गोवा में 2020 के राष्ट्रीय खेलों के शुभंकर का किया गया अनावरण

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गोवा के पणजी में आयोजित होने 2020 के राष्ट्रीय खेलों के आधिकारिक शुभंकर ‘रुबीगुला’, फ्लेम-थ्रोटेड बुलबुल (कलगी बुलबुल) का अनावरण किया गया है। कलगी बुलबुल गोवा का राज्य पक्षी भी है। गोवा 20 अक्टूबर से 4 नवंबर 2020 तक चलने वाले राष्ट्रीय खेलों के 36 वें संस्करण की मेजबानी करेगा।

उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • गोवा के मुख्यमंत्री: प्रमोद सावंत; गोवा के राज्यपाल: सत्य पाल मलिक
  • केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री किरेन रिजिजू

WHO ने coronavirus प्रकोप के चलते अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल की कि घोषणा

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन के कोरोनावायरस (coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के चलते अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल स्थिति की घोषणा की है। WHO ने आपातकाल की घोषणा coronavirus के 18 अन्य देशों में फैलने के कारण की हैं, जबकि इसकी शुरुआत चीन में हुई थी। साथ ही यह बीमारी मानव-से-मानव के संपर्क में आने फैल रही है। WHO के अनुसार, पूरे विश्व में 7,711 से अधिक मामलों की पुष्टि की गई और 12,167 संदिग्ध मामलों की जाँच की जा रही हैं। इस बीमारी के फैलने से इंटरनेशनल कंसर्न (PHEIC) के पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी के मापदंड पूरे हुए हैं इसी आधार पर आपातकाल की घोषणा की गई है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • डब्ल्यूएचओ मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड; महानिदेशक: टेड्रोस एडहानॉम

इसरो ने कम लागत वाले सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल्स विकसित करने की कि घोषणा

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) ने घोषणा की हैं कि वह कम लागत वाले उपग्रह प्रक्षेपणयान (satellite launch vehicles) विकसित कर रहा है, जिनकी लागत लगभग 30-35 करोड़ होगी। ये कम लागत वाले प्रक्षेपणयान 500 किलोग्राम वजन वाले उपग्रहों को कक्षा में भेजने में सक्षम होंगे। यह क्षमता इसरो को एक बड़ा वाणिज्यिक बढ़ावा देगी क्योंकि यह बाजार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम खंडों को पूरा करने में सक्षम होगा। यह है कि अब इसरो केवल तीन सप्ताह में इन वाहनों का निर्माण कर सकता है।

उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • इसरो के निदेशक: के.एस. सिवन; मुख्यालय: बेंगलुरु; स्थापित: 1969

आर्थिक सर्वेक्षण 2020: Economic Survey के मुख्य बिंदु

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (31 जनवरी 2020) संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 पेश किया। इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन द्वारा तैयार किया गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2020 का विषय : बाजार को सक्षम बनाना, व्यवसाय अनुकूल नीतियों को प्रोत्साहन देना तथा अर्थव्यवस्था में विश्वास को मजबूत बनाना: Wealth Creation, Promotion of pro-business policies, strengthening of trust in the economy है.

इस रिपोर्ट के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी जिसमें मुख्य आर्थिक सलाहकार और उनकी टीम अगले वित्तीय वर्ष के आर्थिक रोडमैप पर चर्चा करेगी। ये सर्वेक्षण पिछले वर्ष देश की अर्थव्यवस्था में हुए विकास की समीक्षा है। इस सर्वेक्षण में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार द्वारा किए गए प्रमुख विकास कार्यक्रमों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाता है। साथ ही इसमें सरकार की मुख्य नीतिगत पहलों का भी विवरण दिया जाता है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के मुख्‍य बिंदु निम्‍नलिखित हैं:-

  • अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि 6 से 6.5% के बीच रखी गई है।
  • देश में ‘एसेम्‍बल इन इंडिया’ रोजगार पैदा करेगा।
  • वैश्विक निर्माण, व्यापार और मांग के लिए एक कमजोर माहौल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो गई जिसमें वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
  • चालू खाता घाटा (सीएडी) वर्ष 2018-19 के 2.1 से कम होकर 2019-20 की पहली छमाही में 1.5 पर आ गया है।
  • नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन 2019-2025 की घोषणा।
  • तनावग्रस्त रियल एस्टेट और एनबीएफसी क्षेत्रों के लिए विशेष ऋण की सुविधा।
  • दो योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत 2022 तक सभी के लिए आवास के लक्ष्‍य को हासिल करना है। सर्वेक्षण में बताया गया है कि पीएमएवाई-जी के तहत एक साल में बनने वाले घरों की संख्‍या पहले से चार गुना बढ़ गई है, जो 2014-15 में 11.95 लाख से बढ़कर 2018-19 में 47.33 लाख हो गई है।
  • दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत समाधान प्रक्रिया में सुधार आया ।
  • 2019-20 के प्रथम 8 महीने के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में, राजस्व प्राप्तियों में अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जो गैर-कर राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि से प्रेरित था।
  • वर्ष 2019-20 के दौरान (दिसंबर, 2019 तक), जीएसटी की कुल मासिक वसूली 5 गुणा बढ़कर 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। 
  • जीएसटी के कार्यान्वयन को आसान बनाने के उपाय किए गए।
  • राज्य वित्तीय सुदृढीकरण के मार्ग पर अग्रसर हैं और एफआरबीएम अधिनियम में निर्धारित लक्ष्यों के भीतर राजकोषीय घाटे को नियंत्रित किया है।
  • सर्वेक्षण में कहा गया है कि सामान्य सरकार (केंद्र और राज्य) राजकोषीय समेकन के मार्ग पर है।
  • भारत की बीओपी स्थिति में सुधार हुआ है। मार्च, 2019 में यह 412.9 बिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार था, जबकि सितंबर, 2019 के अंत में बढ़कर 433.7 बिलियन डॉलर हो गया।
  • विदेशी मुद्रा भंडार 10 जनवरी, 2020 तक 461.2 बिलियन डॉलर रहा।
  • भारत के शीर्ष पांच व्यापारिक साझेदार अमेरिका, चीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सउदी अरब और हांगकांग हैं।
  • भारत का सर्वाधिक आयात चीन से करना जारी रहेगा, उसके बाद अमेरिका, यूएई और सउदी अरब का स्थान है।
  • भारत के लिए मर्चेंटाडाइज आयात और जीडीपी अनुपात में कमी आई है जिसका बीओपी पर निवल सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  • व्यापार सहायता के अंतर्गत 2016 की 143 रैंकिंग की तुलना में भारत ने 2019 में अपनी रैंकिंग में सुधार की और भारत की रैंकिंग 68 हो गई। विश्व बैंक द्वारा व्यावसायिक सुगमता रिपोर्ट में ‘ट्रेडिंग ए क्रॉस बोडर्स’ सूचकांक की निगरानी की जाती है।
  • वर्तमान में यह लगभग 160 बिलियन डॉलर का है। जिसके 2020 तक 215 बिलियन डॉलर तक होने की आशा है।
  • कुल एफडीआई आवक 2019-20 में मजबूत बनी रही, पहले आठ महीनों में 24.4 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित हुआ, जो 2018-19 की समान अवधि से अधिक था।
  • 2019-20 के पहले आठ महीनों में नेट एफपीआई 12.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
  • 2019-20 में परिवर्तित रही। धीमी वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के कारण वित्तीय वर्ष में लगातार चार एमपीसी बैठकों में रेपो दर में 110 बेसिस पॉइंट की कटौती की गई।
  • गैर-बैंकिंग वित्तीय निगमों (एनबीएफसी) के लिए मार्च 2019 में 6.1 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर सितंबर, 2019 में 6.3 प्रतिशत हो गया।
  • बैंक ऋण वृद्धि अप्रैल 2019 में 12.9 प्रतिशत थी जो 20 दिसंबर, 2019 को 7.1 प्रतिशत हो गई।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति 2018-19 (अप्रैल से दिसंबर, 2018) में 3.7 प्रतिशत से बढ़कर 2019-20 (अप्रैल से दिसंबर, 2019) में 4.1 प्रतिशत हो गई।
  • थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति 2018-19 (अप्रैल से दिसंबर, 2018) में 4.7 प्रतिशत से गिरकर 2019-20 (अप्रैल से दिसंबर, 2019) में 1.5 प्रतिशत हो गई।
  • भारत अच्छे तरीके से बनाए गए कार्यक्रम के माध्यम से एसडीजी क्रियान्वयन के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
  • भारत ने यूएनसीसीडी के तहत सीओपी-14 की मेज़बानी की, जिसमें दिल्ली घोषणाः भूमि में निवेश और अवसरों को खोलना अपनाया गया। वन और वृक्ष कवर वृद्धि के साथ यह 80.73 मिलियन हेक्टेयर हुआ और देश के 24.56 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में।
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) सदस्य देशों से 30 फेलोशिप को संस्थागत सहायक बनाकर
  • ‘फैसिलिटेटर’ को एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया से 2 बिलियन डॉलर का ऋण और एएफडी फ्रांस से 1.5 बिलियन डॉलर का ऋण प्राप्त हुआ।
  • इनक्यूबेटर ’सोलर रिस्क मिटिग इनिशिएटिव जैसी पहल का पोषण किया।
  • 1000 मेगावाट सौर तथा 2.7 लाख सौर जल पम्पों की कुल मांग के लिए उपाय ‘एक्सेलेटर’ विकसित किया
  • देश के कुल मूल्यवर्धन (जीवीए) में कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी गैर-कृषि क्षेत्रों की अधिक वृद्धि के कारण कम हो रही है, जो विकास प्रक्रिया का स्वभाविक परिणाम है।
  • कृषि वानिकी और मछलीपालन क्षेत्र से 2019-20 के बेसिक मूल्यों पर जीवीए में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में वृद्धि:
  • औसत वार्षिक विकास दर (AAGR) लगभग 5.06% रहा
  • 2018-19 (अप्रैल-नवंबर) के 5.0 प्रतिशत की तुलना में 2019-20 (अप्रैल-नवंबर) के दौरान औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • बिजली उत्पादन की स्थापित क्षमता बढ़ कर 31 अक्टूबर, 2019 को 3,64,960 मेगावाट हो गई, जो 31 मार्च, 2019 को 3,56,100 मेगावाट थी।
  • 31 दिसंबर, 2019 को जारी की गई राष्ट्रीय अवसंरचना पाइप लाइन के संबंध में कार्यबल की रिपोर्ट में भारत में वित्त वर्ष 2020 से 2025 के दौरान 102 लाख करोड़ रुपये के कुल अवसंरचनात्मक निवेश को प्रक्षेपित किया है।
  • सकल संवर्धन मूल्य और सकल संवर्धन मूल्य वृद्धि में इसका हिस्सा 55 प्रतिशत है।
  • भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का दो-तिहाई और कुल निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा।
  • 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 15 राज्यों में सेवा क्षेत्र का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक।
  • 2019-20 की शुरूआत में सेवा क्षेत्र में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में मजबूत बेहतरी देखी गई है।
  • केंद्र और राज्यों द्वारा सामाजिक सेवाओं (स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य) पर जीडीपी के अनुपात के रूप में व्यय 2014-15 में 6.2 प्रतिशत से बढ़कर 2019-20 (बजटीय अनुमान) में 7.7 प्रतिशत हो गया है।
  • माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक तथा उच्चतर शिक्षा स्तर पर सकल नामांकन अनुपात में सुधार की जरूरत है।
  • मिशन इन्द्रधनुष के तहत देशभर में 680 जिलों में 3.39 करोड़ बच्चों और 87.18 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ।
  • लगभग 60 प्रतिशत उत्पादकता आयु (15-59) ग्रुप पूर्ण कालिक घरेलू कार्यों में लगे हैं।
  • स्वछता संबंधी व्यवहार में बदलाव लाने तथा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की पहुंच बढ़ाने पर जोर देने के उद्देश्य से एक 10 वर्षीय ग्रामीण स्वच्छता रणनीति (2019-2029) की शुरूआत की गई।
  • सरकार के ठोस कदमों के ज‍रिए बाजारों को अनावश्‍यक रूप से नजरअंदाज करने वाली नीतियों को समाप्‍त करना, रोजगार सृजन के लिए व्‍यापार को सुनिश्चित करना, बैंकिंग सेक्‍टर का कारोबारी स्‍तर दक्षतापूर्वक बढ़ाना
  • उदारीकरण के बाद भारत की जीडीपी और प्रति व्‍यक्ति जीडीपी में उल्‍लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ धन सृजन भी हो रहा है।
  • आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि बंद पड़े सेक्‍टरों की तुलना में उदार या खोले जा चुके सेक्‍टरों की वृद्धि दर ज्‍यादा रही है।
  • एक सार्वजनिक वस्‍तु के रूप में भरोसे का आइडिया अपनाना जो अधिक इस्‍तेमाल के साथ बढ़ता जाता है।
  • उत्‍पादकता को तेजी से बढ़ाने और धन सृजन के लिए एक रणनीति के रूप में उद्यमिता
  • विश्‍व बैंक के अनुसार, नई कंपनियों की संख्‍या के मामले में भारत तीसरे पायदान पर रहा।
  • वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक की अवधि के दौरान औपचारिक क्षेत्र में नई कंपनियों की संचयी वार्षिक वृद्धि दर 12.2 प्रतिशत रही, जबकि वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2014 तक की अवधि के दौरान यह वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत थी।
  • किसी जिले में नई कंपनियों के पंजीकरण में 10 प्रतिशत की वृद्धि होने से सकल घरेलू जिला उत्‍पाद (जीडीडीपी) में 1.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।
  • किसी भी जिले में साक्षरता और शिक्षा से स्‍थानीय स्‍तर पर उद्यमिता को काफी बढ़ावा देती है
  • यह असर सबसे अधिक तब नजर आता है जब साक्षरता 70 प्रतिशत से अधिक होती है।
  • जनगणना 2011 के अनुसार, न्‍यूनतम साक्षरता दर (59.6 प्रतिशत) वाले पूर्वी भारत में सबसे कम नई कंपनियों का गठन हुआ है।
  • एक ‘प्रो-व्यवसाय’ नीति को प्रोत्साहित करना जो प्रतिस्पर्धी बाजारों की क्षमता उत्पन्न करता है ताकि धन पैदा किया जा सके।
  • भारत सरकार का “स्टार्टअप इंडिया” अभियान भारत में उत्पादकता वृद्धि और धन सृजन को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में उद्यमिता की पहचान करता है।
  • आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) के तहत वस्तुओं पर  स्टॉक सीमा के लगातार और अप्रत्याशित होने से न तो कीमतें कम होती हैं और न ही मूल्य अस्थिरता में कमी आती है। 2019 के दौरान ECA के तहत लगभग 76000 छापे मारे गए।
  • डीपीसीओ 2013 के जरिए औषधियों के मूल्‍यों को नियंत्रित किए जाने से नियंत्रित दवाओं की कीमतें अनियंत्रित समान दवाओं की तुलना में ज्‍यादा बड़ी, इसने इस बात को साबित किया कि डीपीसीओ सस्‍ती दवाओं की उपलब्‍धता के जो प्रयास किए वे उल्‍टे रहे।
  • खाद्यान्‍न बाजार में सरकारी हस्‍तक्षेप के कारण, सरकार गेहूं और चावल की सबसे बड़ी खरीददार होने के साथ ही सबसे बड़ी जमाखोर भी हो गई है।
  • केंद्र और राज्‍यों की ओर से दी जाने वाली कर्ज माफी की समीक्षा पूरी तरह से कर्ज माफी की सुविधा वाले लाभार्थी कम खपत, कम बचत, कम निवेश करते हैं जिससे आंशिक रूप से कर्ज माफी वाले लाभार्थियों की तुलना में उनका उत्‍पादन भी कम होता है।
    • दुनिया के लिए भारत में एसेम्‍बल इन इंडिया और मेक इन इंडिया योजना को एक साथ मिलाने से 2025 तक देश में अच्‍छे वेतन वाली 4 करोड़ नौकरियां होंगी और 2030 तक इनकी संख्‍या 8 करोड़ हो जाएगी।
    • नेटवर्क उत्पादों का निर्यात, जिसके 2025 में दुनिया भर में 7 ट्रिलियन के बराबर होने की उम्मीद है, 2025 तक 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्थाओं के लिए मूल्य वर्धित वृद्धि में एक चौथाई योगदान दे सकता है।
    • हाल ही के वर्षों में जारी विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत की रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसी कई श्रेणियां हैं, जहां भारत बहुत पीछे है – व्यवसाय शुरू करना, संपत्ति का पंजीकरण, कर भुगतान और अनुबंध लागू करना आदि।
    • भारत ने 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण की 50 वीं वर्षगांठ मनाई। सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के कर्मचारियों ने खुशी मनाई कि सर्वेक्षण सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के वस्‍तुनिष्‍ठ मूल्‍यांकन का सुझाव दिया गया।
    • भारत का केवल एक बैंक विश्‍व के 100 शीर्ष बैंकों में शामिल हैं। यह स्थिति भारत को उन देशों की श्रेणी में ले जाती हैं जिनकी अर्थव्‍यवस्‍था का आकार भारत के मुकाबले कई गुना कम जैसे कि फिनलैंड जो भारत (लगभग 1/11वां भाग) और (डेनमार्क लगभग 1/8वां भाग)
    • बैंकिंग क्षेत्र में नकदी के मौजूदा संकट को देखते हएु शेडों बैंकिंग के खतरों को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारणों का पता लगाना।
    • निर्यात बाजार में भारत की हिस्‍सेदारी 2025 तक 3.5 प्रतिशत तथा 2030 तक 6 प्रतिशत हो जाएगी। 2025 तक देश में अच्‍छे वेतन वाली 4 करोड़ नौकरियां होंगी और 2030 तक इनकी संख्‍या 8 करोड़ हो जाएगी।
    • 2025 तक भारत को 5 हजार अरब वाली अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लिए जरूरी मूल्‍य संवर्धन में नेटवर्क उत्‍पादों का निर्यात एक तिहाई की वृद्धि करेगा।
    • विश्व बैंक कारोबारी सुगमता श्रेणी में भारत ने 79 पायदानों की छलांग लगाई; 2014 के 142 वें स्थान से 2019 में 63 वें स्थान पर पहुंचा गया है
    • भारत में समुद्री जहाजों की आवाजाही में लगने वाले समय में निरंतर कमी हो रही है, जो 2010-11 के 4.67 दिनों से लगभग आधा होकर 2018-19 में 2.48 दिन हो गया है।
    • समीक्षा में सीपीएससी के विनिवेश से होने वाले लाभों की जांच की गई है और इससे सरकारी उद्यमों के विनिवेश करने को बल मिलता है। एचपीसीएल में सरकार की 53.29 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश से राष्ट्रीय सम्पदा में 33,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
    • वह मॉडल जिसमें 2001 के बाद जीडीपी विकास 2.7 प्रतिशत गतलीवश अनुमान से अधिक हो गई है उसने सैंपल समय में 95 देशों में से 51 अन्य देशों में भी जीडीपी विकास अनुमान से अधिक हो गई।
    • पूरे भारत में किसी आम व्यक्ति एक थाली के लिए कितना भुगतान करता है, यह निर्धारित करने का प्रयास। 2015-16 से थीली की कीमतों की गतिशीलता में बदलाव।
    • आर्थिक स्वतंत्रता और धन सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी हस्तक्षेप का युक्तिकरण आवश्यक है।
    आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 की अधिक जानकारी के लिए: Click here 

    World Leprosy Day: विश्व कुष्ठ दिवस, कुष्ठ रोग जैसा आप सोचते हैं वैसा नहीं

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    भारत में प्रत्येक वर्ष महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को विश्व कुष्ठ दिवस (World Leprosy Day) मनाया जाता है, जिनकी हत्या आज के ही दिन 1948 में कर की गई थी। इस दिन को फ्रांसीसी मानवीय राउल फोलेरो (French humanitarian Raoul Follereau) ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए चुना था, जिन्होंने कुष्ठ रोगो से पीड़ित लोगों की सहायता की थी।
    World Leprosy Day विश्व कुष्ठ दिवस, कुष्ठ रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर साल जनवरी के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2020 के World Leprosy Day का विषय Leprosy isn’t what you think” है।

    पद्म श्री से सम्मानित लेखक तुषार कांजीलाल का निधन

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    जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरणविद्, शिक्षाविद् और लेखक तुषार कांजीलाल का निधन। तुषार कांजीलाल को भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। इन्हें वर्ष 2008 में जमनालाल बजाज पुरस्कार भी दिया गया था।

    भारत-बांग्लादेश संयुक्त अभ्यास SAMPRITI-IX: मेघालय में किया जाएगा आयोजित

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    भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाला संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास SAMPRITI-IX का 9 वां संस्करण मेघालय के उमरोई में आयोजित किया जाएगा। SAMPRITI अभ्यास भारत और बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय रक्षा सहयोग प्रयास है जिसकी मेजबानी दोनों देश बारी-बारी से करते है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत संयुक्त अभ्यास के दौरान कमांड पोस्ट एक्सरसाइज और फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज की जाएगी है।इस के अलावा दोनों सेनाओं की टुकड़ियाँ आतंकवाद-रोधी अभियान का अभ्यास भी करेंगी।

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • बांग्लादेश की प्रधान मंत्री: शेख हसीना; राजधानी: ढाका; मुद्रा: टका

    थियेटर कलाकार संजना कपूर को मिला फ्रांस का विशेष सम्मान

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    थिएटर जानी-मानी हस्ती संजना कपूर को थिएटर के क्षेत्र में दिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित फ्रांसीसी सम्मान शेवेलियर डन्स लोर्रे देस आर्ट्स एट देस लेट्रेस (नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स) Chevalier dans lOrdre des Arts et des Lettres (Knight of the Order of Arts and Letters) से सम्मानित किया गया। वह दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता शशि कपूर की पुत्री हैं।
    1957 में संस्कृति मंत्रालय द्वारा स्थापित ये सम्मान फ्रांस की सरकार का विशेष सम्मान है, जिसे राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी रचनात्मकता से अलग पहचान रखने वाले या अपने योगदान से फ्रांस सहित दुनिया भर में कला और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया जाता है। 

    Google भारतीयों की समाचार साक्षरता को बढ़ाने के लिए देगा एक मिलियन डॉलर का अनुदान

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    गूगल ने भारत के नागरिकों में समाचार साक्षरता (news literacy among Indians) बढ़ाने के लिए एक मिलियन अमरीकी डॉलर की अनुदान राशि देने की घोषणा की हैं। Google के अनुसार, इस अनुदान राशि से वरिष्ठ रिपोर्टर्स और पत्रकारों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो भारत में जाली समाचारों (fake news) को बंद करने की दिशा में कार्य करेगा। ये फंडिंग गूगल की व्यापक, मीडिया साक्षरता के 10 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
    Google की ये पहल विशेष तौर पर गैर-मेट्रो शहरों में समाचार साक्षरता प्रदान करने पर केंद्रित होगी । इस कार्यक्रम के अंतर्गत इंटर्न्यूज 250 पत्रकारों, तथ्यों की जाँच करने वाले (fact-checkers), शिक्षाविदों, और एनजीओ वर्करों की एक टीम का गठन करेगा, जिन्हें वैश्विक और भारतीय विशेषज्ञों द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के हिसाब से सात भारतीय भाषाओं में उपलब्ध पाठ्यक्रम में प्रशिक्षित किया जाएगा।

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • Google CEO: सुंदर पिचाई; स्थापित: 4 सितंबर 1998.

    आइमर नून ऑस्कर गेस्ट-सेगमेंट में ऑर्केस्ट्रा की अगुवाई करने वाली होंगी पहली महिला

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    आयरिश संगीतकार (composer) आइमर नून (Eimear Noone) ऑस्कर गेस्ट-सेगमेंट (अतिथि-भाग) में ऑर्केस्ट्रा दल की अगुवाई करने वाली पहली महिला होंगी। वह अकादमी पुरस्कारों में 42-आर्टिस्ट वाले ऑर्केस्ट्रा की अगुवाई करेंगी । वे वीडियो गेम का संगीत बानाने के लिए दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हुई और 22 साल की उम्र में नेशनल कॉन्सर्ट हॉल में संचालन करने वाली पहली महिला बनीं।

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