Home   »   उपराष्ट्रपति ने विज्ञान भवन में शिल्प...

उपराष्ट्रपति ने विज्ञान भवन में शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए

उपराष्ट्रपति ने विज्ञान भवन में शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए |_30.1

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हमारे हस्तशिल्प हमारी जीवंत विरासत है, साथ ही उन्होंने हस्तशिल्प के सभी उपभोक्ताओं से स्थानीय निर्मितियों की सराहना करने और इसके बारे में मुखर होने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के संगठित विपणन और उनकी ब्रांडिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आतंरिक वास्तुशिल्पियों (इंटीरियर डिजाइनरों) को इस समृद्ध सम्पदा पर भी ध्यान देना चाहिए।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में वर्ष 2017, 2018, 2019 के लिए शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करने के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे उत्कृष्ट शिल्पकारों की अनूठी प्रतिभा भारत का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने उपस्थित शिल्प गुरुओं से कहा, “अपनी सूक्ष्म कारीगरी से, आप भारत की सांस्कृतिक विविधता को सुशोभित और समृद्ध करते हैं।

 

यह देखते हुए कि इन कौशलों में महारत प्राप्त करने के लिए कई पीढ़ियों के प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आप सबकी रचनात्मकता, कौशल और कड़ी मेहनत के कारण, भारत की हस्तकला की विश्व में सबसे अधिक मांग है। उन्होंने कहा “आप भारत की रचनात्मक परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए शिल्प कौशल की भारत की अमूर्त विरासत को आगे बढ़ाते हैं।

 

उपराष्ट्रपति ने भारतीय हस्तशिल्पियों के कल्याण और उनकी भलाई को सुनिश्चित करने के लिए हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद और केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय गई द्वारा की की पहलों की सराहना की। केंद्रीय वाणिज्य तथा उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल, वस्त्र मंत्रालय की सचिव रचना शाह, वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शांतमनु तथा सम्पूर्ण भारत से आए पुरस्कार विजेता और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस आयोजन में उपस्थित थे।

Find More Awards News Here

उपराष्ट्रपति ने विज्ञान भवन में शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए |_40.1

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *