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RBI का बड़ा कदम: बैंकिंग शिकायतों के लिए बनेगा CRPC

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय प्रणाली में उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शिकायत निवारण ढांचे में एक बड़ा सुधार घोषित किया है। इसके तहत RBI अब इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के अंतर्गत शिकायतों के निपटान के लिए एक केंद्रीकृत केंद्र स्थापित करेगा। यह नई व्यवस्था देशभर के उपभोक्ताओं के लिए तेज़, पारदर्शी और सुलभ शिकायत निवारण सुनिश्चित करेगी।

क्यों चर्चा में है? 

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सेंट्रलाइज़्ड रिसीट एंड प्रोसेसिंग सेंटर (CRPC) की स्थापना की घोषणा की है, जो 1 जुलाई 2026 से इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के तहत लागू होगा।

केंद्रीय शिकायत प्रसंस्करण केंद्र (CRPC) क्या है?

  • CRPC एक राष्ट्रीय स्तर का एकल केंद्र होगा, जहां ईमेल और डाक के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की प्रारंभिक जांच की जाएगी।
  • इसका मुख्य कार्य यह तय करना होगा कि कोई शिकायत इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के तहत स्वीकार्य है या नहीं।
  • प्रारंभिक जांच को केंद्रीकृत करने से देरी कम होगी, दोहराव समाप्त होगा और सभी शिकायतों के साथ एक समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

शिकायतों का निपटान कैसे होगा?

  • ऑनलाइन दर्ज शिकायतें सीधे RBI के Complaint Management System (CMS) पोर्टल पर पंजीकृत होंगी।
  • ईमेल या डाक से प्राप्त शिकायतें पहले CRPC द्वारा जांची जाएंगी।
  • स्वीकार्य शिकायतों को आगे RBI ओम्बड्समैन या डिप्टी ओम्बड्समैन द्वारा निपटाया जाएगा।
  • निर्णय लेते समय बैंकिंग कानूनों, RBI के नियमों और संबंधित दिशानिर्देशों को ध्यान में रखा जाएगा।
  • इससे शिकायत निवारण में निष्पक्षता और एकरूपता सुनिश्चित होगी।

इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम का उद्देश्य

  • यह योजना बैंकों और RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं के ग्राहकों के लिए कम खर्चीला, त्वरित और गैर-विवादात्मक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करती है।
  • संशोधित नियमों से इस प्रणाली की दक्षता और पहुंच और मजबूत होगी।
  • RBI ने स्पष्ट किया है कि इसका लक्ष्य लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के बिना विवादों का समाधान करना है, जिससे आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों को राहत मिले।

मुआवज़ा प्रावधान 

  • शिकायत के मूल्य पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है, यानी बड़ी राशि से जुड़े विवाद भी ओम्बड्समैन के पास ले जाए जा सकते हैं।
  • परिणामी नुकसान (Consequential Loss) के लिए ओम्बड्समैन अधिकतम ₹30 लाख तक का मुआवज़ा दे सकता है।
  • इसके अलावा, समय की हानि, खर्च, उत्पीड़न या मानसिक पीड़ा के लिए अधिकतम ₹3 लाख तक का अतिरिक्त मुआवज़ा दिया जा सकता है।

RBI ओम्बड्समैन प्रणाली का महत्व

  • यह प्रणाली बैंकों, NBFCs और अन्य RBI-नियंत्रित संस्थाओं के ग्राहकों के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान मंच प्रदान करती है।
  • अदालतों या ट्रिब्यूनल में जाए बिना, यहां शिकायतों का सरल और प्रभावी समाधान संभव होता है।
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