ब्रिटेन (UK) की संसद ने ‘तंबाकू और वेप्स बिल’ को मंज़ूरी दे दी है। इस बिल के तहत, 1 जनवरी 2009 या उसके बाद पैदा हुए लोग अब कभी भी तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे। इस कदम का मकसद एक ‘धूम्रपान-मुक्त पीढ़ी’ तैयार करना और सबसे ज़रूरी बात, धूम्रपान से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। शाही मंज़ूरी मिलने के बाद, यह नया कानून दुनिया भर में धूम्रपान-विरोधी सबसे सख़्त और कड़े उपायों में से एक बन जाएगा।
संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा।
तंबाकू से जुड़ा नया कानून क्या कहता है?
- हाल ही में पारित इस कानून के तहत ‘पीढ़ीगत प्रतिबंध’ (generational ban) लागू किया गया है। इसका मतलब है कि 2008 के बाद जन्मे लोग कानूनी तौर पर कभी भी तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे।
- इसके अलावा, कानूनी उम्र हर साल प्रभावी रूप से बढ़ती जाएगी।
- और आने वाली पीढ़ियों में धूम्रपान धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
यह दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करेगा कि युवा आबादी निकोटीन की लत और इसके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों से सुरक्षित रहे।
वेपिंग और निकोटीन उत्पादों से जुड़े विस्तृत नियम
यह विधेयक न केवल तंबाकू उत्पादों को लक्षित करता है, बल्कि यह वेपिंग और उससे संबंधित उत्पादों के संबंध में नियमों को भी और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।
मुख्य नियामक उपाय ये हैं:
- फ्लेवर, पैकेजिंग और युवाओं को लक्षित करने वाले विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध।
- साथ ही, खेल के मैदानों, स्कूलों, अस्पतालों और बच्चों वाली कारों में वेपिंग पर प्रतिबंध।
- निकोटिन उत्पादों के मानकों पर सरकार का अधिक नियंत्रण।
इन कदमों का उद्देश्य उन युवाओं को रोकना है, जो धूम्रपान से वेपिंग की ओर बढ़ रहे हैं।
सरकार का दृष्टिकोण: इलाज से बेहतर रोकथाम
UK के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंंग ने इस विधेयक को सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी कदम बताया।
सरकार का मानना है कि इलाज की तुलना में रोकथाम अधिक प्रभावी है।
अपेक्षित लाभ
- धूम्रपान से जुड़ी बीमारियों में कमी।
- साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर बोझ में कमी।
- और जीवन प्रत्याशा तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार।
स्वास्थ्य संगठनों का समर्थन
UK में सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों ने इस कानून का व्यापक रूप से स्वागत किया है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून लाखों लोगों की समय से पहले होने वाली मौतों को रोकेगा, और फेफड़ों की बीमारियों तथा श्वसन संबंधी रोगों को कम करेगा।
- यह कानून आने वाली पीढ़ियों पर तंबाकू उद्योग के प्रभाव को भी सीमित करेगा।


भारत और दक्षिण कोरिया ने नई दिल्ली में उ...
सालों की उथल-पुथल के बाद, 2026 के चुनावो...
RELOS समझौता लागू: भारत और रूस ने सैन्य ...


