विश्व भूख दिवस 2025 : इतिहास, थीम और महत्व

हर साल 28 मई को ‘विश्व भूख दिवस’ (World Hunger Day) मनाया जाता है, जो वैश्विक समुदाय को भूख और खाद्य असुरक्षा की गंभीर समस्या की याद दिलाता है। यह दिन 800 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करने वाली इस वैश्विक चुनौती के समाधान के लिए जागरूकता फैलाने और दीर्घकालिक, टिकाऊ उपायों को अपनाने की अपील करता है। इसकी शुरुआत 2011 में “द हंगर प्रोजेक्ट” (The Hunger Project) द्वारा की गई थी।

क्यों है समाचारों में?

विश्व भूख दिवस 2025 को बुधवार, 28 मई को मनाया जा रहा है। इस वर्ष का अभियान भूख के मूल कारणों को उजागर करने और ऐसी नीतियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है जो स्थानीय नेतृत्व वाले विकास, जलवायु-लचीली कृषि, और लैंगिक समानता के ज़रिए “शून्य भूख” (Zero Hunger – संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य 2) प्राप्त करने की दिशा में काम करें।

विश्व भूख दिवस: एक परिचय

  • शुरू किया गया: 2011 में द हंगर प्रोजेक्ट द्वारा

  • उद्देश्य: भूख को केवल एक आपदा नहीं, बल्कि एक प्रणालीगत समस्या के रूप में पहचानना, जो गरीबी, असमानता और पर्यावरणीय क्षरण से जुड़ी है।

  • परंपरागत खाद्य सहायता मॉडल से हटकर यह दिन सशक्तिकरण और टिकाऊ विकास पर बल देता है, विशेषकर महिलाओं और छोटे किसानों को केंद्र में रखकर।

थीम और लक्ष्य – 2025

हालांकि 2025 की आधिकारिक थीम भिन्न हो सकती है, फिर भी इसकी मूल भावना स्पष्ट है:

  • शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, जलवायु कार्रवाई और आर्थिक अवसरों में निवेश के ज़रिए लचीली खाद्य प्रणालियाँ बनाना।

  • स्थायी कृषि, घासमूल आंदोलनों और खाद्य संप्रभुता को बढ़ावा देना।

कैसे लें भाग?

विश्व भूख दिवस में भागीदारी केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है। आप इन तरीकों से जुड़ सकते हैं:

  • स्थानीय किसानों से खरीदारी करें या उन संगठनों को दान दें जो उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

  • समुदाय चर्चा आयोजित करें—भूख, जलवायु परिवर्तन और लैंगिक असमानता के बीच संबंध पर।

  • शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढाँचे के माध्यम से लंबी अवधि की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले अभियानों को सहायता करें।

  • सरकारों से अपील करें कि वे सशक्तिकरण-आधारित विकास रणनीतियाँ अपनाएं, न कि केवल राहत आधारित सहायता।

यह क्यों ज़रूरी है?

  • भूख केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि यह सामाजिक अन्याय, आर्थिक असमानता, और जलवायु असुरक्षा से जुड़ी एक जटिल समस्या है।

  • यह दिन हमें याद दिलाता है कि भूख के समाधान के लिए नीतिगत, व्यवहारिक और सामुदायिक बदलाव आवश्यक हैं।

  • यह स्थानीय सफलता मॉडल को वैश्विक मंच पर लाने, नेताओं को जवाबदेह बनाने, और हर व्यक्ति के लिए पोषणयुक्त भोजन और गरिमा का अधिकार सुनिश्चित करने का अवसर है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

10 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

10 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

11 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

12 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

12 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

13 hours ago