उन्होंने अमानवीय यातनाएँ झेलीं। एक घटना में एक पुलिसकर्मी ने उनकी मूंछ सिगरेट से जला दी, जिसके बाद उन्होंने जीवनभर मूंछ नहीं रखी। कठिनाइयों के बावजूद उनका संकल्प और मजबूत हुआ, और जेल का समय उनके राजनीतिक जीवन का निर्णायक अध्याय बन गया।
किसानों और पर्यावरण के प्रबल समर्थक
आर. नल्लाकन्नु का जीवन जमीनी आंदोलनों से गहराई से जुड़ा रहा। उनके प्रमुख संघर्ष क्षेत्रों में शामिल थे:
- किसानों के अधिकार और कृषि सुधार
- कृषि मजदूरों का कल्याण
- तमिलनाडु में अवैध रेत खनन का विरोध
- पर्यावरण संरक्षण, विशेषकर कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना पर चिंताएँ
लगभग 25 वर्षों तक उन्होंने किसान संगठनों का नेतृत्व किया और तमिलनाडु भर में मजबूत जनाधार तैयार किया। वृद्धावस्था तक वे सक्रिय रहे।
CPI और तमिलनाडु की राजनीति में नेतृत्व
उन्होंने 13 वर्षों तक CPI के राज्य सचिव के रूप में कार्य किया और पार्टी को तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत आधार प्रदान किया। उनके नेतृत्व में:
- मजदूरों और किसानों के बीच CPI का प्रभाव बढ़ा
- प्रगतिशील राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन मजबूत हुए
- सामाजिक न्याय और श्रमिक अधिकार प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने
2023 में CPM के वरिष्ठ नेता एन. शंकरैया के निधन के बाद, नल्लाकन्नु राज्य के अंतिम शतायु कम्युनिस्ट नेता थे।
व्यक्तिगत ईमानदारी और सादगी
आर. नल्लाकन्नु की सबसे बड़ी पहचान उनकी निष्कलंक ईमानदारी थी।
- 80वें जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भेंट की गई कार और ₹1 करोड़ की राशि उन्होंने लौटा दी।
- 2022 में ‘थगैसाल तमिझर’ पुरस्कार के तहत मिले ₹15 लाख उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दिए और अपनी ओर से ₹5,000 अतिरिक्त जोड़े।
सार्वजनिक जीवन में दशकों बिताने के बावजूद उन्होंने सादा जीवन जिया और सभी राजनीतिक दलों के बीच सम्मान प्राप्त किया।
पुरस्कार और सम्मान
उनके योगदान को व्यापक रूप से मान्यता मिली। उन्हें प्राप्त प्रमुख सम्मान:
- अंबेडकर पुरस्कार (2008)
- ‘थगैसाल तमिझर’ पुरस्कार (2023)
ये सम्मान सामाजिक न्याय, कृषि सुधार और प्रगतिशील राजनीति के प्रति उनके आजीवन समर्पण का प्रतीक थे।


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