मेघालय मंत्रिमंडल ने मानसिक स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दी

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मेघालय के मुख्यमंत्री सी के संगमा ने कहा कि राज्य सरकार ने समुदायों की सामूहिक भागीदारी के जरिये मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल के मुद्दे से निपटने के मकसद से बनाई एक नयी नीति को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि मेघालय देश का तीसरा राज्य है, जिसने खासतौर से बच्चों, किशोरों और युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर ध्यान देते हुए ऐसी नीति बनाई है।

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अधिकारियों ने बताया कि नयी नीति में मानसिक अस्वस्थता के सामाजिक निर्धारकों से निपटने और समुदायों के बीच सामूहिक भागीदारी के साथ सांस्कृतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रावधान है। स्वास्थ्य मंत्री जेम्स पी के संगमा ने कहा कि यह नीति राज्य में सांस्कृतिक रूप से निहित है और इसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों से निपटने का आह्वान किया गया है। केरल और कर्नाटक में भी इस तरह की नीतियां हैं।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

 

  • मेघालय की राजधानी: शिलांग;
  • मेघालय के मुख्यमंत्री: कॉनराड कोंगकल संगमा;
  • मेघालय के राज्यपाल: बी.डी. मिश्रा (अतिरिक्त प्रभार)।

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BSF celebrates its 58th Raising Day on December 01_90.1

23वां हॉर्नबिल महोत्सव 2022 नागालैंड में शुरू हुआ

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नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव का 23वां संस्करण 01 दिसंबर, 2022 को नागा हेरिटेज विलेज, किसामा में शुरू हुआ। हॉर्नबिल उत्सव के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। नागालैंड के राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी महोत्सव के मुख्य मेजबान थे जबकि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो इसके मेजबान थे। उद्घाटन समारोह के बाद “यह नागालैंड है” शीर्षक से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई।

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विदित हो कि भारत 1 दिसंबर से G20 अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है, जो नागालैंड राज्य दिवस और हॉर्नबिल उत्सव की शुरुआत के साथ मेल खाता है। नागालैंड सरकार द्वारा आयोजित, हॉर्नबिल महोत्सव नागालैंड की गहरी जड़ों वाली परंपराओं और इसकी जातीयता, विविधता और भव्यता में इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। यह महोत्सव 10 दिसंबर तक चलेगा। महोत्सव का आधिकारिक मीडिया पार्टनर जिओ है।

 

हॉर्नबिल महोत्सव: एक नजर में

  • हॉर्नबिल महोत्सव हर साल दिसंबर के पहले सप्ताह में नागालैंड में मनाया जाता है। इसे “त्योहारों का त्योहार” भी कहा जाता है। यह देश के सबसे बड़े स्वदेशी महोत्सव में से एक है।
  • यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित राज्य पर्यटन और कला और संस्कृति विभागों द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • यह महोत्सव नागा हेरिटेज विलेज, किसामा में आयोजित किया जाता है जो कोहिमा से लगभग 12 किमी दूर है।
  • महोत्सव का उद्देश्य नागालैंड की समृद्ध संस्कृति को पुनर्जीवित करना और उसकी रक्षा करना और इसके असाधारण परंपराओं को प्रदर्शित करना है।
  • यह महोत्सव ‘हॉर्नबिल’ पक्षी के नाम पर रखा गया है जो नागाओं के लिए सबसे अधिक पूजनीय और प्रशंसित पक्षी है।

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अंतर्राष्ट्रीय लुसोफोन महोत्सव गोवा में आयोजित किया जाएगा

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विदेश मंत्रालय भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और गोवा सरकार के साथ साझेदारी में 03-06 दिसंबर 2022 तक गोवा में अंतर्राष्ट्रीय लुसोफोन महोत्सव का आयोजन कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय लुसोफोन महोत्सव का उद्घाटन 03 दिसंबर 2022 को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा किया जाएगा और श्रीमती मीनाक्षी लेखी, विदेश राज्य मंत्री और संस्कृति राज्य मंत्री सम्मानित अतिथि होंगी।

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विदेश मंत्रालय (MEA) भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) और गोवा सरकार मिलकर गोवा में अंतरराष्ट्रीय लुसोफोन महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं। बता दें कि गोवा का लुसोफोन दुनिया के साथ ऐतिहासिक संबंध रहा है।

लुसोफोन दुनिया क्या है?

 

  • लुसोफोन दुनिया वे देश हैं जो पुर्तगाली को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में बोलते हैं और पुर्तगालियों द्वारा उपनिवेश बनाए गए थे। 30 करोड़ वक्ताओं के साथ, पुर्तगाली विश्व में छठी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।
  • पुर्तगाली बोलने वाले देशों ने 1996 में ‘पुर्तगाली भाषा देशों का समुदाय (सीपीएलपी)’ स्थापित किया।
  • सीपीएलपी के सदस्य देश अंगोला, ब्राज़ील, काबो वर्डे, गिनी बिसाऊ, मोज़ाम्बिक, पुर्तगाल, साओ टोम और प्रिंसिपे, तिमोर लेस्ते और इक्वेटोरियल गिनी।
  • भारत जुलाई 2021 में एक सहयोगी पर्यवेक्षक के रूप में सीपीएलपी में शामिल हुआ। सीपीएलपीके साथ भारत के जुड़ाव के हिस्से के रूप में, विदेश मंत्रालय ने सीपीएलपी में शामिल होने के तुरंत बाद 05 मई 2022 को दिल्ली में विश्व पुर्तगाली भाषा दिवस मनाया था ।
  • गोवा भी पुर्तगाल का एक उपनिवेश था और इसे भारत सरकार ने 1961 में सशस्त्र बल के ऑपरेशन विजय नामक एक कार्रवाई के माध्यम से मुक्त कराया था।

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प्रशांत कुमार AAAI के नए अध्यक्ष चुने गए

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ग्रुपएम मीडिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के दक्षिण एशिया के सीईओ प्रशांत कुमार को एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएएआई) का अध्यक्ष चुना गया है। उन्हें उद्योग में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है। GroupM में शामिल होने से पहले, उन्होंने Pepsi, The Hindu, The Media Edge, और McCan Erickson में पदों पर कार्य किया। उन्होंने 2020 से 2022 तक AAAI के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

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हवास ग्रुप इंडिया के ग्रुप सीईओ राणा बरुआ को एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया। अनुप्रिया आचार्य, निवर्तमान अध्यक्ष, 2022-23 के लिए AAAI बोर्ड की पदेन सदस्य होंगी।

 

बोर्ड के अन्य निर्वाचित सदस्य:

 

  • विशनदास हरदासानी (मैट्रिक्स पब्लिसिटी एंड मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड)
  • कुणाल ललानी (क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड)
  • रोहन मेहता (किनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड)
  • चंद्रमौली मुथु मैत्री (विज्ञापन वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, कोचीन)
  • श्रीधर रामसुब्रमण्यन (बीहाइव कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड)
  • शशिधर सिन्हा (इनिशिएटिव मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड)
  • के श्रीनिवास (स्लोका एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद)
  • विवेक श्रीवास्तव (इनोशियन वर्ल्डवाइड कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड)

 

Senior journalist Ravish Kumar resigns from NDTV following Adani acquisition_90.1

 

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस: इतिहास

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2-3 दिसंबर की रात भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। रिपोटर्स के मुताबिक उस गैस त्रासदी में जहरीली गैस के रिसाव के कारण पांच लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इतने सालों बाद आज भी पूरी दुनिया में इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक प्रदूषण आपदा के रूप में जाना जाता है। 1984 की उस गैस त्रासदी के दौरान प्राण गंवाने वाले लोगों की याद करने और प्रदूषण नियंत्रण कृत्यों के महत्व से हर व्यक्ति को अवगत कराने के लिए 2 दिसंबर का दिन राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में चिन्हित किया गया।

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इस दिन को मनाने का उद्देश्य

 

इस दिन का उद्देश्य प्रदूषण को रोकने में मदद करने वाले कानूनों के बारे में लोगों को जागरुक करना, औद्योगिक आपदाओं के प्रबंधन तथा नियंत्रण के प्रति जागरूकता फैलाना और औद्योगिक प्रक्रियाओं व मानवीय लापरवाही से पैदा प्रदूषण को रोकना है। देश के कई हिस्सों में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जो विकराल स्थिति बरकरार है, ऐसे में इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

 

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस: इतिहास

भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस को मनाने की शुरुआत दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी में शुमार भोपाल गैस त्रासदी के बाद हुयी थी। 2 दिसंबर 1984 की रात को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाईड इंडिया लिमिटेड नामक कंपनी की कीटनाशक फैक्ट्री से औद्योगिक दुर्घटना के कारण जानलेवा जहरीली गैस मिथाईल आइसोसाइनेट (MIC) का रिसाव हुआ था। इस घटना के कारण भोपाल में हजारों लोग मारे गए थे। भोपाल गैस त्रासदी में जान गवाँने वाले मृतकों की स्मृति में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।

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World AIDS Day celebrates on 1st December_90.1

कब और क्यों मनाया जाता है विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस?

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हर साल 2 दिसंबर को विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस मनाया जाता है। कंप्यूटर साक्षरता दिवस के अवसर पर कंप्यूटर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। कंप्यूटर का ज्ञान होना आज के युवा पीढ़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बिना कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान के वह जीवन में कुछ नहीं कर सकता है,भले ही वह कितना ही साक्षर क्यों न हो, क्योंकि आज के समय में हर एक छोटे से लेकर बड़े क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में कंप्यूटर के विषय में ज्ञान होना बहुत महत्वपूर्ण है। हर साल कंप्यूटर साक्षरता को लेकर 2 दिसंबर को वर्ल्ड कंप्यूटर लिटरेसी डे मनाया जाता है।

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कंप्यूटर साक्षरता का महत्व

 

कंप्यूटर के विषय में आज की युवा पीढ़ी को ज्ञान होना बहुत महत्वपूर्ण है छोटी गणितीय समस्या से लेकर दुनिया के बड़े से बड़े मुद्दों के रिसर्च के लिए कंप्यूटर बहुत महत्वपूर्ण है। महामारी के बाद से डिजिटल युग का विकास और ज्यादा बढ़ गया है।

 

कंप्यूटर साक्षरता दिवस का इतिहास

 

कंप्यूटर के विषय में ज्ञान हर एक व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, भारत में तेजी से बढ़ते हुए डिजिटल टेक्नोलॉजी और डिजिटल भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर का ज्ञान होना बहुत महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस की शुरुआत भारतीय कंप्यूटर कंपनी एनआईआईटी ने साल 2001 में अपनी बीसवीं वर्षगांठ को चिन्हित कर मनाया था। यह दिवस दुनिया में डिजिटलीकरण के महत्व को बढ़ावा देने के लिए हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है।

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अंतर्राष्ट्रीय गुलामी उन्मूलन दिवस: 2 दिसंबर

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संयुक्त राष्ट्र हर साल दो दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय गुलामी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन गुलामी के परंपरागत रूपों जैसे मानव तस्करी, यौन शोषण, बाल श्रम, जबरदस्ती शादी और सशस्त्र संघर्ष के दौरान बच्चों की सेना में जबरन भर्ती से सम्बंधित मुद्दों पर व्यापक विचार विमर्श के साथ सफल परिणाम प्राप्त करने की दिशा में सार्थक कदम उठाने पर जोर दिया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार दुनिया भर में 40 मिलियन से अधिक लोग आधुनिक गुलामी के शिकार हैं। इसके अलावा दुनिया भर 150 मिलियन से अधिक, दस बच्चों में से एक बच्चा बाल श्रम का शिकार हैं।

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अंतरराष्ट्रीय गुलामी उन्मूलन दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा के व्यक्तियों के आवागमन के दमन और दूसरों की वेश्यावृत्ति के शोषण पर हुए सम्मेलन के जरिए 02 दिसंबर 1929 को मनाना शुरु किया गया था। इन दिन गुलामी के परंपरागत रूपों जैसे मानव तस्करी, यौन शोषण, बाल श्रम, जबरदस्ती शादी और सशस्त्र संघर्ष के दौरान बच्चों की सेना में जबरन भर्ती के उन्मूलन पर केंद्रित है।

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चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का निधन

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चीन के पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन का निधन गया। वह भारत की यात्रा करने वाले पहले चीनी राष्ट्रपति थे। साल 1996 में भारत का दौरा करने वाले और विवादित सीमा पर तनाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करके दोनों देशों के बीच रचनात्मक सहयोग के एक नए युग की उन्होंने शुरुआत की थी। जेमिन के निधन की घोषणा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की सत्तारूढ़ केंद्रीय समिति द्वारा की गई। वह एक महान मार्क्सवादी, एक महान क्रांतिकारी, राजनीतिज्ञ और कुशल सैन्य रणनीतिकार थे।

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भारत के दृष्टिकोण से, जेमिन पहले चीनी राष्ट्रपति थे जिन्होंने नई दिल्ली का दौरा किया था और इस दौरान दोनों देशों ने 1996 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति बहाल करने के लिए एक व्यापक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जियांग जेमिन की यात्रा के दौरान जिन चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए उनमें एलएसी के साथ सैन्य क्षेत्र में विश्वास बहाली उपाय (सीबीएम) शामिल था, जिसमें आदान-प्रदान बढ़ाने और सहयोग तथा विश्वास को बढ़ावा देने के लिए दोनों सेनाओं के बीच ठोस उपायों को अपनाना शामिल था।

 

द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति के परिणामस्वरूप तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 2003 की यात्रा के दौरान जटिल सीमा प्रश्न पर चर्चा करने के लिए विशेष प्रतिनिधियों की नियुक्ति हुई और इस दौरान जियांग एक प्रभावशाली नेता बने रहे, क्योंकि उन्होंने चीन के शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) का नेतृत्व किया।

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Vice Chairperson of Toyota Kirloskar Motor, Vikram S Kirloskar passes away_90.1

पहली बार एयरक्राफ्ट इंजन में इस्तेमाल हुआ Hydrogen Fuel

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रोल्स-रॉयस और ईज़ी जेट कंपनी ने पहली बार ऐसा एयरक्राफ्ट इंजन बनाया है, जो हाइड्रोजन फ्यूल पर चलेगा। यानी यह दुनिया का पहला हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाला एयरक्राफ्ट इंजन है। इसका सफल परीक्षण स्कॉटलैंड के ओर्कनी आइलैंड के बोसकोम्ब डाउन की सरकारी टेस्ट फैसिलिटी में किया गया।

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रोल्स-रॉयस ने इस काम के लिए AE 2100-A टर्बोप्रोप इंजन का इस्तेमाल किया। जिसे उन्होंने हाइड्रोजन फ्यूल तकनीक के अनुसार बदला था। आमतौर पर यह इंजन नागरिक और मिलिट्री जेट्स में इस्तेमाल किया जाता है। हाइड्रोजन फ्यूल की मदद से एविएशन कंपनियां कार्बन उत्सर्जन कम करेंगी।

 

संयुक्त राष्ट्र ने साल 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को जीरो करने का लक्ष्य रखा है। उस मुहिम में इन दोनों कंपनियों ने ‘द रेस टू जीरो’ के तहत यह इंजन बनाया है। ताकि पेट्रोलियम आधारित फ्यूल के बजाय ग्रीन फ्यूल यानी हाइड्रोजन को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाए।

 

भविष्य में एयरबस कंपनी भी अपने सुपरजंबो A380 के लिए हाइड्रोजन पावर्ड जेट इंजन की टेस्टिंग करने वाला है। कंपनी का प्लान है कि वो 2035 तक अपने विमानों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को जीरों कर देगा। दूसरी तरफ टूलाउस स्थित एक समूह जो सीएफएम इंटरनेशनल के साथ काम कर रहा है। उसने ऐसे ही हाइड्रोजन फ्यूल पावर्ड इंजन को बनाने के लिए फ्रांस के साफ्रान और अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक से समझौता किया है।

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FSSAI approved Yak as a 'food animal'_90.1

भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास के दौरान 4 अमेरिकी सैनिकों ने नंदा देवी पर चढ़ाई की

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उत्तराखंड में भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ के 18वें संस्करण के दौरान पहली बार, 11वें एयरबोर्न डिवीजन के चार अमेरिकी सेना अधिकारियों को भारत की दूसरी सबसे ऊंची हिमालयी चोटी नंदा देवी पर पदोन्नत किया गया है। कैप्टन सेरुति, लेफ्टिनेंट रसेल, लेफ्टिनेंट ब्राउन और लेफ्टिनेंट हैक ‘युद्ध अभ्यास’ के दौरान हिमालय में पदोन्नत होने वाले पहले चार अमेरिकी सेना अधिकारी बने।

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11वीं एयरबोर्न डिवीजन की दूसरी ब्रिगेड के अमेरिकी सैनिक और असम रेजीमेंट के भारतीय सेना के जवान दो सप्ताह के संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग ले रहे हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं, रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।

 

इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच शांति व्यवस्था और आपदा राहत कार्यों में अंतरसंक्रियता को बढ़ाना और विशेषज्ञता साझा करना है। संयुक्त अभ्यास मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

कंचनजंगा के बाद नंदा देवी भारत का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत है, और पूरी तरह से भारत के भीतर स्थित है (कंचनजंगा भारत और नेपाल की सीमा पर है)। यह उत्तराखंड राज्य (चमोली जिला) में है। यह दुनिया की 23वीं सबसे ऊंची चोटी है। नंदा देवी चोटी गढ़वाल हिमालय का एक हिस्सा है।

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India - Malaysia joint military Exercise "Harimau Shakti -2022"_90.1

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