नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव: बालेन शाह बन सकते हैं अगले प्रधानमंत्री

नेपाल के आम चुनाव में वोटों की गिनती अभी जारी है, लेकिन रैपर से नेता बने बालेन शाह शुरुआती रुझानों में निर्णायक बढ़त लेते दिख रहे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि वो देश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। नेपाल में 2026 के संसदीय चुनाव के बाद राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चुनाव परिणामों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरती दिखाई दे रही है। पार्टी के नेता बलेंद्र “बालेन” शाह, जो 35 वर्षीय रैपर से राजनेता बने हैं और काठमांडू के पूर्व मेयर भी रह चुके हैं, अब नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।

यह चुनाव 2025 के Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के कुछ महीनों बाद हुए, जिनके कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की बड़ी बढ़त

  • नेपाल के संसदीय चुनाव 2026 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने मजबूत बढ़त हासिल की है, जो देश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत देती है।
  • यह पार्टी केवल तीन साल पहले ही स्थापित हुई थी।
  • शुरुआती परिणामों में पार्टी ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत और बढ़त दर्ज की।
  • 150 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटों की गिनती के दौरान RSP ने 2 सीटें जीत लीं और 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली।

दूसरी ओर पारंपरिक दल जैसे:

  • नेपाली कांग्रेस (NC)
  • कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (UML)

इन परिणामों में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि नेपाल के मतदाता अब नए नेतृत्व और सुधारवादी राजनीति को अधिक समर्थन दे रहे हैं।

बालेन शाह: रैपर और मेयर से प्रधानमंत्री पद तक

  • बालेन शाह का राजनीतिक सफर नेपाल की हालिया राजनीति की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक माना जा रहा है।
  • उन्होंने 2022 में काठमांडू के मेयर चुनाव एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीतकर राष्ट्रीय पहचान हासिल की।
  • उनका अभियान सुशासन, पारदर्शिता और युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित था।
  • 35 वर्षीय शाह पहले रैपर और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी प्रसिद्ध रहे हैं।

उनकी लोकप्रियता खासकर युवा मतदाताओं और शहरी नागरिकों के बीच तेजी से बढ़ी, जिससे नेपाल चुनाव 2026 में RSP को व्यापक समर्थन मिला।

नेपाल की संसद और चुनाव प्रणाली

नेपाल की संघीय संसद में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) होती है, जिसमें कुल 275 सदस्य होते हैं।

चुनाव मिश्रित प्रणाली (Mixed Electoral System) के तहत कराए जाते हैं:

  • 165 सीटें – First Past the Post प्रणाली से

यानी जिस उम्मीदवार को किसी क्षेत्र में सबसे अधिक वोट मिलते हैं, वही जीतता है।

  • 110 सीटें – Proportional Representation प्रणाली से

इसमें पार्टियों को उनके कुल वोट प्रतिशत के आधार पर सीटें मिलती हैं।

नेपाल चुनाव 2026 के अंतिम परिणाम वोटों की पूरी गिनती और प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सीटों के आवंटन के बाद घोषित किए जाएंगे।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

जेवर एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में 10 अहम बातें जो आपको पता होनी चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में 'नोएडा इंटरनेशनल…

6 hours ago

भारतीय हॉकी खिलाड़ी गुरजंत सिंह ने संन्यास लिया

भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया…

7 hours ago

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल पूरा: हरित रेल क्रांति की शुरुआत

भारत ने सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली…

7 hours ago

जापान की 275 किमी/घंटा रफ्तार वाली कार्गो बुलेट ट्रेन: दुनिया की पहली हाई-स्पीड फ्रेट शिंकानसेन समझिए

जापान ने अपनी प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन को केवल माल ढुलाई (फ्रेट) के लिए उपयोग करके…

7 hours ago

PM मोदी ने किया एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन, जानें सबकुछ

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के…

8 hours ago

COVID का नया वेरिएंट BA.3.2: लक्षण, जोखिम और अब तक हमें क्या पता है

एक नया COVID-19 वैरिएंट BA.3.2, जिसे ‘सिकाडा वैरिएंट’ के नाम से जाना जा रहा है,…

8 hours ago