फिच रेटिंग्स ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को सबसे कम निवेश ग्रेड “BBB-” पर बरकरार रखा है, जबकि रेटिंग एजेंसी ने भारत के लिए अपने रेटिंग आउटलुक में बदलाव कर इसे स्थिर से नकारात्मक कर दिया है। रेटिंग एजेंसी फिच ने इसका कारण भारत के विकास और ऋण दृष्टिकोण के लिए बढ़ते जोखिम को बताया है।
फिच रेटिंग्स ने कहा कि COVID-19 महामारी ने वित्तीय वर्ष 2021 के लिए भारत की विकास दर में के दृष्टिकोण को काफी कमजोर कर दिया है, साथ ही साथ एक विशाल सार्वजनिक-ऋण बोझ से जुड़ी चुनौतियों को उजागर किया है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2021 में भारत की आर्थिक गतिविधि 5% से संकुचन रहने के बाद वित्त वर्ष 2022 में उभकर 9.5% की दर से वृद्धि करेगी।



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