भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) ने घोषणा की हैं कि वह कम लागत वाले उपग्रह प्रक्षेपणयान (satellite launch vehicles) विकसित कर रहा है, जिनकी लागत लगभग 30-35 करोड़ होगी। ये कम लागत वाले प्रक्षेपणयान 500 किलोग्राम वजन वाले उपग्रहों को कक्षा में भेजने में सक्षम होंगे। यह क्षमता इसरो को एक बड़ा वाणिज्यिक बढ़ावा देगी क्योंकि यह बाजार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम खंडों को पूरा करने में सक्षम होगा। यह है कि अब इसरो केवल तीन सप्ताह में इन वाहनों का निर्माण कर सकता है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- इसरो के निदेशक: के.एस. सिवन; मुख्यालय: बेंगलुरु; स्थापित: 1969









G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


