भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आधार मैस्कॉट ‘उदय (Udai)’ का शुभारंभ किया है। यह मैस्कॉट नागरिकों के लिए एक कम्युनिकेशन साथी (resident-facing companion) के रूप में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य आधार से जुड़ी जानकारी और सेवाओं को आसान, मित्रवत और समझने योग्य बनाना है।
उदय को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि वह तकनीक और आम नागरिकों के बीच की दूरी को कम करे। यह मैस्कॉट आधार से संबंधित विभिन्न सेवाओं को सरल भाषा और आकर्षक तरीके से समझाने में मदद करेगा, जैसे—
इस मैस्कॉट-आधारित दृष्टिकोण से UIDAI का लक्ष्य विशेष रूप से पहली बार उपयोग करने वाले नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों तक प्रभावी संचार सुनिश्चित करना है।
उदय के डिज़ाइन और नामकरण के लिए UIDAI ने MyGov प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय स्तर की खुली प्रतियोगिताएँ आयोजित कीं। इस पहल को देशभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली—
अंततः चयनित मैस्कॉट सार्वजनिक रचनात्मकता और संस्थागत परिष्कार का उत्कृष्ट मिश्रण है।
मैस्कॉट डिज़ाइन प्रतियोगिता
मैस्कॉट नामकरण प्रतियोगिता
मैस्कॉट का नाम ‘उदय’ रखा गया, जो विकास, प्रगति और सशक्तिकरण का प्रतीक है—ये मूल्य आधार की भावना से जुड़े हैं।
उदय का अनावरण UIDAI के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में किया। उन्होंने प्रतियोगिता विजेताओं को सम्मानित भी किया। मिश्रा ने कहा कि उदय का शुभारंभ एक अरब से अधिक नागरिकों के लिए आधार संचार को सरल और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में अहम कदम है।
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने नागरिक भागीदारी को विश्वास और स्वीकार्यता का आधार बताया। विवेक सी. वर्मा के अनुसार, उदय एक साथी और कथावाचक के रूप में नागरिकों को आधार जानकारी से सहजता से जोड़ने में मदद करेगा।
यह पहल निम्नलिखित विषयों के अंतर्गत महत्वपूर्ण है—
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