यादगिर में 39,000 से अधिक युवाओं को युवा निधि योजना के तहत ₹11.70 लाख मिले

कर्नाटक सरकार की ‘युवा निधि योजना’ ने यादगिर ज़िले में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहाँ 39,132 पात्र बेरोज़गार युवाओं को कुल ₹11.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह योजना सरकार द्वारा वादा की गई पांच गारंटियों में से एक है और इसका सफल क्रियान्वयन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किया जा रहा है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

  • डिग्री / मास्टर डिग्री धारकों के लिए भत्ता: ₹3,000 प्रति माह
  • डिप्लोमा धारकों के लिए भत्ता: ₹1,500 प्रति माह
  • अवधि: कोर्स समाप्ति के 6 महीने बाद से 2 वर्षों तक
  • भुगतान का माध्यम: सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
  • समाप्ति: नौकरी प्राप्त होते ही लाभ बंद कर दिया जाएगा

यादगिर ज़िले में योजना का कवरेज

लाभार्थी: 39,132 बेरोज़गार युवा

कुल वितरित राशि: ₹11.70 लाख

संस्थानों की संख्या:

  • 89 डिग्री कॉलेज

  • 5 डिप्लोमा कॉलेज

  • 1 इंजीनियरिंग कॉलेज

अनुपालन और घोषणा नियम

  • नौकरी सूचना अनिवार्यता: लाभार्थी को नौकरी मिलते ही विभाग को सूचित करना होगा
  • मासिक स्व-घोषणा: अपनी रोजगार स्थिति की मासिक रिपोर्ट देना अनिवार्य है

उद्देश्य और प्रभाव

  • शिक्षित लेकिन बेरोज़गार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना
  • शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को भरना
  • स्व-घोषणा के माध्यम से ईमानदारी और जवाबदेही को बढ़ावा देना
  • युवाओं में कौशल विकास और रोजगार तत्परता को बढ़ावा देना
  • समावेशी और उत्तरदायी कल्याणकारी शासन का परिचायक

युवा निधि योजना, कर्नाटक सरकार की रोजगार उन्मुख और पारदर्शी नीति को दर्शाती है, जो राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

Tax Collection: शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 1.39 फीसदी गिरा

इस वित्त वर्ष में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ें के अनुसार चालू वित्त वर्ष में अब तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.59 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 1.39 प्रतिशत कम है। 2024 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.65 लाख करोड़ रुपये था। इसमें कहा गया कि इस गिरावट का मुख्य कारण अग्रिम कर संग्रह की रफ्तार में आई कमी है।

समाचार में क्यों?

21 जून 2025 को जारी केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 19 जून 2025 तक की अवधि में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रहण ₹4.59 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹4.65 लाख करोड़ से 1.39% कम है। यह गिरावट मुख्यतः कॉर्पोरेट अग्रिम कर संग्रहण में मंदी के कारण दर्ज की गई है।

प्रमुख बिंदु और आंकड़े

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रहण (1 अप्रैल – 19 जून 2025):

₹4.59 लाख करोड़ (1.39% की गिरावट)

सकल प्रत्यक्ष कर संग्रहण:

₹5.45 लाख करोड़ (वर्ष दर वर्ष 4.86% की वृद्धि)

अग्रिम कर संग्रहण:

  • ₹1.55 लाख करोड़ (3.87% की वृद्धि)
  • पिछले वर्ष (2024): 27% की बढ़ोतरी
  • कॉर्पोरेट अग्रिम कर: ₹1.22 लाख करोड़ (5.86% वृद्धि)
  • गैर-कॉर्पोरेट अग्रिम कर: ₹33,928 करोड़ (2.68% की गिरावट)
  • व्यक्तिगत आयकर संग्रहण: ₹2.73 लाख करोड़ (0.7% की वृद्धि)
  • कॉर्पोरेट कर संग्रहण (कुल): ₹1.73 लाख करोड़ (5% से अधिक गिरावट)
  • सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT): ₹13,013 करोड़ (12% की वृद्धि)
  • जारी किए गए टैक्स रिफंड: ₹86,385 करोड़ (58% की वृद्धि)

उद्देश्य और निहितार्थ

अग्रिम कर का उद्देश्य:
आय अर्जन के साथ-साथ समय पर कर संग्रह सुनिश्चित करना और वर्ष के अंत में एकमुश्त कर बोझ से बचना।

रिफंड की अधिकता का प्रभाव:
उच्च रिफंड जारी होने के कारण शुद्ध कर संग्रह में गिरावट देखी गई, भले ही सकल संग्रह बढ़ा हो।

आर्थिक संकेत:
शुरुआती संकेत बताते हैं कि कॉर्पोरेट कमाई में गिरावट या कंपनियों द्वारा सतर्कता के साथ कर अनुमान लगाया जा रहा है।

नीतिगत महत्व:
यह आंकड़े राजकोषीय निर्णयों और कर अनुपालन की प्रवृत्तियों की समीक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

समग्र महत्व

यह वित्तीय संकेत बताता है कि सकल कर संग्रह बढ़ रहा है, लेकिन शुद्ध संग्रह में गिरावट रिफंड और कॉर्पोरेट अग्रिम कर में मंदी के कारण हो रही है। यह कॉर्पोरेट भारत में सतर्क रुख को दर्शाता है और राजकोषीय संतुलन बनाए रखने हेतु सक्रिय नीतिगत समीक्षा की आवश्यकता को इंगित करता है।

शिवसुब्रमण्यम रमण ने PFRDA के अध्यक्ष का पदभार संभाला

शिवसुब्रमण्यम रमण ने पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरपर्सन का पदभार हाल ही में संभाला लिया। पीएफआरडीए ने बयान में कहा, भारत सरकार ने आठ अप्रैल 2025 की अधिसूचना के तहत उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति इसी तारीख से प्रभावी हो गई और यह उनके 65 वर्ष के होने या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगी।

समाचार में क्यों?

शिवसुब्रमण्यम रमण ने 20 जून 2025 को औपचारिक रूप से पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। भारत सरकार ने 8 अप्रैल 2025 की अधिसूचना के माध्यम से उनकी नियुक्ति की थी। वे दीपक मोहंती का स्थान ले रहे हैं और उनका कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) रहेगा। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और वत्सल्य योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से पेंशन कवरेज को औपचारिक और अनौपचारिक दोनों क्षेत्रों में गहराई से विस्तारित करने की दिशा में प्रयासरत है।

शिवसुब्रमण्यम रमण का व्यावसायिक अनुभव

पूर्व पद:

  • अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, SIDBI

  • प्रबंध निदेशक और सीईओ, नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड (NeSL)

  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) कार्यालय में उप CAG और CTO

  • SEBI में मुख्य महाप्रबंधक और कार्यकारी निदेशक

  • प्रधान महालेखा परीक्षक, झारखंड

शैक्षणिक योग्यताएं:

  • BA (अर्थशास्त्र) और MBA — दिल्ली विश्वविद्यालय
  • MSc (वित्तीय विनियमन) — लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स
  • LLB
  • सर्टिफाइड इंटरनल ऑडिटर — IIA फ्लोरिडा
  • सर्टिफाइड चीफ डिजिटल ऑफिसर — ISB
  • पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा इन सिक्योरिटीज लॉ

नियुक्ति से जुड़ी प्रमुख बातें

पदभार ग्रहण: 20 जून 2025

कार्यकाल: 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक

वेतन: ₹5,62,500 प्रतिमाह (घर या गाड़ी की सुविधा नहीं)

नियुक्ति का माध्यम: भारत सरकार की अधिसूचना (8 अप्रैल 2025)

स्थानापन्न: दीपक मोहंती (मार्च 2023 में नियुक्त हुए थे)

PFRDA के बारे में

स्थापना: 2003

उद्देश्य:

  • भारत में पेंशन क्षेत्र का प्रचार, विनियमन और विकास

  • राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) का पर्यवेक्षण

  • असंगठित और स्वरोज़गार वाले क्षेत्रों में पेंशन कवरेज का विस्तार

वर्तमान प्राथमिकताएं

  • NPS वत्सल्य योजना: माता-पिता को बच्चों के भविष्य के लिए पेंशन बचत की सुविधा
  • पेंशन परिसंपत्ति आवंटन में वृद्धि: वर्तमान में केवल 5.7% भारतीय घरेलू संपत्ति ही पेंशन क्षेत्र में लगी है

रमण की नियुक्ति का महत्व

  • दशकों का नियामक, लेखा परीक्षण और विकास वित्त का अनुभव
  • तकनीकी एकीकरण, रिटायरमेंट समावेशन और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने की क्षमता
  • SIDBI और SEBI में अनुभव के जरिए माइक्रो-पेंशन कवरेज को नई दिशा देने की उम्मीद
  • ऐसे समय में कार्यभार संभाला है जब महत्वपूर्ण पेंशन सुधार, डिजिटल विस्तार और जनसंख्या वृद्धावस्था की ओर बढ़ रही है

यह नियुक्ति भारत की पेंशन प्रणाली को अधिक समावेशी, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

ऑपरेशन मिडनाइट हैमर: ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले के बारे में जानकारी

पेंटागन ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के क्रियान्वयन की घोषणा की, जो ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक अत्यधिक गोपनीय सैन्य अभियान है। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दो सप्ताह की स्व-निर्धारित समय सीमा को समाप्त करने के कुछ ही दिनों बाद हुई, जो तेहरान के प्रति अमेरिकी रुख में एक नाटकीय बदलाव का संकेत है।

समाचार में क्यों?

एक चौंकाने वाले और साहसी कदम के तहत, अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की घोषणा की—यह ईरान के परमाणु ढांचे को निशाना बनाकर किया गया एक अति-गोपनीय सैन्य अभियान है। यह घोषणा तब आई जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह की आत्म-निर्धारित समयसीमा को खत्म कर, ईरान के प्रति अमेरिकी रुख में बड़ा बदलाव कर दिया।

सटीक लक्ष्य: ईरान की परमाणु साइट्स पर हमला

पेंटागन ने पुष्टि की कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य फोर्दो (Fordow), नतांज (Natanz) और इस्फहान (Isfahan) स्थित तीन प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाना था।
यह मिशन बेहद सुनियोजित, सटीक और रणनीतिक रूप से समन्वित था, जिसका उद्देश्य बिना व्यापक युद्ध छेड़े ईरान की परमाणु हथियार क्षमता को समाप्त करना था।

ऑपरेशन की रणनीति और उद्देश्य

जनरल डैन कैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने बताया कि यह एक “जटिल और उच्च जोखिम वाला मिशन” था, जो अमेरिका की वैश्विक सैन्य क्षमताओं को दर्शाता है।

  • सीमित अधिकारियों को ही इस अभियान की जानकारी थी
  • सटीकता, समन्वय और गोपनीयता इस मिशन की विशेषताएं थीं
  • ईरान को चौंकाकर उसके परमाणु खतरे को निष्क्रिय करना प्रमुख उद्देश्य था

ऑपरेशन का निष्पादन: मध्यरात्रि का हमला

प्रारंभिक तैनाती और रणनीतिक चकमा

शुक्रवार मध्यरात्रि को अमेरिका से B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स का बड़ा बेड़ा रवाना हुआ।

  • कुछ विमान प्रशांत महासागर की ओर भटकाव के लिए भेजे गए

  • असली हमले के लिए 7 B-2 बमवर्षक चुपचाप ईरान की दिशा में बढ़े

18 घंटे की उड़ान और समन्वय

  • अनेक इन-फ्लाइट ईंधन भराई मिशनों के साथ यह अभियान 18 घंटे लंबा रहा

  • मध्य-पूर्व में पहुंचने के बाद बमवर्षकों ने लड़ाकू विमानों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और समर्थन विमानों से संपर्क साधा

  • यह समन्वय संकीर्ण हवाई गलियारे में अद्वितीय सैन्य तालमेल का उदाहरण था

चकमा देने की रणनीति और शुरुआती मिसाइल हमले

टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल हमले

शाम 5:00 (EST) पर इस्फहान के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने 24+ टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें दागीं

  • यह हमला मुख्य हवाई हमले के साथ समन्वित किया गया था

  • लक्ष्य था ईरानी रडार और सतही संरचनाएं

इलेक्ट्रॉनिक और हवाई वर्चस्व

  • 4वीं और 5वीं पीढ़ी के अमेरिकी फाइटर जेट्स ने आगे उड़कर ईरानी रक्षा प्रणाली को भ्रमित किया

  • हाई-स्पीड दमन हथियारों ने ईरान की सतह-से-हवा मिसाइल प्रणालियों को निष्क्रिय किया

  • इसके बाद बमवर्षकों का प्रवेश निर्बाध रहा

सटीक हमले: फोर्दो, नतांज और इस्फहान का विध्वंस

बमबारी की समय सीमा: शाम 6:40 से 7:05 बजे (EST)

  • पहला GBU-57 मासिव ऑर्डनेंस पेनीट्रेटर बम फोर्दो पर गिराया गया

  • अगले 25 मिनट में तीनों साइट्स पर बारीकी से लक्षित हमले किए गए

  • अंतिम हमला टॉमहॉक मिसाइलों द्वारा इस्फहान पर हुआ

निकासी रणनीति और परिणाम

  • बमवर्षकों ने बिना किसी विरोध के ईरानी वायु क्षेत्र छोड़ा
  • कोई अमेरिकी हताहत नहीं, न ही विमान क्षतिग्रस्त हुए
  • ईरान की ओर से तत्काल कोई जवाबी हमला नहीं
  • पेंटागन ने इसे “स्टेल्थ युद्ध का उत्कृष्ट उदाहरण” बताया

प्रतीकात्मक और रणनीतिक महत्व

  • यह ऑपरेशन अमेरिकी सैन्य क्षमता, रणनीतिक चुप्पी, और विश्व स्तर पर सटीक हमला करने की क्षमता का प्रतीक है

  • ईरान-अमेरिका संबंधों में एक निर्णायक मोड़

  • अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान के लिए यह एक उच्च स्तरीय संयुक्त ऑपरेशन सफलता मानी जा रही है

कार्लोस अल्काराज ने दूसरा क्वींस क्लब खिताब जीता

कार्लोस अल्काराज ने हाल ही में जिरी लेहेका को 7-5, 6-7(5), 6-2 से हराते हुए एचएसबीसी चैंपियनशिप 2025 का फाइनल अपने नाम कर लिया। यह उनका दूसरा क्वींस क्लब खिताब है। 22 साल के स्पेनिश खिलाड़ी ने इस सीजन का पांचवां खिताब जीता। उनके करियर की यह 21वीं टूर-लेवल ट्रॉफी है, जिसे जीतने के लिए उन्होंने रोमांचक और शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

समाचार में क्यों?

दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी कार्लोस अल्कराज ने 23 जून 2025 को खेले गए फाइनल में चेक गणराज्य के जीरी लेहेका को कड़े मुकाबले में 7-5, 6-7(5), 6-2 से हराकर क्वीन क्लब चैंपियनशिप का दूसरा खिताब जीत लिया। यह जीत विम्बलडन से ठीक एक सप्ताह पहले अल्कराज की जबरदस्त फॉर्म का संकेत देती है। 22 वर्षीय स्पेनिश स्टार अब लगातार तीसरा विम्बलडन खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ इस साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम में उतरेंगे।

मैच की मुख्य झलकियां

  • फाइनल स्कोर: अल्कराज ने लेहेका को 7-5, 6-7(5), 6-2 से हराया
  • पहला सेट: 5-5 पर ब्रेक कर अल्कराज ने 45 मिनट में सेट जीता
  • दूसरा सेट: टाईब्रेक में लेहेका ने बढ़त बनाकर मैच बराबर किया
  • तीसरा सेट: अल्कराज ने शुरुआत से ही नियंत्रण में रहते हुए 4-1 की बढ़त बनाई और मैच जीत लिया

प्रदर्शन और रिकॉर्ड

  • क्वीन क्लब में दूसरा खिताब (पहला 2023 में)
  • घास कोर्ट पर 18 मैचों की जीत की लय जारी
  • 2025 में अब तक 5 खिताब – जिनमें इंडियन वेल्स और मैड्रिड शामिल हैं
  • अप्रैल से अब तक केवल एक हार – होल्गर रूण के खिलाफ (बार्सिलोना)

अल्कराज के विचार

  • “यह ट्रॉफी मेरे लिए बेहद खास है।”
  • “मैंने ज़्यादातर समय खेल पर नियंत्रण महसूस किया और हर पल का आनंद लिया।”

खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि

कार्लोस अल्कराज (स्पेन)

  • उम्र: 22 वर्ष

  • ग्रैंड स्लैम खिताब: 5

  • ताकत: जबरदस्त एथलेटिक क्षमता, विविधता और मानसिक मजबूती

  • विम्बलडन चैंपियन: 2023 और 2024

जीरी लेहेका (चेक गणराज्य)

  • उम्र: 23 वर्ष

  • उभरते हुए खिलाड़ी, शक्तिशाली ग्राउंडस्ट्रोक्स

  • खेल शैली में दिग्गज इवान लेंडल की झलक

आगामी विम्बलडन 2025

  • आरंभ: सोमवार, 30 जून 2025
  • अल्कराज की रैंकिंग: दूसरी वरीयता (नंबर 1 – जाननिक सिनर)
  • लक्ष्य: लगातार तीसरा विम्बलडन खिताब (हैट्रिक)

INS तमाल 1 जुलाई को भारतीय नौसेना में होगा शामिल

भारतीय नौसेना ‘INS तमाल’ को 1 जुलाई 2025 को रूस के कालिनिनग्राद में कमीशन करने जा रही है। यह एक अत्याधुनिक स्टील्थ मल्टी-रोल फ्रिगेट है और भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला अंतिम विदेशी निर्मित युद्धपोत होगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की दिशा में भारत की नौसैनिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

समाचार में क्यों?

INS तमाल का कमीशन होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला अंतिम विदेशी निर्मित युद्धपोत है। यह रूस के यांतार शिपयार्ड में निर्मित किया गया है और भारत सरकार की स्वदेशी रक्षा उत्पादन नीति की सफलता का प्रतीक है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय जे. सिंह करेंगे, जो रूस से पिछले दो दशकों से हो रहे युद्धपोत आयात के युग का औपचारिक समापन करेगा।

INS तमाल की प्रमुख विशेषताएं

  • वर्ग: क्रिवाक/तूशील क्लास फ्रिगेट
  • लंबाई: 125 मीटर
  • वजन: 3,900 टन विस्थापन
  • स्टील्थ डिज़ाइन: रडार पर पकड़ने में कठिन, अधिक स्थिरता
  • हथियार प्रणाली: ब्रह्मोस लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस
  • क्रू क्षमता: 250 से अधिक नौसैनिक
  • सी ट्रायल्स: तीन महीने की कठिन समुद्री परीक्षण श्रृंखला सफलतापूर्वक पूर्ण

स्वदेशीकरण की प्रमुख बातें

  • अंतिम आयातित युद्धपोत: INS तमाल के बाद कोई विदेशी युद्धपोत नहीं खरीदा जाएगा
  • स्वदेशी सामग्री: प्रारंभ में 26% स्वदेशी उपकरण; अब बढ़ाकर 33% कर दिया गया
  • स्थानीय निर्माण: गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में इसी श्रेणी के दो फ्रिगेट रूसी सहयोग से निर्माणाधीन

रणनीतिक महत्व

  • फ्लीट में समावेश: INS तमाल भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े (Sword Arm) में शामिल होगा
  • भूराजनीतिक संकेत: भारत-रूस रक्षा सहयोग का उदाहरण, साथ ही स्वदेशी निर्माण की ओर निर्णायक बदलाव
  • प्रशिक्षण: भारतीय क्रू को सेंट पीटर्सबर्ग और कालिनिनग्राद की कठोर सर्दियों में प्रशिक्षित किया गया
  • प्रतीकात्मकता: भारत की रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता और उन्नत क्षमताओं का प्रतीक

पृष्ठभूमि

  • क्रिवाक क्लास इतिहास: भारत ने 2000 के दशक की शुरुआत से अब तक कुल 8 क्रिवाक-क्लास फ्रिगेट्स को शामिल किया है।

  • मेक इन इंडिया पहल: तकनीकी हस्तांतरण और रक्षा क्षेत्र में स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देती है।

  • यांतार शिपयार्ड: रूस का प्रमुख जहाज निर्माण यार्ड, जिसने दशकों तक भारत को नौसैनिक युद्धपोतों की आपूर्ति की है।

थंडर ने ओक्लाहोमा सिटी में फ्रैंचाइज़ी का पहला एनबीए खिताब जीता

ओक्लाहोमा सिटी थंडर ने 22 जून 2025 को  सिएटल से 2008 में स्थानांतरित होने के बाद अपनी पहली NBA चैंपियनशिप जीत ली। उन्होंने इंडियाना पेसर्स को पेकॉम सेंटर में खेले गए रोमांचक गेम 7 में 103–91 से हराकर यह खिताब हासिल किया। NBA MVP शाई गिलजियस-अलेक्जेंडर के नेतृत्व में थंडर की युवा टीम ने प्रेरणादायक प्रदर्शन करते हुए ओक्लाहोमा सिटी के लिए पहला बड़ा पेशेवर खेल खिताब सुनिश्चित किया।

समाचार में क्यों?

22 जून 2025 को ओक्लाहोमा सिटी थंडर ने इंडियाना पेसर्स को निर्णायक गेम 7 में 103–91 से हराकर अपना पहला NBA खिताब जीता, जो 2008 में सिएटल से ओक्लाहोमा आने के बाद उनकी पहली चैम्पियनशिप है। यह जीत न केवल टीम के लिए, बल्कि स्टार खिलाड़ी और NBA MVP शाई गिलजियस-अलेक्जेंडर के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही, जिन्हें फाइनल्स MVP चुना गया। मैच के दौरान इंडियाना के प्रमुख खिलाड़ी टायरीज़ हैलीबर्टन की चोट ने भावनात्मक माहौल पैदा कर दिया, जब वे शुरुआत में ही एचिलीज़ इंजरी के कारण बाहर हो गए।

गेम 7 की मुख्य झलकियां

  • फाइनल स्कोर: थंडर 103 – 91 पेसर्स
  • पहले हाफ में लीड बदली: 11 बार
  • टर्निंग पॉइंट: तीसरे क्वार्टर में थंडर ने पेसर्स को 34–20 से पछाड़ा

थंडर की प्रमुख तिकड़ी का प्रदर्शन

  • शाई गिलजियस-अलेक्जेंडर: 29 अंक, 12 असिस्ट
  • जालन विलियम्स: 20 अंक
  • चेट होल्मग्रेन: 18 अंक, 8 रीबाउंड

थंडर की जीत का फॉर्मूला

  • युवा और गतिशील कोर: बेहतर तालमेल और बहु-आयामी खेल शैली
  • ऊँचा लाइनअप: होल्मग्रेन और हार्टेंस्टाइन दोनों स्टार्टिंग में
  • एलेक्स कारूज़ो का योगदान: शुरुआती तीन-पॉइंटर्स और स्पेसिंग
  • तीसरे क्वार्टर की रैली: शाई, होल्मग्रेन और विलियम्स ने लगातार तीन थ्री-पॉइंटर्स मारे
  • कोचिंग: शांत दिमाग और प्रभावी रोटेशन बदलाव

इस जीत का महत्व

  • ओक्लाहोमा सिटी में पहला NBA खिताब
  • फ्रेंचाइज़ी का कुल मिलाकर दूसरा खिताब (पहला 1979 में सिएटल सुपरसॉनिक्स के रूप में)
  • शाई गिलजियस-अलेक्जेंडर: फाइनल्स MVP, टीम की खिताबी दौड़ का चेहरा
  • NBA इतिहास में सबसे सफल पुनर्निर्माण (रीबिल्ड) प्रयासों में से एक माना जा रहा है
  • जीत अपने घरेलू प्रशंसकों के सामने, उत्साहपूर्ण माहौल में हासिल की गई

बजाज आलियांज ने राज्य-विशिष्ट स्वास्थ्य बीमा योजनाएं शुरू कीं

बजाज आलियांज द्वारा 20 जून 2025 को राज्यवार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की शुरुआत भारत के स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नवाचार को दर्शाती है। भारत के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य सेवा ढांचे, इलाज की लागत और रोगों के प्रकार में भारी भिन्नता है। ऐसे में यह पहल सस्ती और आवश्यकता-आधारित बीमा योजनाओं की मांग को पूरा करती है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें अभी तक बीमा नहीं मिला है क्योंकि प्रीमियम अधिक होता है।

राज्यवार स्वास्थ्य बीमा की प्रमुख विशेषताएं

अनुकूलित प्रीमियम:
स्थानीय अस्पतालों की संरचना, इलाज की लागत और क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रवृत्तियों के आधार पर निर्धारित।

सस्ती योजना पर जोर:
राज्य के अनुसार प्रीमियम में 10–15% तक का अंतर।

लक्ष्य समूह:

  • शहरी निम्न-मध्यम वर्ग

  • ग्रामीण मध्यम वर्ग

  • ‘मिसिंग मिडल’ — जो आयुष्मान भारत या निजी बीमा योजनाओं के तहत नहीं आते।

उपलब्ध वैरिएंट्स:

  • व्यक्तिगत योजना

  • फैमिली फ्लोटर योजना

उद्देश्य और दृष्टिकोण

बीमा कवरेज में अंतर को पाटना:
उन वर्गों को कवर करना जो लागत के कारण बीमा से वंचित हैं।

सभी के लिए बीमा:
सर्वजन स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के लक्ष्य से मेल खाता है।

स्थानीय प्रासंगिकता:
रोगों की स्थिति से लेकर स्वास्थ्य सेवा की लागत तक, योजनाएं राज्य-विशिष्ट जरूरतों के अनुसार तैयार की गई हैं।

पृष्ठभूमि और उद्योग पर प्रभाव

  • परंपरागत रूप से भारत में स्वास्थ्य बीमा “ज़ोन-आधारित प्रीमियम मॉडल” (मेट्रो, टियर I/II/III शहर) पर आधारित था।

  • बजाज आलियांज का राज्य-आधारित मूल्य निर्धारण और अधिक सूक्ष्म, डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाता है।

  • यह पहल माइक्रो-इंश्योरेंस और समावेशी स्वास्थ्य वित्त के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर सकती है।

भारतीय एनिमेटेड फिल्म देसी ऊन ने एनेसी 2025 में जूरी पुरस्कार जीता

भारतीय संस्कृति और दृश्य कथा पर आधारित एनिमेटेड फिल्म ‘देशी ऊन’ ने एनेसी इंटरनेशनल एनीमेशन फेस्टिवल 2025 में सर्वश्रेष्ठ कमीशन्ड फिल्म के लिए जूरी पुरस्कार जीता है। यह फेस्टिवल एनिमेशन उद्योग का सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच माना जाता है। फिल्म के निर्देशक सुरेश एरियत, भारतीय एनीमेशन के अग्रणी हस्ती हैं। इस फिल्म ने दुनियाभर में कई पुरस्कार जीते हैं और इसे न्यूयॉर्क के म्यूज़ियम ऑफ मॉडर्न आर्ट (MoMA) के संग्रह में भी शामिल किया गया है।

मुख्य बिंदु:

  • एनेसी 2025: सर्वश्रेष्ठ कमीशन्ड फिल्म के लिए जूरी पुरस्कार

  • WAVES अवॉर्ड्स ऑफ एक्सीलेंस 2025: सर्वश्रेष्ठ फिल्म

  • Create in India Challenge: सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में शीर्ष प्रविष्टि

  • MoMA, न्यूयॉर्क में आर्काइव: AICP शो 2025 के माध्यम से

  • Cannes Lions 2025: फिल्म क्राफ्ट लायन्स श्रेणी में शॉर्टलिस्ट

देशी ऊन के बारे में:

  • फिल्म भारतीय परंपराओं, हास्य और कहानी कहने की कला को एनिमेशन के माध्यम से प्रस्तुत करती है।

  • फ्रेम-बाय-फ्रेम तकनीक से बनाई गई यह फिल्म आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक गहराई का अद्भुत मिश्रण है।

  • इसे भारतीय अधिकारियों द्वारा “सांस्कृतिक मील का पत्थर” करार दिया गया है।

सरकारी और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया:

  • अनुभव सिंह (सूचना और प्रसारण मंत्रालय):
    “देशी ऊन हमारे AVGC-XR विज़न का आदर्श उदाहरण है।”

  • संजय खिमेसरा (ASIFA India):
    “यह जीत पूरे भारतीय एनीमेशन समुदाय की है। यह विश्व मंच पर सपने देखने का आह्वान है।”

महत्व:

  • 60+ देशों से प्रविष्टियाँ, 32 थीम्स पर आधारित

  • Creatosphere @ WAVES 2025, मुंबई के Jio World Convention Centre में आयोजित

  • उद्देश्य: स्थानीय कहानियों को विश्वस्तरीय तकनीक से प्रस्तुत करना और वैश्विक पहचान दिलाना

HAL को एसएसएलवी प्रक्षेपणों के निर्माण और व्यावसायीकरण के लिए ₹511 करोड़ का सौदा मिला

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इसरो (ISRO) से स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) के निर्माण और व्यवसायीकरण (commercialisation) के लिए ₹511 करोड़ का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) समझौता हासिल किया है। इस घोषणा को IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र) ने सफल निविदा प्रक्रिया के बाद सार्वजनिक किया। यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में वाणिज्यिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पृष्ठभूमि और उद्देश्य:

  • SSLV एक तीन-चरणों वाला प्रक्षेपण यान है, जिसे 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

  • इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्षम बनाना और भारत में एक मज़बूत वाणिज्यिक प्रक्षेपण तंत्र तैयार करना है।

  • ISRO अब अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर अधिक ध्यान देगा, जबकि नियमित प्रक्षेपण यानों का निर्माण और संचालन उद्योग के हवाले किया जा रहा है।

सौदे के प्रमुख विवरण:

  • एजेंसियां शामिल: HAL, ISRO, IN-SPACe, न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL)

  • सौदे का मूल्य: ₹511 करोड़

  • वाहन: स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV)

  • प्रशिक्षण अवधि: 2 वर्ष, ISRO द्वारा पूर्ण तकनीकी मार्गदर्शन

  • उत्पादन लक्ष्य: भविष्य में प्रति वर्ष 6–12 SSLV का निर्माण

निविदा और मूल्यांकन प्रक्रिया:

  • कई चरणों में तकनीकी और वित्तीय क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया।

  • तीन शॉर्टलिस्ट प्रतिभागी:

    • HAL (स्वतंत्र बोलीदाता)

    • अल्फा डिज़ाइन टेक्नोलॉजीज + अग्निकुल + वालचंद

    • भारत डायनामिक्स + स्काईरूट + केल्ट्रॉन + BHEL

  • HAL ने सबसे उच्च वित्तीय बोली लगाकर सौदा हासिल किया।

भविष्य की रूपरेखा:

  • HAL शुरुआत में ISRO की निगरानी में दो SSLV बनाएगा, इसके बाद वह स्वतंत्र रूप से निर्माण और प्रक्षेपण कर सकेगा।

  • समझौते में ISRO और HAL दोनों के केंद्रों पर गहन तकनीकी प्रशिक्षण शामिल है।

  • प्रक्षेपण संबंधी उत्तरदायित्व (liability) अंतरराष्ट्रीय मानकों और सरकारी नीति के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।

प्रमुख वक्तव्य:

  • पवन गोयनका (अध्यक्ष, IN-SPACe): “HAL दो वर्षों में पूरी तकनीक प्राप्त कर लेगा और उसके बाद संचालन का पूरा नियंत्रण ले लेगा।”

  • राजीव ज्योति (निदेशक, IN-SPACe): “SSLV प्रणाली बहुविषयी (multidisciplinary) होने के कारण प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।”

  • बरन्य सेनापति (HAL निदेशक – वित्त): “HAL उत्पादन को चरणबद्ध रूप से बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है।”

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