केंद्रीय बजट 2025: ‘बही खाता’ क्या है?

2019 में, भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट प्रस्तुति के दिन पारंपरिक ब्रीफकेस की जगह ‘बही खाता’ लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया। यह परिवर्तन सिर्फ एक प्रतीकात्मक बदलाव नहीं था, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, वित्तीय समावेशन और औपनिवेशिक परंपराओं से अलग होने का महत्वपूर्ण संकेत था।

‘बही खाता’ क्या है?

बही खाता पारंपरिक भारतीय लेखा-बही है, जिसका उपयोग व्यापारिक लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाता है। यह एक कपड़े में लिपटी हुई बंधी हुई किताब होती है, जिसमें हाथ से लिखे गए खाते दर्ज होते हैं। ‘बही’ का अर्थ ‘पुस्तक’ और ‘खाता’ का अर्थ ‘लेखांकन’ से है।

निर्मला सीतारमण द्वारा बजट के दौरान प्रस्तुत किया गया बही खाता लाल कपड़े में लिपटा हुआ था, जो भारतीय संस्कृति में समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह पारंपरिक लेखा-पद्धति भारत की आर्थिक आकांक्षाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन गया।

औपनिवेशिक विरासत और ब्रीफकेस की परंपरा

दशकों तक, भारत के वित्त मंत्री संसद के बाहर बजट दस्तावेजों को चमड़े के ब्रीफकेस में लेकर खड़े होते थे। यह परंपरा ब्रिटिश शासन से चली आ रही थी और पश्चिमी नौकरशाही का प्रतीक बन गई थी।

2019 में ‘बही खाता’ का उपयोग औपनिवेशिक परंपराओं से अलग होकर भारतीय पहचान को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया।

ब्रीफकेस से ‘बही खाता’ की ओर बदलाव क्यों?

इस बदलाव का उद्देश्य केवल एक प्रतीकात्मक परिवर्तन नहीं था, बल्कि यह भारत की बदलती पहचान और प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:

  1. औपनिवेशिक परंपराओं से दूर जाने की दिशा में एक कदम
    • ‘बही खाता’ अपनाना भारतीय शासन प्रणाली में विदेशी प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
    • यह भारत की स्वदेशी परंपराओं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  2. भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
    • भारत में लेखा-बही की परंपरा सदियों पुरानी है।
    • यह पारंपरिक लेखांकन प्रणाली और आर्थिक प्रबंधन की गहरी जड़ों को दर्शाता है।
  3. वित्तीय समावेशन का प्रतीक
    • ब्रीफकेस आमतौर पर उच्च वर्गीय नौकरशाहों और कॉर्पोरेट अधिकारियों से जुड़ा होता है।
    • इसके विपरीत, ‘बही खाता’ आम व्यापारियों, छोटे व्यवसायों और परिवारिक उद्यमों से जुड़ा हुआ है, जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
    • यह बदलाव सभी वर्गों के लिए आर्थिक समावेशन और सरकार की नीतियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के संकल्प को दर्शाता है।
  4. परंपरा और आधुनिकता का समावेश
    • ‘बही खाता’ पारंपरिक लेखा प्रणाली का हिस्सा होते हुए भी आधुनिक वित्तीय नीतियों और योजनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
    • यह संकेत देता है कि भारत अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ सकता है।

आधुनिक लेखांकन में ‘बही खाता’ की प्रासंगिकता

आज के डिजिटल युग में अधिकांश व्यवसाय कंप्यूटर आधारित लेखांकन प्रणाली, सॉफ्टवेयर और डिजिटल टूल्स का उपयोग करते हैं। हालांकि, छोटे व्यापारी और पारंपरिक व्यवसाय आज भी बही खाते का उपयोग करते हैं।

बजट प्रस्तुति में ‘बही खाता’ का उपयोग इस यात्रा का प्रतीक है कि भारत पारंपरिक लेखा प्रणालियों से आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूला है।

आधुनिक भारत में ‘बही खाता’ का महत्व

आज के संदर्भ में, ‘बही खाता’ भारत के वार्षिक बजट का प्रतीक बन चुका है। यह दर्शाता है:

  • आर्थिक समृद्धि – लाल कपड़े में लिपटा ‘बही खाता’ समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है।
  • संस्कृतिक पहचान – यह भारतीय परंपराओं और स्वदेशी आर्थिक प्रणालियों के महत्व को उजागर करता है।
  • समावेशी शासन – यह उन छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से जुड़ता है जो भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव रखते हैं।

निष्कर्ष

‘बही खाता’ का उपयोग सिर्फ एक परंपरा का पुनरुत्थान नहीं, बल्कि यह भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को दोबारा स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आधुनिक आर्थिक नीतियों और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन को दर्शाता है और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

10 hours ago

अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…

10 hours ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

10 hours ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

10 hours ago

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

11 hours ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

11 hours ago