भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 5 मार्च 2025 को राष्ट्रपति भवन में ‘विविधता का अमृत महोत्सव’ के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। यह महोत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है, जिसमें प्रत्येक संस्करण में विभिन्न क्षेत्रों की झलक देखने को मिलती है। इस बार का आयोजन दक्षिण भारत के राज्यों – कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेशों – लक्षद्वीप और पुडुचेरी पर केंद्रित है।
यह पहल कारीगरों, कलाकारों, साहित्यकारों और पाक विशेषज्ञों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है, जिससे आगंतुक दक्षिण भारतीय परंपराओं, हस्तशिल्प, साहित्य और व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं।
महोत्सव को सात संस्करणों में विभाजित किया गया है, जिनमें प्रत्येक क्षेत्र को अलग से प्रस्तुत किया जाएगा:
| श्रेणी | विवरण |
| क्यों चर्चा में है? | राष्ट्रपति द्वारा ‘विविधता का अमृत महोत्सव’ का उद्घाटन |
| केंद्रित क्षेत्र | दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप, पुडुचेरी) |
| प्रतिभागियों की संख्या | लगभग 500 कारीगर और बुनकर |
| मुख्य आकर्षण | सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, हस्तशिल्प, हथकरघा प्रदर्शनियां, साहित्यिक चर्चा, भोजन मंडप |
| सार्वजनिक तिथियां | 6 मार्च – 9 मार्च 2025 |
| समय | प्रातः 10 बजे – रात्रि 8 बजे |
| प्रवेश द्वार | गेट नंबर 35, राष्ट्रपति भवन |
| ऑनलाइन बुकिंग | visit.rashtrapatibhavan.gov.in |
| कुल उद्देश्य | भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करना और कारीगरों को सशक्त बनाना |
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