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जानें क्या है AI टूल ‘सभासार’, जो ग्राम पंचायतों के काम को बना देगा आसान?

भारत सरकार ने ग्राम सभाओं की कार्यप्रणाली को सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए एआई-आधारित टूल ‘सभासार’ की शुरुआत की है। इसे पहले त्रिपुरा में लागू किया गया है और धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य है—ग्राम स्तरीय शासन को डिजिटल, मानकीकृत और लोकतांत्रिक बनाना।

क्या है ‘सभासार’?

‘सभासार’ एक एआई-सक्षम डॉक्यूमेंटेशन टूल है, जो ग्राम सभा बैठकों की वीडियो और ऑडियो कार्यवाही को संरचित Minutes of Meeting (MoM) में बदलता है।

मुख्य विशेषताएँ

  • एआई जनरेटेड मिनट्स: बैठक के वीडियो/ऑडियो को स्वतः संक्षिप्त कार्यवृत्त में परिवर्तित करता है।

  • भाषा समर्थन: भाषिणी प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित—हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती और अंग्रेज़ी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध।

  • एकरूपता: पूरे भारत में समान प्रकार का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करता है।

  • सुलभता: e-GramSwaraj लॉगिन से अधिकारी सीधे अपलोड कर सकते हैं।

  • पारदर्शिता: ग्रामवासी तुरंत संक्षेपित कार्यवृत्त देख सकेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी।

ग्राम सभा का डिजिटल इकोसिस्टम

‘सभासार’ अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर कार्य करता है:

  1. पंचायत निर्णय (NIRNAY) पोर्टल

    • ग्राम सभा की बैठकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग।

    • बैठक का शेड्यूल, सार्वजनिक सूचना और एजेंडा पूर्व-प्रसारित।

    • FY 2024–25 में 10,000+ बैठकें इस प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित।

  2. ई-ग्रामस्वराज पोर्टल

    • पंचायत स्तर की योजनाएँ, बजट और खातों की निगरानी।

    • ‘सभासार’ से जुड़ा हुआ, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित।

  3. भाषिणी प्लेटफ़ॉर्म

    • एआई आधारित भाषा अनुवाद पहल।

    • डिजिटल और भाषाई खाई को पाटता है।

    • ‘सभासार’ का भाषा-आधारित आधार।

भारतीय राजनीति में ग्राम सभा का महत्व

  • संवैधानिक आधार: 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1993।

  • अनिवार्य बैठकें: वर्ष में कम से कम 4 (26 जनवरी, 1 मई, 15 अगस्त, 2 अक्टूबर)।

  • संरचना: ग्राम के सभी पंजीकृत मतदाता।

ग्राम सभा के कार्य

  • विकास योजनाओं की स्वीकृति।

  • कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी।

  • पंचायत की जवाबदेही सुनिश्चित करना।

आँकड़े (2025)

  • 2,55,397 ग्राम पंचायतें

  • 6,742 मध्यवर्ती पंचायतें

  • 665 जिला पंचायतें

  • 16,189 पारंपरिक स्थानीय निकाय
    ये सभी प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से ग्राम सभा से जुड़े हुए हैं।

UPSC दृष्टिकोण से प्रासंगिकता

  • 73वाँ संशोधन (Panchayati Raj)

  • ई-गवर्नेंस पहलें

  • लोकतंत्र का गहनकरण और citizen participation

  • प्रशासन में प्रौद्योगिकी का उपयोग

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