वर्ष 2025 में दुनिया भर में कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशन शुरू किए गए, जिनका उद्देश्य आतंकवाद, सीमा सुरक्षा, मानवीय संकट, नागरिकों की निकासी, आपदा राहत और क्षेत्रीय संघर्षों से निपटना था। भारत सहित प्रमुख वैश्विक शक्तियों ने नागरिकों की सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्राकृतिक आपदाओं का जवाब देने और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए ये अभियान चलाए। ये ऑपरेशन बदलती सुरक्षा चुनौतियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
2025 के प्रमुख ऑपरेशन
I. भारत-केंद्रित ऑपरेशन (राष्ट्रीय एवं मानवीय)
1. ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थित नौ आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए गए। इसका उद्देश्य सैन्य टकराव को बढ़ाए बिना निरोधक क्षमता को पुनः स्थापित करना था, इसलिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया।
2. ऑपरेशन शिवा 2025
यह ऑपरेशन श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षित और शांतिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर में शुरू किया गया। इसमें 8,500 से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई, साथ ही उन्नत निगरानी प्रणालियाँ, काउंटर-ड्रोन ग्रिड, चिकित्सा सुविधाएँ और आपदा प्रतिक्रिया टीमें शामिल रहीं। यह अभियान बढ़ते आतंकी खतरों के बीच धार्मिक यात्राओं की सुरक्षा पर भारत के फोकस को दर्शाता है।
3. ऑपरेशन अभ्यास
गृह मंत्रालय के तहत आयोजित यह एक राष्ट्रीय स्तर का नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल था। बेंगलुरु सहित कई शहरों में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन तैयारी, बचाव कार्य, अग्नि सुरक्षा, निकासी और जन-जागरूकता को मजबूत करना था, खासकर आतंकी घटनाओं के बाद बढ़े सुरक्षा अलर्ट के संदर्भ में।
4. ऑपरेशन सर्द हवा
सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा गणतंत्र दिवस से पहले शुरू किया गया यह ऑपरेशन राजस्थान में भारत–पाक सीमा पर घने कोहरे के दौरान घुसपैठ रोकने के लिए था। इसमें उन्नत निगरानी उपकरण, ऊँट गश्त, ड्रोन और अतिरिक्त बल तैनात किए गए, जिससे चौबीसों घंटे सतर्कता बनी रही।
5. ऑपरेशन सिंधु
ईरान–इज़राइल संघर्ष के बीच ईरान में फँसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया गया। भारतीय दूतावासों ने आर्मेनिया के रास्ते सड़क और हवाई निकासी की व्यवस्था की। यह अभियान विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति भारत की कूटनीतिक तत्परता को दर्शाता है।
6. ऑपरेशन ब्रह्मा
म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत मानवीय सहायता प्रदान की। इसमें राहत सामग्री की हवाई आपूर्ति, नौसैनिक सहयोग, खोज एवं बचाव दल और फील्ड अस्पताल शामिल थे। यह मिशन भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत एक प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले देश की भूमिका को दर्शाता है।
7. ऑपरेशन हॉक 2025
CBI के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करना था, जो ऑनलाइन बाल यौन शोषण में संलिप्त थे। अमेरिका के सहयोग से संचालित इस अभियान में Discord जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वाले नेटवर्क को तोड़ा गया, जिससे वैश्विक साइबर अपराध रोकथाम में भारत की भूमिका मजबूत हुई।
II. अंतर्राष्ट्रीय / वैश्विक ऑपरेशन
1. ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (अमेरिका–जॉर्डन)
सीरिया में ISIS के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए यह संयुक्त सैन्य ऑपरेशन किया गया, जब एक हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए। इसमें 70 से अधिक ISIS ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। इसका उद्देश्य ISIS की संरचना को कमजोर करना और शक्ति के माध्यम से प्रतिरोध की नीति को दोहराना था।
2. ऑपरेशन मिडनाइट हैमर (संयुक्त राज्य अमेरिका)
अमेरिका ने ईरान की फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान स्थित परमाणु सुविधाओं पर हमला करने के लिए यह ऑपरेशन चलाया। इसका लक्ष्य स्टेल्थ बॉम्बर्स और क्रूज़ मिसाइलों के माध्यम से, बिना तत्काल युद्ध भड़काए, ईरान की परमाणु क्षमता को सीमित करना था।
3. ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 (ईरान)
ईरान ने अपने परमाणु और सैन्य ठिकानों पर इज़राइली हमलों के जवाब में इज़राइल के शहरों पर मिसाइल अभियान चलाया। इसमें डिकॉय सैचुरेशन और AI-सहायता प्राप्त मिसाइल मार्ग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया, जिसने आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चुनौती दी।
4. ऑपरेशन राइजिंग लायन (इज़राइल)
इज़राइल ने ईरान के नतांज़ परमाणु संवर्धन केंद्र सहित परमाणु अवसंरचना को निशाना बनाते हुए यह ऑपरेशन शुरू किया। इज़राइल ने इसे राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए आवश्यक बताया, जबकि अमेरिका ने इससे दूरी बनाए रखी—जो मध्य पूर्व में एक बड़ा भू-राजनीतिक संकेत था।
5. ऑपरेशन डेविल हंट (बांग्लादेश)
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमलों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य राजनीतिक अशांति के बीच कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक स्थिरता बहाल करना था।
6. ऑपरेशन सागर बंधु (भारत–श्रीलंका)
चक्रवात दित्वाह के बाद श्रीलंका को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए भारत ने यह अभियान चलाया। भारतीय नौसेना के जहाज़ों ने राहत सामग्री, भोजन और चिकित्सा सहायता पहुँचाई। इस ऑपरेशन ने हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय एकजुटता और मानवीय सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।


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