भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की सदस्य बन गई है। IATA दुनिया भर की 360 से अधिक एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक हवाई यातायात के 80% से अधिक हिस्से को संभालता है। यह सदस्यता तेजी से बढ़ रही भारतीय एयरलाइन आकासा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
IATA में शामिल होने के लिए आकासा ने दिसंबर में IATA ऑपरेशनल सेफ्टी ऑडिट (IOSA) को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो IATA सदस्यता के लिए अनिवार्य है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आकासा एयर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है।
आकासा एयर के बारे में
आकासा एयर की स्थापना विनय दुबे ने की थी। दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने इसमें लगभग 40% हिस्सेदारी के लिए 35 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। एयरलाइन ने अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान 7 अगस्त 2022 को शुरू की। तब से अब तक आकासा एयर 2.3 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा दे चुकी है और वर्तमान में 26 घरेलू तथा 6 अंतरराष्ट्रीय शहरों को जोड़ती है।
IATA सदस्यता क्यों है महत्वपूर्ण?
IATA की सदस्यता के माध्यम से आकासा एयर:
- वैश्विक एयरलाइन चर्चाओं में भाग ले सकेगी
- उद्योग की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के विकास में योगदान देगी
- सुरक्षा, डिजिटल विकास और सतत विमानन पर काम करेगी
- अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि और विश्वसनीयता को मजबूत करेगी
IATA के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उपाध्यक्ष शेल्डन ही ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र 77 लाख नौकरियों का समर्थन करता है और अर्थव्यवस्था में 53.6 अरब डॉलर का योगदान देता है। उन्होंने भविष्य के विमानन क्षेत्र को आकार देने में आकासा की भूमिका का स्वागत किया।
वहीं, आकासा एयर के संस्थापक और सीईओ विनय दुबे ने कहा कि IATA की सदस्यता से आकासा की वैश्विक साख मजबूत होगी और यह एयरलाइन भविष्य के लिए और अधिक तैयार बनेगी।
IATA में शामिल भारतीय एयरलाइंस
आकासा के शामिल होने के साथ अब भारत की पाँच एयरलाइंस IATA की सदस्य हैं:
- एयर इंडिया
- एयर इंडिया एक्सप्रेस
- इंडिगो
- आकासा एयर
- स्पाइसजेट
आकासा की भविष्य की बड़ी योजनाएँ
आकासा एयर का लक्ष्य इस दशक के अंत तक दुनिया की शीर्ष 30 एयरलाइनों में शामिल होना है। एयरलाइन अगले 10 वर्षों में 226 बोइंग 737 MAX विमान संचालित करने की योजना बना रही है। वर्तमान में इसके बेड़े में 31 विमान हैं।
वित्त वर्ष 2026 (FY26) में आकासा को अपनी क्षमता में 30% से अधिक वृद्धि की उम्मीद है। इस वर्ष पांच और विमान जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या 35 विमान हो जाएगी। साल के अंत तक एयरलाइन के पास लगभग 770–775 पायलट होंगे।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025 (FY25) में अकासा एयर ने शानदार प्रदर्शन किया:
- राजस्व में 49% की वृद्धि
- EBITDA मार्जिन में 50% सुधार
- लोड फैक्टर 87% से अधिक
- क्षमता में 48% की वृद्धि
- प्रति सीट लागत (ईंधन को छोड़कर) में 7% की कमी
ये आंकड़े दिखाते हैं कि अकासा तेज़ी से बढ़ते हुए लागत नियंत्रण में भी सफल रही है।
कार्गो और अतिरिक्त सेवाएँ
आकासा एयर ने यात्री टिकटों के अलावा भी मजबूत व्यवसाय खड़ा किया है। यह 25 से अधिक अतिरिक्त सेवाएँ प्रदान करती है, जैसे सीट चयन और अन्य ऐड-ऑन, जिससे अतिरिक्त आय होती है।
मार्च 2025 तक आकासा ने लगभग 1,00,000 टन कार्गो का परिवहन किया, जिससे यह भारत के एयर कार्गो क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गई है। साथ ही, यह 1,150 से अधिक कॉर्पोरेट भागीदारों के साथ काम कर रही है और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए नए निवेश भी सुरक्षित कर चुकी है।


