राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को अपना नया प्रमुख मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को एनआईए का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। अग्रवाल इससे पहले कार्यवाहक निदेशक के तौर पर जांच एजेंसी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें आईपीएस राकेश अग्रवाल, विशेष महानिदेशक, एनआईए को महानिदेशक के तौर पर नियुक्त करने की बात कही गई है। यह नियुक्ति पद संभालने की तारीख से 31 अगस्त 2028 तक यानी उनके रिटायरमेंट की तारीख तक या अगले आदेश तक जो भी पहले हो रहेगी।
राकेश अग्रवाल कौन हैं ?
हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में आतंकवाद विरोधी एजेंसी में विशेष महानिदेशक हैं। राकेश अग्रवाल एनआईए के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। अब केंद्र सरकार ने उन्हें औपचारिक रूप से एनआईए प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी है।
बता दें कि आईपीएस राकेश अग्रवाल को लगभग तीन दशक की अपनी सर्विस में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए लंबा प्रशासनिक अनुभव है। उनकी छवि बेहद अनुशासित, तकनीकी रूप से दक्ष और रणनीतिक सोच रखने वाले अधिकारी की रही है। ऐसे में सुरक्षा मामलों में उनकी समझ और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें एनआईए जैसे बड़ी संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
NIA नेतृत्व का महत्व
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) आतंकवाद, आतंक के वित्तपोषण तथा ISIS जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी गतिविधियों की जांच में केंद्रीय भूमिका निभाती है। देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ रखने में इसकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- NIA के प्रभावी संचालन के लिए मजबूत और अनुभवी नेतृत्व आवश्यक होता है, ताकि राज्य पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
- एनआईए में अग्रवाल के लंबे अनुभव से संचालनात्मक दक्षता, नीतिगत निरंतरता और आतंकवाद से जुड़े मामलों में प्रभावी अभियोजन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे देश की आतंकवाद-रोधी क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।
सुरक्षा बलों में अन्य प्रमुख नियुक्तियाँ
- एनआईए में नियुक्ति के साथ-साथ केंद्र सरकार ने अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में भी महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है।
- शत्रुजीत सिंह कपूर, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी, को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 तक रहेगा।
- वहीं, प्रवीण कुमार, जो अब तक ITBP के महानिदेशक थे, को सीमा सुरक्षा बल (BSF) का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2030 तक निर्धारित किया गया है।
- इन नियुक्तियों से सीमावर्ती सुरक्षा, आंतरिक स्थिरता और विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के बारे में
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की स्थापना 2008 में मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद की गई थी। इसका उद्देश्य देश में आतंकवाद से जुड़े मामलों की प्रभावी, समन्वित और तेज़ जांच सुनिश्चित करना है।
- NIA एक केंद्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करती है और इसे राज्यों की विशेष अनुमति के बिना भी आतंकवाद से संबंधित अपराधों की जांच करने का अधिकार प्राप्त है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
- NIA के महानिदेशक (DG) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे जांच की दिशा तय करने, विभिन्न सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने और भारत की आतंकवाद-रोधी (काउंटर टेरर) व्यवस्था को मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।


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