भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई।

उस सप्ताह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 4.88 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से सोने के भंडार और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में बढ़ोतरी के कारण हुई। इससे पहले का रिकॉर्ड 726 अरब डॉलर था, जो 13 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में दर्ज किया गया था।

भारत का फॉरेक्स रिजर्व 2026

RBI के आंकड़ों के अनुसार भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि कई घटकों के कारण हुई।

  • कुल भंडार में 4.88 अरब डॉलर की वृद्धि हुई।
  • विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) में 561 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई।
  • FCA भारत के फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होता है।

इन परिसंपत्तियों में प्रमुख वैश्विक मुद्राएँ शामिल होती हैं जैसे:

  • अमेरिकी डॉलर
  • यूरो
  • पाउंड स्टर्लिंग
  • जापानी येन

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि वैश्विक मुद्राओं के मूल्य में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हुए बदलाव को भी दर्शाती है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश की वित्तीय स्थिरता और मुद्रा की मजबूती बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत के फॉरेक्स रिजर्व बढ़ने का प्रमुख कारण

भारत के रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार के पीछे सबसे बड़ा कारण सोने के भंडार में तेज वृद्धि रहा।

  • सोने के भंडार में 4.14 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई।
  • कुल स्वर्ण भंडार 131 अरब डॉलर तक पहुँच गया।
  • इसी अवधि में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में लगभग 3.36% की वृद्धि हुई।

सोने की कीमत लगभग 5,278 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच गई, जिससे भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

SDR और IMF रिजर्व पोज़िशन में बदलाव

  • सोने और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के अलावा अन्य घटकों में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • Special Drawing Rights (SDRs) में 26 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और यह 18.86 अरब डॉलर पर पहुँच गया।
  • International Monetary Fund (IMF) में भारत की रिजर्व पोज़िशन 158 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गई।
  • SDR अंतरराष्ट्रीय रिजर्व परिसंपत्तियाँ होती हैं जिन्हें IMF द्वारा सदस्य देशों के भंडार को मजबूत करने के लिए बनाया जाता है।

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत के फॉरेक्स रिजर्व की वृद्धि

RBI के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025–26 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • अब तक फॉरेक्स रिजर्व में 63 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
  • यह वृद्धि मजबूत पूंजी प्रवाह, मूल्यांकन लाभ और सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।

उच्च विदेशी मुद्रा भंडार भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों और मुद्रा उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 weeks ago