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जीका वायरस चर्चा में क्यों?

जीका वायरस चर्चा में क्यों? |_3.1

मुंबई में एक 79 वर्षीय व्यक्ति को जीका वायरस से संक्रमित पाया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद से लोग सर्तक हो गए हैं। यह भी मच्छर से होने वाली के जरिए फैलने वाला एक वायरस है, जो मच्छर के काटने से फैलता है। बरसात के मौसम में अक्सर मच्छरों से जुड़ी कई तरह की बीमारियां लोगों को अपना शिकार बनाती है, जीका वायरस इन्हीं में से एक है।

Zika Virus in Maharashtra: Maharashtra reports its first Zika virus case in 50-year-old Pune woman | Mumbai News - Times of India

जीका वायरस एक ऐसी हल्की बीमारी है जो संक्रमित एडीज मच्छरों से फैलती है, जो डेंगू और चिकनगुनिया भी फैलाते हैं। जीका वायरस से पीड़ित मरीजों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण नजर आते हैं।

 

क्या है जीका वायरस

जीका एक मच्छर जनित यानी मॉस्किटो बॉर्न वायरस है, जो डेंगू बुखार, पीला बुखार और वेस्ट नाइल वायरस के समान है। यह संक्रमण माइक्रोसेफली नामक बर्थ डिफेक्ट से जुड़ा है, जो गर्भवती होने पर जीका से संक्रमित होने वाली महिलाओं से पैदा होने वाले बच्चों को प्रभावित कर सकता है। जीका एक संक्रामक रोग है, जो वायरस से होता है। यह वायरस संक्रमित मच्छरों द्वारा फैलता है, जिनमें एडीज़ एजिप्टी और एडीज़ एल्बोपिक्टस प्रजातियां शामिल हैं। जीका वायरस आमतौर पर हल्का होता है और अपने आप ठीक हो जाता है। हालांकि, इस वायरस का असर सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भस्थ शिशु पर देखा गया है।

 

7 दशक पुराना है जीका वायरस

मच्छरजनित जीका वायरस लापरवाही के कारण खतरनाक भी हो सकता है। यहां बता दें कि साल 1947 में युगांडा में सबसे पहले जीका वायरस की पहचान की गई थी। यह छोटे बच्चों के लिए कभी-कभार खतरनाक हो जाता है।

 

जीका वायरस के लक्षण-

  • बुखार
  • शरीर में दाने, लाल धब्बे जो चपटे, उभरे हुए या दोनों हो सकते हैं
  • आर्थ्राल्जिया (जोड़ों का दर्द)
  • कंजंक्टिवाइटिस (लाल, सूजी हुई आंखें)
  • सिरदर्द

 

जीका वायरस से बचाव

जीका वायरस से खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका उन देशों की यात्रा न करना है, जहां जीका के मामले सामने आ रहे हों। मच्छरों को काटने से रोकने के लिए लंबी बाजू वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें। जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें और वातानुकूलित कमरों में रहें। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। गर्भवती महिलाएं डीईईटी या पिकार्डिन वाले बग स्प्रे के इस्तेमाल से खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।

 

जीका वायरस का इलाज

जीका वायरस संक्रमण का इलाज इसके लक्षणों पर निर्भर करता है, जो ज्यादातर लोगों में हल्के होते हैं। ऐसे में इसके इलाज के तौर पर डॉक्टर आपको आराम करने, खूब सारे तरल पदार्थ पीने और बुखार के लिए एसिटामिनोफेन लेने की सलाह दे सकते हैं।

 

WHO की प्रतिक्रिया

डब्ल्यूएचओ प्रकोप की पुष्टि करने वाले देशों का समर्थन करता है, मच्छर जनित बीमारियों के प्रबंधन पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करता है, उपकरण और रणनीति विकसित करता है, प्रशिक्षण प्रदान करता है, और जीका वायरस की निगरानी, निदान और नियंत्रण बढ़ाने के लिए सदस्य राज्यों के लिए दिशानिर्देश प्रकाशित करता है।

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FAQs

वायरस से होने वाला रोग कौन सा है?

वायरस से होने वाली कुछ बीमारियों में चेचक, सामान्य सर्दी जुकाम, चिकन पॉक्स, इन्फ्लूएंजा, जेनाइटल हर्पीस, मीजल्स, रेबीज, इबोला, पोलियो, एड्स आदि हैं। जानवरों को प्रभावित करने वाली बीमारियों में रेबीज, बर्ड फ्लू स्वाइन फ्लू शामिल हैं।