सेंटिएंट एआई ने 2 मिलियन उपयोगकर्ताओं के लिए ओपन एजीआई नेटवर्क लॉन्च किया

वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एआई स्टार्टअप सेंटिएंट (Sentient) ने अपना ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) नेटवर्क लॉन्च कर दिया है। यह लॉन्च 17 सितम्बर 2025 को किया गया और इसके तहत 20 लाख (2 मिलियन) प्रतीक्षारत उपयोगकर्ताओं को एक्सेस दिया गया। इस पहल ने भारत को ओपन एआई नवाचार के अग्रणी देशों में ला खड़ा किया है और अब यह सीधे OpenAI और Amazon Web Services (AWS) जैसे वैश्विक दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा करेगा।

सेंटिएंट के AGI नेटवर्क की मुख्य विशेषताएँ

वास्तविक समय (Real-Time) एआई एजेंट सहयोग

  • प्लेटफ़ॉर्म पर 40+ एआई एजेंट्स और मॉडल्स मौजूद हैं, जो 50+ डेटा स्रोतों के साथ एकीकृत होकर वास्तविक समय में सहयोग कर सकते हैं।

  • एआई अब बहु-स्तरीय और उच्च स्तरीय कार्य जैसे बाज़ार विश्लेषण, समाचार ब्रीफिंग आदि कर सकता है, बिना अलग-अलग सिस्टम पर निर्भर हुए।

ब्लॉकचेन एकीकरण और ओपन एक्सेस

  • AGI नेटवर्क को कई ब्लॉकचेन से जोड़ा गया है।

  • उपभोक्ताओं के लिए Sentient Chat इंटरफ़ेस उपलब्ध कराया गया है।

  • ओपन-सोर्स होने के कारण दुनिया भर के डेवलपर्स इसमें योगदान कर सकते हैं और टोकन-आधारित रिवार्ड सिस्टम से अपने मॉडल को मोनेटाइज कर सकते हैं।

विकेंद्रीकृत एआई नवाचार का नया मॉडल

  • डेवलपर-केंद्रित प्रोत्साहन (Incentive) मॉडल

    • योगदानकर्ताओं को टोकन तब मिलेंगे जब उनके एजेंट, डेटा या मॉडल का उपयोग होगा।

    • उपयोगकर्ता अपने पसंदीदा एजेंट्स को समर्थन देने के लिए टोकन स्टेक कर सकते हैं।

    • यह पारंपरिक “पे-पर-एपीआई” मॉडल से बिल्कुल अलग है और योगदानकर्ताओं को स्वामित्व व लाभ-साझेदारी अधिकार देता है।

  • वैश्विक सहयोग बनाम केंद्रीकृत नियंत्रण

    • सेंटिएंट का उद्देश्य “अमेरिका-चीन एआई गतिरोध” का विकल्प पेश करना है।

    • यह ओपन AGI दृष्टिकोण भारत और सहयोगी देशों को स्वतंत्र रूप से नवाचार करने की शक्ति देता है, ताकि वे बंद टेक इकोसिस्टम पर निर्भर न रहें।

सेंटिएंट का AGI क्या कर सकता है?

  • वास्तविक समय में निवेश अनुसंधान और रिपोर्टिंग

  • व्यक्तिगत दैनिक समाचार सारांश

  • यात्रा योजनाओं में सहायता

  • अकादमिक और नीति शोध सारांश

यह साधारण चैटबॉट से कहीं आगे जाकर सहयोगी और संयोज्य एआई की शक्ति दिखाता है।

संस्थापक, फंडिंग और विज़न

  • संस्थापक (Cofounders): संदीप नेलवाल और हिमांशु त्यागी

  • स्थापना स्थान: सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका

  • फंडिंग: 2024 में Founders Fund, Pantera Capital और Framework Ventures द्वारा नेतृत्व किए गए सीड राउंड में 85 मिलियन डॉलर जुटाए

  • विज़न: यह साबित करना कि ओपन, विकेंद्रीकृत इंटेलिजेंस बंद कॉरपोरेट सिस्टम से बेहतर नवाचार कर सकती है।

संदीप नेलवाल के अनुसार, यह वह मोड़ है जहाँ भारत वैश्विक एआई परिदृश्य को आकार देगा, न कि केवल उसका अनुकरण करेगा।

स्थिर तथ्य

  • स्टार्टअप: सेंटिएंट

  • AGI नेटवर्क उपयोगकर्ता: 20 लाख (प्रारंभिक चरण)

  • एजेंट्स और मॉडल्स: 40+ एआई एजेंट्स, 50+ डेटा स्रोत

  • इंटरफ़ेस: सेंटिएंट चैट

  • संस्थापक: संदीप नेलवाल, हिमांशु त्यागी

  • प्रोत्साहन मॉडल: टोकन-आधारित रिवार्ड और स्टेकिंग

  • मुख्यालय: सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका

PM मोदी के जन्मदिन पर नमो ऐप से शुरू हुआ ‘सेवा पर्व 2025’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितम्बर) को स्मरण करने के लिए नमो ऐप (NaMo App) पर 15 दिवसीय डिजिटल नागरिक सहभागिता अभियान “सेवा पर्व 2025” की शुरुआत की गई है। यह अभियान 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती) तक चलेगा और इसका उद्देश्य सेवा एवं राष्ट्रभावना की प्रेरणा देना है।

सेवा पर्व 2025 की मुख्य झलकियाँ (NaMo App पर)

डिजिटल अभियान अवलोकन

  • सेवा पर्व 2025 में 9 इंटरैक्टिव गतिविधियाँ शामिल हैं, जो जनता को स्वैच्छिक कार्यों और शासन-जनभागीदारी से जोड़ती हैं।

प्रमुख गतिविधियाँ

  1. सबका साथ, सबकी सेवा – वृक्षारोपण, रक्तदान व अन्य सामुदायिक सेवाओं जैसे कार्य।

  2. एआई शुभकामना रील – उपयोगकर्ता अपनी जानकारी के आधार पर एआई-निर्मित ऑडियो और स्क्रिप्ट से पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ भेज सकते हैं।

  3. वर्चुअल प्रदर्शनी – प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के मील के पत्थर दर्शाती है।

  4. सेल्फी विद पीएम – उपयोगकर्ताओं को पीएम मोदी के साथ डिजिटल छवि बनाने की सुविधा।

  5. डिस्कवर योर मोदी ट्रेट – उपयोगकर्ता की खूबियों की तुलना पीएम मोदी के मूल्यों से करता है।

  6. नो योर नमो क्विज़ – पीएम मोदी के जीवन और नेतृत्व पर आधारित प्रश्नोत्तरी।

  7. नमो पुस्तक संग्रह – मोदी के जीवन और नीतियों पर चुनी हुई सामग्री।

  8. नमो मर्चेंडाइज़ – थीम आधारित वस्तुएँ उपलब्ध।

  9. वर्ल्ड विशेज पीएम मोदी – दुनिया भर से लोग डिजिटल माध्यम से शुभकामनाएँ भेज सकते हैं।

उद्देश्य और जनसहभागिता

यह अभियान न केवल प्रधानमंत्री के जन्मदिन का उत्सव है बल्कि नागरिकों को राष्ट्रनिर्माण गतिविधियों में भाग लेने का मंच भी देता है। इसका उद्देश्य सेवा (सेवा भाव), सामूहिक गौरव और नागरिक-सरकार संबंधों को मजबूत करना है।

स्थिर तथ्य

  • अभियान का नाम: सेवा पर्व 2025

  • मंच (Platform): नमो ऐप (NaMo App)

  • अवधि: 15 दिन (17 सितम्बर – 2 अक्टूबर 2025)

  • अवसर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और गांधी जयंती

चुनाव आयोग ने ईवीएम मतपत्र के डिज़ाइन में बदलाव किया

मतदान अनुभव और मतपत्र की स्पष्टता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) मतपत्रों के डिज़ाइन में बदलाव की घोषणा की है। नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मतदाताओं के लिए दृश्यता, एकरूपता और पठनीयता को बढ़ाना है।

यह बदलाव चुनाव आयोग द्वारा पिछले छह महीनों में शुरू की गई 28 पहलों का हिस्सा है, जिनका लक्ष्य चुनावी प्रक्रियाओं को सरल और मतदाता-हितैषी बनाना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह अपडेट “चुनावी सुधार, EVM और सुशासन” जैसे विषयों के अंतर्गत महत्वपूर्ण है।

EVM मतपत्र डिज़ाइन में क्या बदला?

चुनाव आयोग ने Conduct of Elections Rules में संशोधन करते हुए EVM मतपत्र के लिए नए मानक तय किए हैं।

नए डिज़ाइन की प्रमुख विशेषताएँ

  • रंगीन उम्मीदवार की तस्वीरें – अब उम्मीदवारों की तस्वीरें रंगीन छपी होंगी, ताकि पहचान आसान हो।

  • बड़ा फोटो स्पेस – उम्मीदवार का चेहरा कुल फोटो स्पेस का तीन-चौथाई भाग घेरेगा, जिससे पहचान और स्पष्ट होगी।

  • समान फॉन्ट और शैली – सभी उम्मीदवारों के नाम और “नोटा” (NOTA – None of the Above) विकल्प समान फॉन्ट और आकार में छपे होंगे।

  • उम्मीदवारों की लेआउट सीमा – एक शीट पर अधिकतम 15 उम्मीदवारों को दिखाया जाएगा।

  • NOTA की स्थिति – “नोटा” विकल्प हमेशा अंतिम उम्मीदवार के नाम के बाद स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगा।

कार्यान्वयन और रोलआउट

  • निर्देश जारी – चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को नई गाइडलाइन लागू करने का निर्देश दिया है।

  • पहली बार उपयोग – redesigned मतपत्रों का पहली बार उपयोग आगामी बिहार विधानसभा चुनावों (2025) में होगा।

  • देशभर में उपयोग – इसके बाद यह बदलाव सभी आगामी विधानसभा और आम चुनावों में लागू किया जाएगा।

स्थिर तथ्य

  • जारी करने वाला: भारतीय चुनाव आयोग (ECI)

  • उद्देश्य: EVM मतपत्र की स्पष्टता, पठनीयता और एकरूपता बढ़ाना

  • प्रमुख बदलाव: रंगीन फोटो, समान फॉन्ट, बड़ा फोटो स्पेस

  • पहला कार्यान्वयन: बिहार चुनाव (2025)

  • प्रति शीट अधिकतम उम्मीदवार: 15

  • NOTA की स्थिति: अंतिम उम्मीदवार के बाद

UPI से अब ₹10 लाख तक हो सकेगा भुगतान, NPCI ने बढ़ाई P2M पेमेंट की दैनिक लिमिट

भारत में उच्च-मूल्य डिजिटल लेनदेन को समर्थन देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की सीमा में बदलाव किया है। यह संशोधन 15 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इस कदम का उद्देश्य बीमा, निवेश और सरकारी बाज़ार जैसे क्षेत्रों में बड़े लेनदेन को आसान बनाना है। इसे भारत की बढ़ती डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को मज़बूत करने और उच्च-मूल्य भुगतानों के लिए पारंपरिक बैंकिंग तरीकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

UPI सीमा में बढ़ोतरी: क्या बदला?

नई दैनिक और लेनदेन सीमा
NPCI के परिपत्र के अनुसार, अब UPI उपयोगकर्ता चुनिंदा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भुगतान कर सकेंगे।

संशोधित सीमा:

  • प्रति लेनदेन अधिकतम सीमा: ₹5 लाख (P2M भुगतान)

  • दैनिक अधिकतम सीमा: ₹10 लाख (सभी P2M भुगतानों के लिए)

  • यह सीमा केवल सत्यापित व्यापारियों पर लागू होगी

  • व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) भुगतान की सीमा अपरिवर्तित (₹1 लाख प्रतिदिन)

किन क्षेत्रों में नई सीमा लागू होगी?

नई UPI सीमा केवल उन्हीं क्षेत्रों पर लागू होगी जहाँ सामान्यतः उच्च-मूल्य के लेनदेन होते हैं:

  • बीमा प्रीमियम भुगतान

  • पूंजी बाज़ार निवेश (जैसे म्यूचुअल फंड, शेयर)

  • यात्रा एवं पर्यटन सेवाएँ

  • ऋण वसूली और EMI भुगतान

  • सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) लेनदेन

सीमा वृद्धि के लाभ

  • डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहन – अब उपयोगकर्ताओं को बड़े भुगतानों के लिए लेनदेन को विभाजित करने या RTGS/NEFT जैसे धीमे विकल्पों का सहारा नहीं लेना होगा।

  • औपचारिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा – उच्च-मूल्य UPI लेनदेन पारदर्शिता लाएँगे और वित्तीय अनुपालन को आसान बनाएँगे।

  • सुविधा में बढ़ोतरी

    • उपयोगकर्ताओं के लिए एकमुश्त भुगतान (जैसे बीमा या यात्रा सेवाओं पर)

    • व्यापारियों के लिए तेज़ निपटान

    • विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स पर सरल भुगतान प्रक्रिया

मुख्य तथ्य

  • घोषणा करने वाला: NPCI

  • प्रभावी तिथि: 15 सितंबर 2025

  • नई P2M प्रति-लेनदेन सीमा: ₹5 लाख

  • नई P2M दैनिक सीमा: ₹10 लाख

  • लागू: केवल सत्यापित व्यापारियों पर

भारत डिएगो गार्सिया के पास सैटेलाइट ट्रैकिंग स्टेशन स्थापित करेगा

भारत और मॉरीशस ने एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चागोस द्वीपसमूह के पास स्थित डीएगो गार्सिया (जहाँ अमेरिका-ब्रिटेन का सैन्य अड्डा है) में एक उपग्रह ट्रैकिंग और संचार स्टेशन स्थापित किया जाएगा। यह कदम हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करेगा।

यह समझौता मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम की भारत यात्रा के दौरान हुआ। इस केंद्र से भारत अपने उपग्रहों और प्रक्षेपण यानों को ट्रैक कर सकेगा और उनसे डेटा प्राप्त कर सकेगा।

क्यों महत्वपूर्ण हैं चागोस और डीएगो गार्सिया

  • भौगोलिक स्थिति: चागोस द्वीपसमूह पूर्वी अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के बीच सामरिक रूप से अहम स्थान पर है।

  • सैन्य महत्व: डीएगो गार्सिया अमेरिका-ब्रिटेन का प्रमुख नौसैनिक और वायु अड्डा है, जिसका उपयोग इराक, अफगानिस्तान और खाड़ी क्षेत्र में अभियानों के लिए किया गया है।

  • भारत का लाभ: उपग्रह निगरानी क्षमता में वृद्धि + हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक बढ़त।

संधि की शर्तें और कूटनीतिक पहल

भारत ने मॉरीशस की चागोस द्वीपों पर संप्रभुता (sovereignty) का समर्थन दोहराया, जबकि डीएगो गार्सिया पर ब्रिटेन के निरंतर सैन्य नियंत्रण का भी सम्मान किया। यह “द्वैध मान्यता” भारत को सामरिक पहुँच और कूटनीतिक संतुलन दोनों प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया और उपनिवेशवाद समाप्त करने तथा क्षेत्रीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

समुद्री और अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार

  • संयुक्त हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और नौवहन चार्टिंग

  • भारत मॉरीशस कोस्ट गार्ड के जहाज़ों का पुनः फिटिंग करेगा और अधिकारियों को प्रशिक्षण देगा

  • मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि मॉरीशस की क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय विकास में भारत उसकी प्राथमिक साझेदार है।

मुख्य बिंदु

  • समझौता किसके साथ: मॉरीशस

  • उद्देश्य: उपग्रह ट्रैकिंग और टेलीमेट्री स्टेशन की स्थापना

  • रणनीतिक स्थान: डीएगो गार्सिया (चागोस द्वीपसमूह) के पास

  • महत्व: हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी का संतुलन

सेंट्रल जोन सातवीं बार दलीप ट्रॉफी चैंपियन: फाइनल में साउथ जोन को 6 विकेट से हराया

सेंट्रल जोन (Central Zone) ने 2025 की दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ जोन (South Zone) को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया। इस जीत के साथ सेंट्रल जोन ने 11 साल बाद (2014–15 के बाद पहली बार) खिताब जीता। टीम की कप्तानी रजत पाटीदार ने की, जिन्होंने हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को भी पहला आईपीएल खिताब दिलाया था।

फाइनल मैच सारांश:

  • परिणाम: सेंट्रल जोन ने दक्षिण क्षेत्र को 6 विकेट से हराया

  • साउथ जोन पहली पारी: 149 ऑलआउट (63 ओवर)

  • सेंट्रल जोन पहली पारी: 511 ऑलआउट (145.1 ओवर)

  • साउथ जोन दूसरी पारी: 426 ऑलआउट (121 ओवर)

  • सेंट्रल जोन लक्ष्य का पीछा: 66/4 (20.3 ओवर)

सेंट्रल जोन ने पहली पारी में 362 रनों की विशाल बढ़त हासिल की, जिसने मैच का रुख तय कर दिया। हालांकि साउथ जोन ने दूसरी पारी में संघर्ष किया, लेकिन बढ़त इतनी बड़ी थी कि जीत लगभग सुनिश्चित हो गई।

सेंट्रल जोन का दलीप ट्रॉफी इतिहास:

  • कुल खिताब: 6

  • पिछला खिताब: 2014–15 (कप्तान पियूष चावला)

  • उस समय भी उन्होंने साउथ जोन को हराया था, और 301 रन की बढ़त को मात्र 9 रन से बचाया था।

  • 2025 की जीत और भी दमदार रही, जिसमें टीम की गहराई, संतुलन और धैर्य झलकता है।

मुख्य बिंदु:

  • विजेता: सेंट्रल जोन

  • प्रतिद्वंद्वी (फाइनल): साउथ जोन

  • जीत का अंतर: 6 विकेट

  • स्थान: बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेंगलुरु

  • कप्तान: रजत पाटीदार

  • प्लेयर ऑफ द मैच: यश राठौड़ (194 रन)

जीआई-टैग वाली स्थानीय फसल को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर ने हथेई मिर्च महोत्सव की मेजबानी की

14वाँ सिराराखोंग हथई मिर्च महोत्सव मणिपुर के उखरूल ज़िले के सिराराखोंग गाँव में धूमधाम से उद्घाटित हुआ। तीन दिवसीय यह उत्सव भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त हथई मिर्च को समर्पित है, जो अपनी अनोखी सुगंध, स्वाद और चमकदार लाल रंग के लिए प्रसिद्ध है।

GI टैग मिलने से हथई मिर्च को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और यह मणिपुर की विशिष्ट कृषि पहचान का प्रतीक बन चुकी है।

प्रमुख आकर्षण

  • ध्वजारोहण समारोह

  • मणिपुर की विरासत को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • किसानों के लिए प्रत्यक्ष बाज़ार उपलब्ध कराने हेतु खरीदार-विक्रेता बैठक

  • राष्ट्रीय अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत वृक्षारोपण अभियान

ये गतिविधियाँ सांस्कृतिक गौरव, आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण जागरूकता को साथ लेकर चलने का प्रयास हैं।

हथई मिर्च के बारे में

  • उत्पत्ति: सिराराखोंग गाँव, मणिपुर

  • विशेषताएँ: GI-टैग प्राप्त, चमकीला लाल रंग, मध्यम तीखापन, गहरी सुगंध

  • उपयोग: मसाले, अचार और खाद्य प्रसंस्करण में

महोत्सव के उद्देश्य

  • मणिपुर में कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देना

  • हथई मिर्च किसानों के लिए बाज़ार से सीधा जुड़ाव स्थापित करना

  • स्थानीय पहचान और जैव विविधता का उत्सव मनाना

  • पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना

मुख्य बिंदु

  • कार्यक्रम: 14वाँ सिराराखोंग हथई मिर्च महोत्सव

  • स्थान: उखरूल ज़िला, मणिपुर

  • GI-फसल: हथई मिर्च

  • संबंधित अभियान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण

  • केंद्रबिंदु: GI फसल संवर्धन, सांस्कृतिक पर्यटन, किसान-बाज़ार संबंध

मिंत्रा और सौरव गांगुली ने ‘सौरग्य’ एथनिक वियर ब्रांड लॉन्च किया

भारत की फैशन ई-कॉमर्स दिग्गज मिंत्रा ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के साथ साझेदारी कर एक नया प्रीमियम एथनिक वियर ब्रांड ‘सौराग्य’ लॉन्च किया है। यह लॉन्चिंग दुर्गा पूजा से ठीक पहले हुई है, जो भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक और शॉपिंग त्योहारों में से एक है।

यह कदम मिंत्रा की सेलिब्रिटी-नेतृत्व वाले ब्रांड्स के ज़रिए क्षेत्रीय लक्ज़री फैशन में विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

‘सौराग्य’ क्या है?

  • बंगाल की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाने वाला प्रीमियम एथनिक ब्रांड।

  • पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक फैशन को जोड़कर तैयार किया गया।

  • लगभग 100 डिज़ाइनों का कलेक्शन, जिसमें शामिल हैं:

    • शेरवानी, कुर्ते और सेरेमोनियल वियर

    • कांथा कढ़ाई, जामदानी बुनाई और बटिक प्रिंट्स पर आधारित परिधान

    • फ्यूज़न वियर जैसे कुर्ता-धोती सेट, मयूरपंख पैटर्न और गमछा डिज़ाइन

  • यह कलेक्शन दुर्गा पूजा, शादियों और अन्य त्योहारों जैसे अवसरों के लिए उपयुक्त है।

रणनीतिक महत्व

मिंत्रा के लिए:

  • प्रीमियम एथनिक सेगमेंट में हाउस ऑफ ब्रांड्स पोर्टफोलियो का विस्तार।

  • 2028 तक अनुमानित 45 बिलियन डॉलर के ऑनलाइन फैशन बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने का प्रयास।

  • सोर्सिंग और लॉजिस्टिक्स को मैनेज करने वाली सहायक कंपनी मिंत्रा जबोंग इंडिया प्रा. लि. (MJIPL) के माध्यम से B2B होलसेल ऑपरेशंस को बढ़ावा।

गांगुली के लिए:

  • अपनी सांस्कृतिक जड़ों और सार्वजनिक छवि का लाभ उठाकर एक ऐसा लेबल शुरू करना जो विरासत और शालीनता का प्रतीक हो।

  • पूरे भारत के उपभोक्ताओं तक प्रामाणिक बंगाली त्योहार-विशेष परिधान पहुँचाना।

मुख्य बिंदु

  • ब्रांड नाम: सौराग्य

  • साझेदारी: मिंत्रा एवं सौरव गांगुली

  • फ़ोकस: प्रीमियम बंगाली-प्रेरित एथनिक वियर

  • लॉन्च अवसर: दुर्गा पूजा (सितंबर 2025)

  • प्रबंधन: मिंत्रा जबोंग इंडिया प्रा. लि. (MJIPL)

अगस्त में बेरोजगारी दर घटकर 5.1% आई

भारत के रोज़गार बाज़ार ने अगस्त 2025 में उत्साहजनक संकेत दिखाए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार देश की कुल बेरोज़गारी दर घटकर 5.1% पर आ गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब बेरोज़गारी दर में गिरावट दर्ज की गई है — जून में यह 5.6% और जुलाई में 5.2% थी। यह रुझान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में रोज़गार की मज़बूती को दर्शाता है।

PLFS के प्रमुख निष्कर्ष

  • कुल बेरोज़गारी दर (15+ आयु वर्ग): अगस्त में 5.1% (पिछले तीन महीनों में सबसे कम)।

  • पुरुष बेरोज़गारी: पाँच महीने के निचले स्तर पर 5.0%।

    • शहरी पुरुष बेरोज़गारी: जुलाई 6.6% → अगस्त 5.9%

    • ग्रामीण पुरुष बेरोज़गारी: 4.5% (पाँच महीने का न्यूनतम स्तर)

  • ग्रामीण सुधार: मई के 5.1% से गिरकर अगस्त में 4.3% पर पहुँची।

महिला कार्यबल भागीदारी में वृद्धि

  • वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR – महिला):

    • जून 30.2% → अगस्त 32.0%

    • ग्रामीण महिला WPR: 33.6% → 35.9%

    • शहरी महिला WPR: 22.9% → 23.8%

  • श्रम बल भागीदारी दर (LFPR – महिला):

    • जून 32% → अगस्त 33.7%

    • ग्रामीण महिला LFPR: 35.2% → 37.4%

    • शहरी महिला LFPR: 25.2% → 26.1%

समग्र संकेतक

  • कुल WPR (सभी लिंग): जून 51.2% से बढ़कर अगस्त में 52.2%।

  • कुल LFPR: जून 54.2% से बढ़कर अगस्त में 55%।

सर्वेक्षण का दायरा

PLFS का यह अनुमान एक बड़े नमूने पर आधारित है, जिसमें 5,92,734 व्यक्ति शामिल थे:

  • ग्रामीण क्षेत्र: 3,76,839

  • शहरी क्षेत्र: 2,15,895
    यह व्यापक कवरेज अगस्त 2025 के अनुमानों को अधिक भरोसेमंद बनाता है।

बेरोज़गारी में गिरावट का महत्व

  • सुधार के संकेत: लगातार दो महीने बेरोज़गारी में कमी शहरी और ग्रामीण मज़दूर बाज़ार की स्थिरता का संकेत है।

  • ग्रामीण बढ़त: कृषि और ग्रामीण रोज़गार अवसरों में सुधार से बेरोज़गारी दर घटी।

  • महिला भागीदारी: महिलाओं की श्रम शक्ति में बढ़ती भागीदारी से रोज़गार में लैंगिक समावेशन मजबूत हुआ है, जो दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण कारक है।

भारत ने कौशल और व्यवसायों की वैश्विक मान्यता को बढ़ावा देने के लिए आईएलओ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

भारतीय कार्यबल के लिए एक ऐतिहासिक कदम में, भारत ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के साथ अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ व्यवसाय वर्गीकरण (IRCO) बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग वैश्विक स्तर पर कौशल की तुलना को आसान बनाएगा, सीमा-पार नौकरी मिलान को सरल करेगा और भारतीय श्रमिकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय रोज़गार अवसरों को मज़बूत करेगा।

यह समझौता 16 सितंबर 2025 को जेनेवा में भारत के संयुक्त राष्ट्र स्थायी मिशन के राजदूत अरिंदम बागची और ILO महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. हौंगबो द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर भारत के श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

यह MoU क्यों महत्वपूर्ण है?

  • यह समझौता वैश्विक श्रम गतिशीलता (labour mobility) को बढ़ावा देगा और भारतीय श्रमिकों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अपने कौशल की बेहतर पहचान दिलाएगा।

  • मानकीकृत व्यवसाय वर्गीकरण से डेटा तुलनात्मकता, कौशल की परस्पर मान्यता और वैश्विक श्रम प्रणालियों में भारतीय श्रमिकों के एकीकरण को सुगम बनाया जाएगा।

  • डॉ. मांडविया ने कहा कि यह साझेदारी बदलते वैश्विक परिदृश्य में “काम के भविष्य को आकार देने की साझा प्रतिबद्धता” को दर्शाती है।

घरेलू सुधारों और रोज़गार सृजन को बल

  • यह MoU भारत की हाल ही में शुरू की गई प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना से भी जुड़ा है, जिसका लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक औपचारिक नौकरियाँ पैदा करना है।

  • नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल और ई-श्रम पोर्टल जैसे डिजिटल मंच श्रम डेटा और रोज़गार अवसरों को डिजिटाइज कर रहे हैं।

  • डॉ. मांडविया ने भारत और ILO के बीच विशेष सत्र का प्रस्ताव रखा, ताकि अन्य देशों के साथ तकनीकी नवाचार और श्रेष्ठ प्रथाएँ साझा की जा सकें।

ILO का दृष्टिकोण और वैश्विक असर

  • ILO महानिदेशक हौंगबो ने भारत की सक्रिय भूमिका का स्वागत किया और कहा कि यह सहयोग अन्य देशों के लिए भी कौशल गतिशीलता और श्रमिक सुरक्षा प्रणालियों को मज़बूत करने में मददगार होगा।

  • भारत की तकनीक-आधारित नीतियों और सामाजिक सुरक्षा प्रयासों की सराहना की गई।

  • श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुर्नानी ने बताया कि यह MoU उभरते क्षेत्रों जैसे हरित अर्थव्यवस्था, डिजिटल तकनीक और देखभाल कार्य (care work) में पायलट परियोजनाओं और व्यवहार्यता अध्ययनों के द्वार खोलेगा।

मुख्य बिंदु

  • दिनांक: 16 सितंबर 2025

  • कहाँ: जेनेवा

  • साझेदारी: भारत और ILO

  • उद्देश्य: IRCO का विकास, वैश्विक कौशल तुलनात्मकता और भारतीय श्रमिकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय रोज़गार अवसरों का विस्तार

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