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खेल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु भारत सरकार का बड़ा फैसला: 3 साल तक IP फीस माफ

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खेल नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है, जिसके तहत खेल से संबंधित बौद्धिक संपदा (IP) पंजीकरणों पर 3 साल की फीस माफ़ी दी जाएगी। यह घोषणा नई दिल्ली में ‘विश्व बौद्धिक संपदा दिवस’ समारोह के दौरान की गई थी, और इसने खेल क्षेत्र में नवाचार, विनिर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर भारत के बढ़ते फोकस को उजागर किया।

बौद्धिक संपदा पर 3 साल की IP शुल्क माफ़ी

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा सभी खेल-संबंधी श्रेणियों में तीन वर्षों के लिए IP पंजीकरण शुल्क की पूरी माफ़ी थी, जिसमें शामिल हैं:

  • ट्रेडमार्क
  • कॉपीराइट
  • पेटेंट
  • डिज़ाइन
  • भौगोलिक संकेतक (GI)
  • पारंपरिक ज्ञान

इस कदम का उद्देश्य स्टार्टअप्स, एथलीट्स, छात्रों और इनोवेटर्स को बिना किसी आर्थिक बाधा का सामना किए, अपने विचारों का कानूनी मालिकाना हक हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

सरकार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सहायता भी देगी, जिससे पहली बार आवेदन करने वालों के लिए यह प्रक्रिया और भी सुगम हो जाएगी।

यह पहल ‘इनोवेट, पेटेंट, प्रोड्यूस, प्रॉस्पर’ (Innovate, Patent, Produce, Prosper) जैसे व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप भी है, जिसका मुख्य ज़ोर विचारों को आर्थिक संपत्तियों में बदलने पर है।

कश्मीर विलो बैट: वैश्विक मंच पर भारत की कारीगरी

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण GI-टैग वाले कश्मीर विलो क्रिकेट बैट पर दिया गया ज़ोर था, जो भारत की पारंपरिक कारीगरी और बौद्धिक संपदा की ताकत का प्रतीक है।

मंत्री ने यह भी बताया कि यह भारत में GI मान्यता प्राप्त कुछ चुनिंदा खेल उत्पादों में से एक है, और यह स्थानीय कौशल, विरासत तथा आर्थिक संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

इसके अलावा, इसकी वैश्विक पहुँच और ब्रांडिंग का विस्तार करने की भी आवश्यकता है। इस तरह के उत्पादों को बढ़ावा देने से निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है, रोज़गार के अवसर पैदा हो सकते हैं, और वैश्विक खेल सामान बाज़ार में भारत की उपस्थिति मज़बूत हो सकती है।

भारत को उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बनाना

सरकार जम्मू-कश्मीर और मेरठ (उत्तर प्रदेश) जैसे क्षेत्रों में खेल-कूद के सामान बनाने वाले क्लस्टर्स (समूहों) को विकसित करने की भी योजना बना रही है।

इन क्लस्टर्स का उद्देश्य खेल-कूद के सामानों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना और साथ ही स्थानीय सप्लाई चेन को मज़बूत करना है।

इसके अलावा, ये क्लस्टर रोज़गार के अवसर पैदा करेंगे और आयात पर निर्भरता को कम करेंगे। साथ ही, बैट, बॉल, हॉकी के उपकरण, जिम के औज़ार और ट्रेनिंग गियर जैसे उत्पादों के स्वदेशी निर्माण में भी तेज़ी आएगी।

स्मार्ट वियरेबल्स हैकाथॉन का शुभारंभ

मंत्री ने ‘विकसित भारत डिजिटल मैट्रिक्स 2026 हैकाथॉन’ का भी शुभारंभ किया, जिसका आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के साथ मिलकर किया जाएगा।

यह छह महीने की पहल इन बातों पर केंद्रित है:

  • स्मार्ट वियरेबल टेक्नोलॉजी का विकास करना।
  • यह फिटनेस, स्वास्थ्य और परफॉर्मेंस की ट्रैकिंग को बेहतर बनाएगी।
  • साथ ही, डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी में इनोवेशन को बढ़ावा देगी।
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