उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में IBM के एआई गवटेक इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन किया और इसे राज्य में प्रौद्योगिकी-आधारित सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीप टेक और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस केंद्र के माध्यम से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी।
तकनीक-संचालित शासन को मजबूत करना
IBM के साथ मिलकर बनाया गया AI गवटेक इनोवेशन सेंटर, गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए AI-बेस्ड सॉल्यूशन को डिज़ाइन और स्केल करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी में बहुत पोटेंशियल है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत का पहला कंप्यूटर IBM की मदद से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कानपुर में लगाया गया था, जिससे टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस के साथ राज्य के ऐतिहासिक लिंक पर रोशनी पड़ी।
AI, डीप टेक और क्वांटम कंप्यूटिंग पर फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश इन क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- रोबोटिक्स
- ड्रोन टेक्नोलॉजी
- मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेडटेक)
- क्वांटम कंप्यूटिंग
राज्य के बजट में रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस के लिए पहले ही प्रावधान किए जा चुके हैं। मेडटेक सेक्टर में IIT कानपुर के साथ सहयोग भी चल रहा है।
यूपी सरकार के साथ एमओयू साइन किए गए
कार्यक्रम के दौरान IBM ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। पहला समझौता राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के साथ किया गया, जिसके तहत विभिन्न विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अनुप्रयोग विकसित किए जाएंगे, ताकि शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके।
दूसरा समझौता विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के साथ किया गया, जिसके अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एआई साक्षरता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराना और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
इस अवसर पर IBM के चेयरमैन एवं सीईओ Arvind Krishna ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक स्तर पर सरकारी कार्यकुशलता और आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
‘एआई सिटी’ लखनऊ का विजन
‘एआई सिटी’ लखनऊ की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए योगी आदित्यनाथ ने IBM का राज्य के साथ साझेदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग लखनऊ को एक “एआई सिटी” के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग सहित उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े सभी प्रयासों को राज्य सरकार का पूर्ण समर्थन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीकी नवाचार, डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और यह पहल राज्य को राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार, IBM तथा Indian Institute of Technology Kanpur (आईआईटी कानपुर) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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