अर्जुन कुमार एरिगैसी भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा शतरंज खिलाड़ियों में से एक हैं, जो अपनी चतुर सोच और साहसिक खेल शैली के लिए जाने जाते हैं। वे बहुत कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बन गए और कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत को गौरवान्वित किया है। तेलंगाना के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक बनने तक का उनका सफ़र वाकई प्रेरणादायक है और उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा को दर्शाता है।
दोस्तों के साथ शतरंज खेलना शुरू किया
3 सितंबर 2003 को आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) के वारंगल में जन्मे अर्जुन ने अपने दोस्तों के साथ मनोरंजन के लिए शतरंज खेलना शुरू किया। यह मंदिर शहर तिरुपति में उनके किंडरगार्टन शिक्षक थे जिन्होंने अर्जुन के माता-पिता को सलाह दी थी कि शतरंज खेलना उनके लिए अच्छा होगा। क्योंकि अर्जुन के पास सीखने की क्षमता और ललक थी। वह चीजों को तेजी से याद करते थे। उनकी रुचि को देखते हुए, उनके न्यूरोसर्जन पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में चेस की ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया, और उन्हें हनमकोंडा में बीएस शतरंज अकादमी और बाद में उनके गृहनगर वारंगल में कोथापेट में रेस अकादमी में भर्ती कराया।
विश्वनाथन आनंद के बाद रचा इतिहास
अर्जुन एरिगैसी FIDE रैंकिंग में 2800 एलो रेटिंग अंक हासिल करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। उनसे पहले सिर्फ ये कारनामा विश्वनाथन आनंद ने किया है। अर्जुन एरिगैसी ने 14 साल की उम्र में ही ग्रैंडमास्टर का खिताब अपने नाम कर लिया था। अर्जुन ने काफी कम उम्र में ही शतरंज के मास्टर बनाने का सफर शुरु कर दिया था।
अर्जुन एरिगैसी का प्रारंभिक करियर
अर्जुन की प्रतिभा उनके करियर की शुरुआत से ही स्पष्ट थी। वर्ष 2015 में उन्होंने कोरिया में आयोजित एशियाई यूथ चैम्पियनशिप में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता। यह उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता थी, जिसने उन्हें भारत के अग्रणी शतरंज खिलाड़ियों में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ाया।
2021 में उभार
अर्जुन एरिगैसी के करियर का टर्निंग पॉइंट साल वर्ष 2021 में साबित हुआ। वे गोल्डमनी एशियन रैपिड (Champions Chess Tour) के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जूनियर U21 राउंड टेबल ओपन (बुल्गारिया) में दूसरा स्थान और लिंडोर्स एबे ब्लिट्ज टूर्नामेंट (रीगा) में तीसरा स्थान हासिल किया। उसी वर्ष उन्होंने टाटा स्टील इंडिया चेस टूर्नामेंट 2021 के रैपिड सेक्शन में शानदार जीत दर्ज की, जहाँ उन्होंने लेवोन अरोनियन और विदित गुजराती जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को पछाड़ा।
अर्जुन एरिगैसी का हालिया प्रदर्शन
टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट 2025 में अर्जुन ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 10वां स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने इतिहास रचते हुए Chess.com फ्रीस्टाइल फ्राइडे की तीनों लगातार प्रतियोगिताएँ जीतीं, जो अब तक का एक रिकॉर्ड उपलब्धि है। जून 2025 में, उन्होंने लंदन में आयोजित वर्ल्ड रैपिड चेस चैम्पियनशिप में अपनी टीम को विजेता बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अर्जुन एरिगैसी को प्राप्त पुरस्कार और सम्मान
अर्जुन की मेहनत और सफलता ने उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार दिलाए हैं —
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स्पोर्टस्टार इमर्जिंग हीरो अवॉर्ड (2023)
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TOISA चेस प्लेयर ऑफ द ईयर (2021)


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