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राष्ट्रमंडल युवा एवं जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत के नाम चार गोल्ड मेडल

भारतीय भारोत्तोलकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समोआ के अपिया में चल रही राष्ट्रमंडल युवा एवं जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप और संबंधित यूनिवर्सल कप (सीनियर) में प्रतियोगिता के दूसरे दिन चार स्वर्ण पदक जीते। भारतीय वेटलिफ़्टरों ने अलग-अलग कैटेगरी में चार गोल्ड मेडल जीते हैं। यूनिवर्सल कप (सीनियर) इवेंट के साथ-साथ मुकाबला करते हुए, भारत के युवा एथलीटों ने अपनी ताक़त, सटीकता और निरंतरता का प्रदर्शन किया है, जो अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ़्टिंग में देश के बढ़ते दबदबे का संकेत है।

भारत ने विभिन्न श्रेणियों में चार स्वर्ण पदक जीते

भारत ने युवा और सीनियर, दोनों ही वर्गों में पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। इन एथलीटों ने खेल के तकनीकी पहलू—यानी वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं की दो मुख्य लिफ्ट्स, ‘स्नैच’ और ‘क्लीन एंड जर्क’—में असाधारण तकनीक का प्रदर्शन किया है।

स्वर्ण पदक विजेता और प्रदर्शन

सुनील सिंह (पुरुष 65 किग्रा)

  • कुल लिफ्ट: 271 किग्रा
  • स्नैच: 126 किग्रा
  • क्लीन एंड जर्क: 145 किग्रा

ऐसंग्फा गोगोई (महिला 58 किग्रा)

  • कुल लिफ़्ट: 185 किग्रा
  • स्नैच: 79 किग्रा
  • क्लीन एंड जर्क: 106 किग्रा

अभिनव गोगोई (पुरुष 71 किग्रा)

  • कुल लिफ्ट: 284 किग्रा
  • स्नैच: 129 किग्रा
  • क्लीन एंड जर्क: 155 किग्रा

चारु पेसी (यूनिवर्सल कप – पुरुषों का 65 किग्रा वर्ग)

  • कुल लिफ्ट: 289 किग्रा
  • स्नैच: 127 किग्रा
  • क्लीन एंड जर्क: 162 किग्रा

वेटलिफ्टिंग इवेंट्स को समझना: स्नैच और क्लीन एंड जर्क

वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताएं दो मुख्य लिफ्ट्स पर आधारित होती हैं।

  • स्नैच: एक ही लगातार मूवमेंट जिसमें बारबेल को सिर के ऊपर उठाया जाता है।
  • क्लीन एंड जर्क: यह दो-स्टेप वाली लिफ्ट है – पहले कंधों तक (क्लीन) और फिर सिर के ऊपर (जर्क)।

दोनों लिफ्ट्स में उठाए गए कुल वज़न के आधार पर विजेता का फैसला होता है, इसलिए दोनों लिफ्ट्स में एक जैसा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण है।

उभरती प्रतिभाएँ एक उज्ज्वल भविष्य का संकेत 

समोआ में भारत की सफलता देश के वेटलिफ्टिंग इकोसिस्टम में युवा प्रतिभाओं की गहराई को उजागर करती है।

ये प्रदर्शन निम्नलिखित बातों को दर्शाते हैं:

  • मज़बूत ज़मीनी स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • बेहतर कोचिंग और वैज्ञानिक सहयोग।
  • और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ती भागीदारी।

यूनिवर्सल कप से भारत का दबदबा और बढ़ा

  • यूनिवर्सल कप (सीनियर), जो चैंपियनशिप के साथ-साथ चल रहा है, उसने भारतीय एथलीटों के लिए एक और मंच मुहैया कराया।
  • अरुणाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहीं चारू पेसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय प्रतिभागियों में सबसे ज़्यादा वज़न उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
  • यह भारत की ताकत को दिखाता है, जो सिर्फ़ एक कैटेगरी तक सीमित न होकर युवा और सीनियर, दोनों ही स्तरों पर मौजूद है।
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