अमेरिका के प्रसिद्ध येलोस्टोन नेशनल पार्क में लगभग छह वर्षों की शांति के बाद एक बार फिर इचिनस गीजर सक्रिय हो गया है। हाल ही में हुए विस्फोटों में इस गीजर से लगभग 30 फीट तक गर्म भाप और पानी के शक्तिशाली फव्वारे उठते देखे गए। इचिनस गीजर को दुनिया का सबसे बड़ा अम्लीय गीजर माना जाता है और इसकी दोबारा सक्रियता ने वैज्ञानिकों और पर्यटकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। साल 2017 के बाद यह पहली बार है जब इस गीजर में लगातार गतिविधि दर्ज की गई है। येलोस्टोन का भू-तापीय क्षेत्र अपने लगातार बदलते स्वरूप के लिए जाना जाता है, और इचिनस गीजर की वापसी भूमिगत जल-तापीय प्रणालियों की गतिशीलता को दर्शाती है।
इचिनस गीजर को क्या बनाता है खास?
संयुक्त राज्य अमेरिका के येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान के नॉरिस गीजर बेसिन क्षेत्र में स्थित इचिनस गीजर अपनी अनोखी अम्लीय जल-रसायन (Acidic Water Chemistry) के कारण अन्य गीजरों से अलग माना जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
- यह दुनिया का सबसे बड़ा अम्लीय (Acidic) गीजर माना जाता है।
- यह येलोस्टोन के सबसे गर्म भू-तापीय क्षेत्र नॉरिस गीजर बेसिन में स्थित है।
- इसके आसपास लाल रंग की चट्टानें पाई जाती हैं जो समुद्री साही (Sea Urchin) जैसी दिखाई देती हैं, इसी कारण इसका नाम Echinus रखा गया।
- इसमें निकलने वाला पानी अम्लीय गैसों और सामान्य भूजल के मिश्रण से बनता है।
- अधिकांश अम्लीय गीजर समय के साथ कमजोर हो जाते हैं क्योंकि अम्ल चट्टानों को धीरे-धीरे घोल देता है।
गीजर कैसे काम करते हैं?
गीजर एक भू-तापीय झरना (Geothermal Spring) होता है जो पृथ्वी के भीतर की गर्मी के कारण समय-समय पर फूटता है।
प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- भूमिगत कक्षों में पानी भर जाता है जो पृथ्वी की सतह से जुड़े होते हैं।
- धरती के भीतर मौजूद मैग्मा इस पानी को गर्म करता है।
- पानी के उबलने से दबाव बढ़ने लगता है।
- भाप के दबाव से गर्म पानी गीजर के छिद्र से ऊपर की ओर फूट पड़ता है और विस्फोट होता है।
- विस्फोट के बाद कक्ष फिर से पानी से भर जाता है और यह चक्र दोहराया जाता है।
- इसी भू-तापीय प्रणाली के कारण येलोस्टोन नेशनल पार्क में दुनिया में सबसे अधिक गीजर पाए जाते हैं।
इचिनस गीजर का विस्फोट इतिहास
- ऐतिहासिक रूप से इचिनस गीजर नियमित रूप से फूटता था।
- 1970 के दशक में हर 40–80 मिनट में विस्फोट होता था।
- कई बार विस्फोट 90 मिनट तक चलता था।
- पानी की ऊँचाई लगभग 75 फीट (23 मीटर) तक पहुँच जाती थी।
हाल के वर्षों में इसकी गतिविधि अनियमित हो गई:
- 2018: 1 विस्फोट दर्ज
- 2019: 1 विस्फोट दर्ज
- 2020: 2 विस्फोट दर्ज
- 2026: फरवरी में गतिविधि फिर शुरू
हालिया विस्फोट लगभग 3 मिनट तक चले और पानी करीब 30 फीट तक उठा।
क्या विस्फोट जारी रहेंगे?
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों के अनुसार गीजर अक्सर कुछ समय के लिए सक्रिय होते हैं और फिर दोबारा शांत हो जाते हैं।
संभावना है कि इचिनस गीजर कुछ सप्ताह या महीनों तक सक्रिय रहने के बाद फिर से निष्क्रिय हो सकता है। फरवरी के अंत तक किए गए अवलोकनों से यह भी संकेत मिला है कि इसकी गतिविधि धीरे-धीरे कम हो सकती है।


भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति पर...
UN ने पेरिस समझौते के तहत पहले कार्बन क्...
भारत-इज़राइल रणनीतिक साझेदारी 2026: यूपी...

