नीति आयोग ने भारत के सबसे पिछड़े जिलों और ब्लॉकों में बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए संपूर्णता अभियान 2.0 नाम से एक नया राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। यह अभियान 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर तीन महीने (14 अप्रैल 2026 तक) चलेगा। इसका फोकस स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, शिक्षा और पशु टीकाकरण जैसे अहम क्षेत्रों पर है।
इस पहल का मूल उद्देश्य सरल है—हर पात्र व्यक्ति तक जरूरी सरकारी सेवाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना। यह मिशन पहले के आकांक्षी कार्यक्रमों पर आधारित है और सीमित समय में जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाला, मापने योग्य बदलाव लाने का लक्ष्य रखता है।
संपूर्णता अभियान 2.0 क्या है?
- यह एक समयबद्ध तीन महीने का अभियान है, जो 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
- इसका मुख्य लक्ष्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में मौजूद लास्ट-माइल गैप को खत्म करना है।
- आंशिक सुधार के बजाय पूर्ण संतृप्ति (Full Saturation) पर जोर दिया गया है, यानी कोई भी पात्र लाभार्थी छूटे नहीं।
- जिले और ब्लॉक कार्ययोजना तैयार करेंगे, हर महीने प्रगति की समीक्षा होगी और जरूरत पड़ने पर रणनीति बदली जाएगी।
- यह अभियान 2024 के संपूर्णता अभियान की सफलता पर आधारित है, जिसने दिखाया कि कम समय में केंद्रित प्रयास बड़े नतीजे दे सकते हैं।
- यह पहल कागजी कामकाज से आगे बढ़कर परिणाम-आधारित शासन को दर्शाती है।
आकांक्षी ब्लॉकों के लिए प्रमुख संकेतक (KPIs)
आकांक्षी ब्लॉकों के लिए छह प्रमुख प्रदर्शन संकेतक तय किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- ICDS के तहत बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण
- आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की सही और नियमित वृद्धि माप
- आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यशील शौचालय और पीने का पानी
- स्कूलों में लड़कियों के लिए पर्याप्त शौचालय
- पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) के खिलाफ टीकाकरण
ये संकेतक सीधे तौर पर बाल स्वास्थ्य, स्वच्छता, स्कूल उपस्थिति और ग्रामीण आजीविका से जुड़े हैं। इन बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देकर ब्लॉक स्तर पर सेवा-प्रदान को मजबूत किया जाएगा।
आकांक्षी जिलों के लिए प्रमुख संकेतक
- आकांक्षी जिलों के लिए पांच KPIs निर्धारित किए गए हैं:
- नवजात शिशुओं का वजन मापन
- सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों से टीबी मामलों की रिपोर्टिंग
- ग्राम और शहरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवसों का आयोजन
- स्कूलों में कार्यशील बालिका शौचालय
- पशु टीकाकरण कवरेज
ये संकेतक स्वास्थ्य प्रणाली, रोग निगरानी, स्वच्छता जागरूकता और शिक्षा ढांचे जैसे व्यापक जिला-स्तरीय परिणामों को दर्शाते हैं।
अभियान का क्रियान्वयन कैसे होगा?
- प्रत्येक जिला और ब्लॉक तीन महीने की कार्ययोजना बनाएगा।
- डेटा डैशबोर्ड के माध्यम से हर महीने प्रगति की समीक्षा होगी।
- समुदायों को जोड़ने के लिए जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां चलाई जाएंगी।
- जिला स्तरीय अधिकारी नियमित फील्ड विज़िट करेंगे।
- नीति आयोग, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और विकास भागीदारों के साथ मिलकर योजना, क्षमता निर्माण और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा।
- यह व्यवस्था जवाबदेही, त्वरित फीडबैक और सीमित समय में ठोस परिणाम सुनिश्चित करती है।
आकांक्षी कार्यक्रमों की पृष्ठभूमि
- आकांक्षी जिला कार्यक्रम 2018 में शुरू हुआ था, जिसमें 112 जिलों को शामिल किया गया—उद्देश्य था स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे में सुधार।
- इसके विस्तार के रूप में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम 2023 में शुरू किया गया, जो अब 513 ब्लॉकों को कवर करता है।
- दोनों कार्यक्रम डेटा, प्रतिस्पर्धा और सहयोग के माध्यम से पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देते हैं।


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