केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के 22 वें विधि आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग गठन किए जाने की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए कार्य करेगा। आयोग सौंपे गए कानून के विभिन्न पहलुओं पर अपनी सलाह देगा। 21 वें विधि आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बीएस चौहान ने की थी।
साथ ही आयोग, न्याय प्रक्रियाओं में देरी और मामलों के तेजी से निपटान के लिए न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए अध्ययन और अनुसंधान भी करेगा। भारतीय विधि आयोग समय-समय पर सरकार द्वारा गठित किया जाने वाल गैर-संवैधानिक निकाय है। पिछले विधि आयोग का कार्यकाल साल 31 अगस्त, 2019 को समाप्त हो गया था।
पैनल में पूरी अवधि के लिए एक अध्यक्ष, चार सदस्य (एक सचिव सहित), और कानून मंत्रालय में कानून और विधायी सचिव पदेन सदस्य होते है। विधि आयोग का गठन मूल रूप से पहली बार 1955 में किया गया था और जिसके बाद से हर तीन साल में इसका गठन किया जाता है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री: रविशंकर प्रसाद.



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