अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की पहली महिला नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति की घोषणा 31 मार्च को की गई थी, और इसे मुंबई में कुशल शासन तथा नागरिक परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में एक अच्छा निर्णय माना जा रहा है। वह भूषण गगरानी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्यभार संभालेंगी और 2030 तक इस पद पर रहेंगी।
अश्विनी भिड़े कौन हैं?
- अश्विनी भिड़े महाराष्ट्र कैडर की एक वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। वे अपने मज़बूत प्रशासनिक कौशल और अपने करियर में बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जानी जाती हैं।
- उन्होंने एक परिणाम-उन्मुख नौकरशाह के तौर पर और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा परिवहन नियोजन के क्षेत्र में एक विशेषज्ञ के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। वे उन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए भी जानी जाती हैं, जिनका नेतृत्व उन्होंने किया है।
- उनकी नियुक्ति शीर्ष नागरिक प्रशासनिक भूमिकाओं में लैंगिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
करियर की मुख्य बातें और अहम योगदान
इन वर्षों में, अश्विनी भिडे ने महाराष्ट्र प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
मुंबई मेट्रो परियोजनाओं में नेतृत्व
- वह मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) की प्रबंध निदेशक के तौर पर अपनी भूमिका के लिए व्यापक रूप से जानी जाती हैं, और मुंबई मेट्रो लाइन 3 (कोलाबा-बांद्रा-SEEPZ) परियोजना के क्रियान्वयन में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
- उनके कार्य ने उनके सशक्त परियोजना प्रबंधन कौशल और जटिल शहरी बुनियादी ढांचा चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित किया है।
- उन्होंने शहरी विकास और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी विभिन्न प्रशासनिक भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दी हैं।
BMC क्या है?
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) भारत की सबसे अमीर म्युनिसिपल संस्था है। BMC मुंबई के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार है। BMC का नेतृत्व करना भारत में सबसे चुनौतीपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाओं में से एक माना जाता है।


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