मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी ‘महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति 2026’ को मंज़ूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना और 2031 तक लगभग 1.5 लाख रोज़गार के अवसर पैदा करना है। इस नीति के माध्यम से, राज्य को भारत के एक अग्रणी AI हब (केंद्र) के रूप में स्थापित किया जाएगा। नवाचार, बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास पर विशेष ज़ोर देते हुए, इस नीति का दृष्टिकोण भारत के उस व्यापक प्रयास के अनुरूप है, जिसके तहत भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता बनने की दिशा में अग्रसर है।
महाराष्ट्र AI नीति 2026
हाल ही में मंज़ूर की गई AI नीति का मकसद महाराष्ट्र को राष्ट्रीय और वैश्विक AI इनोवेशन केंद्र में बदलना है। इसका मुख्य ज़ोर एक मज़बूत इकोसिस्टम बनाने पर होगा, जिसमें ये चीज़ें शामिल होंगी:
- बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर
- कुशल वर्कफ़ोर्स
- स्टार्टअप इकोसिस्टम
- ज़िम्मेदार AI गवर्नेंस
राज्य का लक्ष्य ‘इंडिया AI मिशन’ के लिए एक रोल मॉडल के तौर पर काम करना भी है।
₹10,000 करोड़ का निवेश और रोज़गार सृजन का लक्ष्य
इस नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी आर्थिक महत्वाकांक्षा है।
- इसके तहत ₹10,000 करोड़ से अधिक के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
- इससे वर्ष 2031 तक 1.5 लाख रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।
- साथ ही, यह भी स्वीकार किया गया है कि AI के कारण लगभग 70% नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है।
यह उद्योगों और रोज़गार के स्वरूप को नया आकार देने में AI के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है।
राज्य में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
इस नीति में इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े विकास का भी प्रस्ताव है, जिसमें ये शामिल हैं:
- 5 AI इनोवेशन शहरों की स्थापना।
- साथ ही, 2,000 GPUs के साथ एक कॉमन कंप्यूटिंग बैकबोन का निर्माण।
- इसके अलावा, सरकारी विभागों के लिए “Compute-as-a-Service” की शुरुआत।
इससे हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग तक किफायती पहुँच सुनिश्चित होगी, जो AI के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है।
कौशल विकास और मानव संसाधन विकास पर विशेष ज़ोर
- AI के दौर के लिए राज्य के कार्यबल को तैयार करने के उद्देश्य से, महाराष्ट्र 2 लाख युवाओं और पेशेवरों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है।
- इसके साथ ही, यह ‘महाराष्ट्र सेंटर फॉर एडवांस्ड AI ट्रेनिंग’ (MCAT) की स्थापना भी करेगा और उद्योग-अकादमिक साझेदारी को बढ़ावा देगा।
- इस पहल का उद्देश्य कौशल की कमी को दूर करना और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण करना भी है।
स्टार्टअप्स, MSMEs और इनोवेशन को बढ़ावा
यह पॉलिसी AI इनोवेशन को सपोर्ट करने के लिए मज़बूत इंसेंटिव भी पेश करती है।
- कुल ₹500 करोड़ का AI स्टार्टअप वेंचर फंड (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) दिया जाएगा।
- साथ ही, 5,000 MSMEs द्वारा AI अपनाने के लिए 20% की सब्सिडी भी दी जाएगी।
- पॉलिसी सपोर्ट के लिए 12 AI इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे।
- इसके तहत स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ तक और महिलाओं के नेतृत्व वाले वेंचर्स को ₹1.25 करोड़ तक का ग्रांट भी दिया जाएगा।
इसके अलावा, ‘Maha AI Tools Hub’ AI को अपनाने और उसके विकास के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।
निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन
AI के क्षेत्र में निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक गंतव्य बनाने हेतु, राज्य सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगी:
- 20% तक की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करेगी।
- स्टाम्प शुल्क में छूट या 100% की पूर्ण माफी देगी।
- इसके साथ ही, बिजली दरों में सब्सिडी (10 वर्षों तक ₹2 प्रति यूनिट) भी प्रदान करेगी।
- पेटेंट, प्रमाणन और वैश्विक प्रदर्शनियों पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति (reimbursement) करेगी।


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