Tuesday, 21 April 2020

रिचार्जेबल मेटल-एयर बैटरी बनाने के लिए किया जाएगा मछली के गलफड़ों का इस्तेमाल

रिचार्जेबल मेटल-एयर बैटरी बनाने के लिए किया जाएगा मछली के गलफड़ों का इस्तेमाल

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (the Institute of Nano Science and Technology) के वैज्ञानिकों द्वारा "फिश गिल्स" (मछली के गलफड़ों) से कारगर और कम लागत वाला इलेक्ट्रो-कैटेलिस्ट विकसित किया गया है। इस कम लागत वाले इलेक्ट्रो-कैटेलिस्ट का इस्तेमाल पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा रूपांतरण उपकरणों और भंडारण प्रौद्योगिकियों जैसे फ्यूल सेल, बायो फ्यूल सेल और मेटल - एयर बैट्री को विकसित  करने के लिए किया जाएगा।




वैज्ञानिकों ने एक एयर कैथोड के रूप में कैटेलिस्ट के साथ एक होममेड रिचार्जेबल Zn-एयर बैट्री (जेडएबी) का निर्माण किया है और कहा है कि फिश गिल्स के उपयोग से अत्यधिक कुशल और कम लागत वाले बायोइंस्पिरेटेड इलेक्ट्रोकाइज़र का विकास किया जा सकता है। यह कम लागत वाली बायोइंस्पायर्ड इलेक्ट्रोकैटलिस्ट कार्बन (Pt/C) कैटेलिस्ट पर कमर्शियल प्लेटिनम से बेहतर है। इसलिए, इसे भविष्य में ऊर्जा रूपांतरण और भंडारण अनुप्रयोगों के लिए अगली पीढ़ी के गैर बेशकीमती कार्बन आधारित इलेक्ट्रोकैटलिस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।


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